{"_id":"6160a6128ebc3ea65d542b41","slug":"be-ready-to-shift-dairy-sword-of-action-after-18-karnal-news-knl85900378","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेयरी शिफ्टिंग को हो जाएं तैयार, 18 के बाद कार्रवाई की तलवार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डेयरी शिफ्टिंग को हो जाएं तैयार, 18 के बाद कार्रवाई की तलवार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
करनाल। पिछले कई सालों से नगर निगम शहरी आबादी के अंदर से डेयरियों को बाहर शिफ्ट कराने का प्रयास कर रहा है, लेकिन डेयरी संचालक कोई न कोई बहाना बनाकर पिछले इसे लटकाते आ रहे हैं। ऐसे में अब निगम की ओर से चेतावनी दी गई है कि यदि 18 अक्तूबर तक डेयरी संचालक अपनी डेयरी शिफ्टिंग की प्रक्रिया शुरू नहीं करते तो निगम पशुओं को कब्जे में लेकर डेयरी को सील करेगा। साथ ही जुर्माना भी लगाया जाएगा।
दरअसल नगर निगम ने शहर से दूर पिंगली में डेयरी शिफ्टिंग स्थल बनाया है। वहां सड़कें, बिजली व पानी जैसी सुविधाएं भी मुहैया कराई गई हैं। 232 प्लाटों में 112 लोगों को आवंटित किया जा चुका है। आवंटित व गैरआवंटित प्लाटों की निशानदेही का कार्य भी अब पूरा कर लिया गया है। ऐसे में डेयरी संचालक अब प्लाटों में बिजली का कनेक्शन लेकर निर्माण कार्य शुरू कर सकते हैं।
विदित हो कि निगम ने इससे पहले भी पशुओं को कब्जे में लेकर प्रत्येक पशु को छुड़वाने के लिए 5 हजार रुपये का जुर्माना तय किया था, अब जुर्माने की नई राशि क्या होगी, इस पर विचार किया जा रहा है। निगमायुक्त डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि डेयरियों को सील करने के लिए निगम, अधिकारियों की कमेटी गठित करने जा रहा है, जो पशुओं को कब्जे में लेने से लेकर जुर्माना लगाने तक की कार्रवाई करेगी। 18 अक्तूबर 2021 की डेडलाइन तय की गई है।
विज्ञापन
इन 10 दिनों में यदि डेयरी संचालकों द्वारा डेयरी शिफ्टिंग की कार्रवाई नहीं की गई तो निगम अपने स्तर पर कार्रवाई करेगा। निगमायुक्त ने बताया कि डेयरी शिफ्टिंग स्थल शहर से बाहर एक उपयुक्त जगह पर बनाया गया है, जो शहर से ज्यादा दूरी पर नहीं है। इस जगह तक पक्की सड़क पहले से ही मौजूद है। डेयरियों से निकलने वाले मल-मूत्र का यहां अच्छे से निस्तारण किया जा सकता है। डेयरियां यहां शिफ्ट होंगी तो इससे संबंधित उद्योग-धंधे भी स्थापित हो सकते हैं, जिससे लोगों को रोजगार मिलेगा।
आबादी के अंदर डेयरियों से होती है दिक्कत
-शहर में डेयरियों से सीवर जाम की समस्या आम है। इसके अलावा नागरिकों की ओर से नालियों मेें गंदगी और बदबू की शिकायत रहती है। ऐसे में समस्याओं के समाधान के लिए डेयरियों को शिफ्ट करने की कवायद लंबे समय से चल रही है।
-डेयरियां शिफ्ट करने के लिए डेयरी संचालकों की कुछ जरूरतें थीं, जो पूरी कर दी गई हैं। इसके तहत सभी प्लाटों की पैमाइश व पिलर लगाना, पेयजल व रास्तों का निर्माण किया गया है। जो प्लाट धारक अपने प्लाट पर निर्माण शुरू करेगा, उसकी 3 फुट तक मिट्टी की भरपाई निगम करवाकर देगा। इसके बावजूद जो डेयरी संचालक शिफ्टिंग में रुचि नहीं दिखाएगा, उसके पशुओं को कब्जे में लेकर डेयरी को सील करने की कार्रवाई की जाएगी।
--डा. मनोज कुमार, निगमायुक्त नगर निगम करनाल। (फोटो-1002)
विज्ञापन
दरअसल नगर निगम ने शहर से दूर पिंगली में डेयरी शिफ्टिंग स्थल बनाया है। वहां सड़कें, बिजली व पानी जैसी सुविधाएं भी मुहैया कराई गई हैं। 232 प्लाटों में 112 लोगों को आवंटित किया जा चुका है। आवंटित व गैरआवंटित प्लाटों की निशानदेही का कार्य भी अब पूरा कर लिया गया है। ऐसे में डेयरी संचालक अब प्लाटों में बिजली का कनेक्शन लेकर निर्माण कार्य शुरू कर सकते हैं।
विज्ञापन
विदित हो कि निगम ने इससे पहले भी पशुओं को कब्जे में लेकर प्रत्येक पशु को छुड़वाने के लिए 5 हजार रुपये का जुर्माना तय किया था, अब जुर्माने की नई राशि क्या होगी, इस पर विचार किया जा रहा है। निगमायुक्त डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि डेयरियों को सील करने के लिए निगम, अधिकारियों की कमेटी गठित करने जा रहा है, जो पशुओं को कब्जे में लेने से लेकर जुर्माना लगाने तक की कार्रवाई करेगी। 18 अक्तूबर 2021 की डेडलाइन तय की गई है।
विज्ञापन
इन 10 दिनों में यदि डेयरी संचालकों द्वारा डेयरी शिफ्टिंग की कार्रवाई नहीं की गई तो निगम अपने स्तर पर कार्रवाई करेगा। निगमायुक्त ने बताया कि डेयरी शिफ्टिंग स्थल शहर से बाहर एक उपयुक्त जगह पर बनाया गया है, जो शहर से ज्यादा दूरी पर नहीं है। इस जगह तक पक्की सड़क पहले से ही मौजूद है। डेयरियों से निकलने वाले मल-मूत्र का यहां अच्छे से निस्तारण किया जा सकता है। डेयरियां यहां शिफ्ट होंगी तो इससे संबंधित उद्योग-धंधे भी स्थापित हो सकते हैं, जिससे लोगों को रोजगार मिलेगा।
आबादी के अंदर डेयरियों से होती है दिक्कत
-शहर में डेयरियों से सीवर जाम की समस्या आम है। इसके अलावा नागरिकों की ओर से नालियों मेें गंदगी और बदबू की शिकायत रहती है। ऐसे में समस्याओं के समाधान के लिए डेयरियों को शिफ्ट करने की कवायद लंबे समय से चल रही है।
-डेयरियां शिफ्ट करने के लिए डेयरी संचालकों की कुछ जरूरतें थीं, जो पूरी कर दी गई हैं। इसके तहत सभी प्लाटों की पैमाइश व पिलर लगाना, पेयजल व रास्तों का निर्माण किया गया है। जो प्लाट धारक अपने प्लाट पर निर्माण शुरू करेगा, उसकी 3 फुट तक मिट्टी की भरपाई निगम करवाकर देगा। इसके बावजूद जो डेयरी संचालक शिफ्टिंग में रुचि नहीं दिखाएगा, उसके पशुओं को कब्जे में लेकर डेयरी को सील करने की कार्रवाई की जाएगी।
--डा. मनोज कुमार, निगमायुक्त नगर निगम करनाल। (फोटो-1002)