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जन्म दिन पर उठी युवक की अर्थी
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शनिवार की रात और रविवार का दिन कई परिवारों पर भारी रहा। तीन अलग अलग सड़क हादसों में करनाल के तीन लोगों की मौत हो गई, इनमें छात्र, पलंबर और शराब ठेकेदार शामिल हैं। कैथल के पास पुंडरी में हुए हादसे में छह लोगों की मौत हो गयी, इसमें गांव गगसीना निवासी छात्र दीपक (24) भी शामिल था। घर पर परिजन रविवार को दीपक के जन्मदिन का इंतजार कर रहे थे, लेकिन दुर्घटना के बाद उसका अंतिम संस्कार करना पड़ा।
दूसरी ओर एक अन्य दुर्घटना में एक पलंबर रामपुरा कटाबाग निवासी बलबीर सिंह (44) की सड़क हादसे में जीटी रोड पर मौत हो गई। हादसे के बाद सारी रात सड़क पर ही उसका शव पड़ा रहा, लेकिन किसी ने सुध नहीं ली। तीसरे मामले में अरडाना निवासी शराब ठेकेदार अनिल राणा (42) अपने बच्चों के लिए फल लेकर असंध से घर के लिए चला था, लेकिन रास्ते में उसकी गाड़ी को ट्रक ने टक्कर मार दी और उसकी मौत हो गई। तीनों ही घटनाओं से गांवों और मोहल्लों में मातम छा गया। तीनों ही मामलों में पुलिस ने रविवार को पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिए। दोपहर बाद तीनों का अंतिम संस्कार किया गया तो हर ग्रामीण की आंखें नम हो गईं। साथ ही पुलिस तीनों मामलों में अलग अलग केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
केस-1
जन्मदिवस के दिन हुआ अंतिम संस्कार, पुलिस में भर्ती होना चाहता था दीपक
घरौंडा। पूंडरी ढांड रोड पर हुए सड़क हादसे में गांव गगसीना के युवक दीपक की मौत हो गयी। घर में जहां परिजन उसके जन्मदिन का इंतजार कर रहे थे, वहीं उसी दिन उसका अंतिम संस्कार करना पड़ा। यह देखकर हर किसी की आंखें नम हो गयी। पूरे गांव में माहौल गमगीन था। परिनजों के अनुसार दीपक अपनी पढ़ाई करके पुलिस में भर्ती होना चाहता था। बता दें कि गांव गगसीना के रहने वाले 23 वर्षीय दीपक शनिवार की रात को अपने दोस्तों के साथ स्कार्पियो गाड़ी में सवार होकर कुरुक्षेत्र से कैथल की ओर जा रहे थे। पूंडरी ढांड रोड पर अचानक स्कार्पियो का संतुलन बिगड़ गया और उनकी गाड़ी ड्रेन पुल के निकट गहरी खाई में जा गिरी, जिसमें पांचों युवकों की मौत हो गई। गांव में दीपक की मौत होने की सूचना परिजनों को मिली तो पूरे परिवार का बुरा हाल था। गांव में मातम छा गया। पुलिस ने दीपक के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। मृतक के चचेरे भाई कर्मबीर ने बताया कि दीपक का 2 फरवरी को जन्मदिन का था। उसने बताया कि दीपक ने बाहरवीं कक्षा पास कर ली थी और आगे करनाल में पढ़ाई कर रहा था। उसने बताया कि दीपक पढ़ कर पुलिस में भर्ती होना चाहता था।
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केस-2
पूरी रात सड़क पर पड़ा रहा शव, बच्चे घर पर करते रहे इंतजार
मां पहले ही साथ छोड़ गयी, अब पिता के जाने से हुए अनाथ
मेरठ रोड सूरज नगर कॉलोनी रामपुरा कटाबाग निवासी बलबीर जीटी रोड पर हवेली होटल में पलंबर का काम पिछले 12 साल से करता था। वह सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक ड्यूटी देता था। एक फरवरी को वह ड्यूटी पूरी कर हवेली होटल से घर के लिये चला था तो बाइक पर उसने हेलमेट भी लगाया हुआ था। जब वह बलड़ी चौक फ्लाईओवर पर पहुंचा तो वहां किसी अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी। गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौत हो गई और पूरी रात उसका शव सड़क पर ही पड़ा रहा। सुबह सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची तो उसकी जेब से उसका आधार कार्ड मिला। इसके बाद पते पर पुलिस उनके घर पहुंची तो वहां उनके दो बेटे पापा के आने का इंतजार कर रहे थे। पुलिस ने परिजनों को सड़क हादसे की सूचना दी। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया। बलबीर की पत्नी की मौत करीब एक साल पहले बीमारी के कारण हो गई थी। उसके दो बेटे 13 व 16 साल के हैं। उनके साथ वह रहता था। दोनों बेटों से मां के बाद पिता का भी साया उठ गया। सदर थाना पुलिस जांच अधिकारी एएसआई नरेंद्र ने बताया कि अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
केस-3
बच्चों के लिए फल लेकर चले थे अनिल, हादसे का हुए शिकार
असंध। गांव अरडाना निवासी शराब ठेकेदार व पूर्व सरपंच सुनील के भाई अनिल राणा असंध से शनिवार रात को घर वापस जा रहे थे तो असंध से निकलते ही कुछ दूरी पर एक ट्रक की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गये। लोग उन्हें अस्पताल पहुंचाते, इससे पहले ही दम तोड़ दिया। असंध थाना पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बताया जाता है कि शनिवार रात को अनिल राणा असंध से बच्चों के लिए फल लेकर घर के लिए निकले थे। कार में सवार अनिल जैसे ही असंध से निकले तो एक ट्रक की चपेट में आ गये। हादसे में वह बुरी तरह से जख्मी हो गये। ग्रामीणों ने बताया कि वह अच्छे इंसान थे और सभी के साथ हंसकर बात करते थे। अनिल की मौत से गांव में मातम छाया हुआ है।
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दूसरी ओर एक अन्य दुर्घटना में एक पलंबर रामपुरा कटाबाग निवासी बलबीर सिंह (44) की सड़क हादसे में जीटी रोड पर मौत हो गई। हादसे के बाद सारी रात सड़क पर ही उसका शव पड़ा रहा, लेकिन किसी ने सुध नहीं ली। तीसरे मामले में अरडाना निवासी शराब ठेकेदार अनिल राणा (42) अपने बच्चों के लिए फल लेकर असंध से घर के लिए चला था, लेकिन रास्ते में उसकी गाड़ी को ट्रक ने टक्कर मार दी और उसकी मौत हो गई। तीनों ही घटनाओं से गांवों और मोहल्लों में मातम छा गया। तीनों ही मामलों में पुलिस ने रविवार को पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिए। दोपहर बाद तीनों का अंतिम संस्कार किया गया तो हर ग्रामीण की आंखें नम हो गईं। साथ ही पुलिस तीनों मामलों में अलग अलग केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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केस-1
जन्मदिवस के दिन हुआ अंतिम संस्कार, पुलिस में भर्ती होना चाहता था दीपक
घरौंडा। पूंडरी ढांड रोड पर हुए सड़क हादसे में गांव गगसीना के युवक दीपक की मौत हो गयी। घर में जहां परिजन उसके जन्मदिन का इंतजार कर रहे थे, वहीं उसी दिन उसका अंतिम संस्कार करना पड़ा। यह देखकर हर किसी की आंखें नम हो गयी। पूरे गांव में माहौल गमगीन था। परिनजों के अनुसार दीपक अपनी पढ़ाई करके पुलिस में भर्ती होना चाहता था। बता दें कि गांव गगसीना के रहने वाले 23 वर्षीय दीपक शनिवार की रात को अपने दोस्तों के साथ स्कार्पियो गाड़ी में सवार होकर कुरुक्षेत्र से कैथल की ओर जा रहे थे। पूंडरी ढांड रोड पर अचानक स्कार्पियो का संतुलन बिगड़ गया और उनकी गाड़ी ड्रेन पुल के निकट गहरी खाई में जा गिरी, जिसमें पांचों युवकों की मौत हो गई। गांव में दीपक की मौत होने की सूचना परिजनों को मिली तो पूरे परिवार का बुरा हाल था। गांव में मातम छा गया। पुलिस ने दीपक के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। मृतक के चचेरे भाई कर्मबीर ने बताया कि दीपक का 2 फरवरी को जन्मदिन का था। उसने बताया कि दीपक ने बाहरवीं कक्षा पास कर ली थी और आगे करनाल में पढ़ाई कर रहा था। उसने बताया कि दीपक पढ़ कर पुलिस में भर्ती होना चाहता था।
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केस-2
पूरी रात सड़क पर पड़ा रहा शव, बच्चे घर पर करते रहे इंतजार
मां पहले ही साथ छोड़ गयी, अब पिता के जाने से हुए अनाथ
मेरठ रोड सूरज नगर कॉलोनी रामपुरा कटाबाग निवासी बलबीर जीटी रोड पर हवेली होटल में पलंबर का काम पिछले 12 साल से करता था। वह सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक ड्यूटी देता था। एक फरवरी को वह ड्यूटी पूरी कर हवेली होटल से घर के लिये चला था तो बाइक पर उसने हेलमेट भी लगाया हुआ था। जब वह बलड़ी चौक फ्लाईओवर पर पहुंचा तो वहां किसी अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी। गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौत हो गई और पूरी रात उसका शव सड़क पर ही पड़ा रहा। सुबह सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची तो उसकी जेब से उसका आधार कार्ड मिला। इसके बाद पते पर पुलिस उनके घर पहुंची तो वहां उनके दो बेटे पापा के आने का इंतजार कर रहे थे। पुलिस ने परिजनों को सड़क हादसे की सूचना दी। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया। बलबीर की पत्नी की मौत करीब एक साल पहले बीमारी के कारण हो गई थी। उसके दो बेटे 13 व 16 साल के हैं। उनके साथ वह रहता था। दोनों बेटों से मां के बाद पिता का भी साया उठ गया। सदर थाना पुलिस जांच अधिकारी एएसआई नरेंद्र ने बताया कि अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
केस-3
बच्चों के लिए फल लेकर चले थे अनिल, हादसे का हुए शिकार
असंध। गांव अरडाना निवासी शराब ठेकेदार व पूर्व सरपंच सुनील के भाई अनिल राणा असंध से शनिवार रात को घर वापस जा रहे थे तो असंध से निकलते ही कुछ दूरी पर एक ट्रक की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गये। लोग उन्हें अस्पताल पहुंचाते, इससे पहले ही दम तोड़ दिया। असंध थाना पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बताया जाता है कि शनिवार रात को अनिल राणा असंध से बच्चों के लिए फल लेकर घर के लिए निकले थे। कार में सवार अनिल जैसे ही असंध से निकले तो एक ट्रक की चपेट में आ गये। हादसे में वह बुरी तरह से जख्मी हो गये। ग्रामीणों ने बताया कि वह अच्छे इंसान थे और सभी के साथ हंसकर बात करते थे। अनिल की मौत से गांव में मातम छाया हुआ है।