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बैंकों में कामकाज रहा ठप, बीस हजार लोगों ने झेली दिक्कतें
करनाल
Updated Wed, 18 Dec 2013 10:59 PM IST
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करनाल में निजी बैंकों में तैनात डेढ़ हजार अधिकारियों और कर्मियों ने पूरा दिन कलम छोड़ हड़ताल रखी। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर तले दिनभर मांगों के लिए काम ठप रखा गया।
हड़ताल के दौरान 100 करोड़ से अधिक की ट्रांजेक्शन प्रभावित हुई, वहीं, कई हजार लोगों के बुधवार को बैंक संबंधी काम नहीं हो पाए। ऐसा होने से 20 हजार से अधिक लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
यूनियन के पदाधिकारी कामरेड सतवंत सिंह, कोमल प्रकाश, प्रताप सिंह, बीएन शर्मा समेत अन्य ने केंद्र सरकार के खिलाफ कड़ी नारेबाजी कर नाराजगी जाहिर की। पदाधिकारियों ने कहा कि एक साल से वेतन वृद्धि का मामला लटका पड़ा है। सरकार ने अभी कोई सुनवाई नहीं की है।
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प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उन लोगों की मांग पूरी नहीं की गई तो संघर्ष तेज कर दिया जाएगा। हड़ताल तो केवल सांकेतिक है। बुधवार को जिलेभर के 40 बैंकों की 200 शाखाओं के अधिकारियों और कर्मचारियों ने हड़ताल रखी। 100 से अधिक पदाधिकारियों ने शहर के अंबेडकर चौक पर स्थित इंडियन बैंक के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया।
इन लोगों ने कड़ी नारेबाजी की। अपने संबोधन मेें यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि पिछले एक साल से वेतन वृद्धि का आग्रह सरकार ने ठंडे बस्ते में डाल रखा है। सरकार को बैंक अधिकारियों और कर्मियों के हितों की चिंता नहीं है, जो गलत है।
वे लोग सरकार को अपना चार्टर सौंप चुके हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे लोग अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। महंगाई की मार सब पर पड़ती है। नियम के अनुसार तो काम होना चाहिए।
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हड़ताल के दौरान 100 करोड़ से अधिक की ट्रांजेक्शन प्रभावित हुई, वहीं, कई हजार लोगों के बुधवार को बैंक संबंधी काम नहीं हो पाए। ऐसा होने से 20 हजार से अधिक लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
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यूनियन के पदाधिकारी कामरेड सतवंत सिंह, कोमल प्रकाश, प्रताप सिंह, बीएन शर्मा समेत अन्य ने केंद्र सरकार के खिलाफ कड़ी नारेबाजी कर नाराजगी जाहिर की। पदाधिकारियों ने कहा कि एक साल से वेतन वृद्धि का मामला लटका पड़ा है। सरकार ने अभी कोई सुनवाई नहीं की है।
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प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उन लोगों की मांग पूरी नहीं की गई तो संघर्ष तेज कर दिया जाएगा। हड़ताल तो केवल सांकेतिक है। बुधवार को जिलेभर के 40 बैंकों की 200 शाखाओं के अधिकारियों और कर्मचारियों ने हड़ताल रखी। 100 से अधिक पदाधिकारियों ने शहर के अंबेडकर चौक पर स्थित इंडियन बैंक के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया।
इन लोगों ने कड़ी नारेबाजी की। अपने संबोधन मेें यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि पिछले एक साल से वेतन वृद्धि का आग्रह सरकार ने ठंडे बस्ते में डाल रखा है। सरकार को बैंक अधिकारियों और कर्मियों के हितों की चिंता नहीं है, जो गलत है।
वे लोग सरकार को अपना चार्टर सौंप चुके हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे लोग अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। महंगाई की मार सब पर पड़ती है। नियम के अनुसार तो काम होना चाहिए।