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साइबर क्राइम के खिलाफ जागरूक रहें : डॉ. सोहन
Sat, 17 May 2025 01:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sat, 17 May 2025 01:42 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
मधुबन। जिला न्यायवादी डाॅ़ सोहन सिंह ने हरियाणा पुलिस अकादमी में साइबर अपराध रोकने के लिए दि जा रहे प्रशिक्षण के दौरान कहा कि आज साइबर का दौर है और साइबर क्राइम एक चुनौती के रूप में उभरा है। हमें साइबर क्राइम के खिलाफ जागरूक होना आवश्यक है।
वे प्रशिक्षण कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे। प्रशिक्षण में तीन नए अपराधिक कानूनों - भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम-2023 विषय पर जानकारी दी गई। अभियोजन विभाग के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश की विभिन्न इकाइयों से 23 लोक अभियोजक अधिकारी पहुंचे। तीन जिला न्यायवादी अधिकारी भी मौजूद रहे।
मुख्य अतिथि ने लोक अभियोजन अधिकारियों से कहा कि पुलिस की आप भी अपराधिक न्याय प्रणाली में अहम सीढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि आपकी कार्य शैली आपको दूसरों से अलग बनाती है। आपका व्यवहार कार्यालय में और न्यायालय परिसर में वकीलों के साथ शालीनता पूर्वक होना चाहिए।
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न्यायालय के सामने न्याय की गुहार लगाने वाले पीड़ित का पक्ष रखने में और उसे न्याय दिलवाने में आपकी अहम भूमिका है। प्रशिक्षण कार्यक्रम अपने अनुभव साझा करने का एक मंच प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रानिक एविडेंस को सुरक्षित रखना और साइबर के मामलों में साक्ष्यों का एकत्रित करना अनिवार्य है।
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मधुबन। जिला न्यायवादी डाॅ़ सोहन सिंह ने हरियाणा पुलिस अकादमी में साइबर अपराध रोकने के लिए दि जा रहे प्रशिक्षण के दौरान कहा कि आज साइबर का दौर है और साइबर क्राइम एक चुनौती के रूप में उभरा है। हमें साइबर क्राइम के खिलाफ जागरूक होना आवश्यक है।
वे प्रशिक्षण कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे। प्रशिक्षण में तीन नए अपराधिक कानूनों - भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम-2023 विषय पर जानकारी दी गई। अभियोजन विभाग के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश की विभिन्न इकाइयों से 23 लोक अभियोजक अधिकारी पहुंचे। तीन जिला न्यायवादी अधिकारी भी मौजूद रहे।
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मुख्य अतिथि ने लोक अभियोजन अधिकारियों से कहा कि पुलिस की आप भी अपराधिक न्याय प्रणाली में अहम सीढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि आपकी कार्य शैली आपको दूसरों से अलग बनाती है। आपका व्यवहार कार्यालय में और न्यायालय परिसर में वकीलों के साथ शालीनता पूर्वक होना चाहिए।
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न्यायालय के सामने न्याय की गुहार लगाने वाले पीड़ित का पक्ष रखने में और उसे न्याय दिलवाने में आपकी अहम भूमिका है। प्रशिक्षण कार्यक्रम अपने अनुभव साझा करने का एक मंच प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रानिक एविडेंस को सुरक्षित रखना और साइबर के मामलों में साक्ष्यों का एकत्रित करना अनिवार्य है।