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Karnal News: सीवरेज में गोबर डालने पर रोक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 15 Jul 2023 02:44 AM IST
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ban on putting cow dung in sewerage

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करनाल। नगर निगम ने शहर में मौजूद पशु डेयरियों से निकलने वाले गोबर पर पूरी तरह से रोक लगाने की तैयारी की है। जब तक सभी डेयरियां पिंगली स्थित कॉम्प्लेक्स पर स्थानांतरित नहीं होती हैं, तब तक डेयरियों से निकलने वाले गोबर को निगम उठवाकर निस्तारण करेगा। इसके लिए डेयरी मालिक को शुल्क देना होगा। शुल्क वसूलने की व्यवस्था ज्यादा दिन तक नहीं रहेगी। डेयरी मालिक को जल्द से जल्द शहर से बाहर शिफ्ट होना होगा।

नगर निगम आयुक्त अभिषेक मीणा ने शुक्रवार को इस संबंध में एक बैठक की। उन्होंने कहा कि निजी डेयरियों से निकलने वाले गोबर से सिर्फ नुकसान हैं। यह सीवर लाइनों की स्वत: सफाई क्षमता को कम करके सीवरेज प्रणाली में रुकावट पैदा करता है। सीवरेज का पानी सड़कों पर बहने लगता है। गोबर से सीवर लाइनों में मिथेन गैस भी उत्पन्न होती है, जो सफाई कर्मचारियों के जीवन के लिए खतरा है।
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पिंगली स्थित डेयरी शिफ्टिंग स्थल पर डेयरियों की मौजूदा स्थिति पर भी मंथन किया गया। जिन डेयरी संचालकों को प्लॉट अवंटित हो चुके हैं, लेकिन डेयरी शेडों के निर्माण शुरू नहीं हुआ तो इस काम को तीन महीने में पूरा करना होगा। आयुक्त ने सचिव बल सिंह को सभी डेयरी मालिकों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है, जिसके बाद सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी।
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सभी गोबर उत्पादकों को सुरक्षित और वैज्ञानिक निपटान की जिम्मेदारी दी गई है। इसके लिए या तो वे बायोगैस संयंत्र स्थापित करें या खाद तैयार करें। सभी गोबर उत्पादकों को पशु संख्या के अनुसार अपनी डेयरियां नगर निगम या नगर पालिका में पंजीकृत करवानी होंगी। गोबर उत्पादकों को तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। इसमें चार मवेशियों तक छोटे गोबर उत्पादक, चार से अधिक और 25 मवेशियों तक के गोबर उत्पादक एवं 25 से अधिक मवेशियों वाली डेयरियां शामिल हैं।


यह होगा मासिक शुल्क

नगर निगम अपनी ट्रैक्टर ट्राली से गोबर उठवाएगा, जिसके लिए मासिक दरें तय रहेंगी। इनमें छोटे पशु के लिए 150 रुपये महीना प्रति पशु, मध्यम आयु या आकार के पशु के लिए 200 रुपये महीना और बड़े पशु के लिए 250 रुपये महीना देना होगा। नगर निगम की ओर से दरें लागू करने का काम जल्द ही किया जाएगा।
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