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प्रदेश के 16 साहित्यकारों को मिलेगा सात लाख रुपये तक का पुरस्कार
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साहित्य के क्षेत्र में नाम कमाने वाले और हरियाणा साहित्य का प्रचार-प्रसार करने वाले प्रदेश के 16 साहित्यकार सम्मानित होंगे। हरियाणा साहित्य अकादमी की ओर से इन साहित्यकारों को उनकी पात्रता के आधार पर 50 हजार रुपये से लेकर सात लाख रुपये तक के पुरस्कार दिए जाएंगे। आचार संहिता खत्म होने के बाद इस पुरस्कार के लिए प्रक्रिया शुरू होगी।
हरियाणा साहित्य अकादमी के डायरेक्टर पूर्ण मल गौड ने बताया कि नवंबर के अंत में या दिसंबर माह की शुरूआत में साहित्यकार सम्मान समारोह अभिनंदन का आयोजन किया जाएगा। वे बुधवार को करनाल के डीएवी पीजी कॉलेज में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे। वर्ष 2002 से 2007 तक वे मेजबान कॉलेज के प्रिंसिपल भी रह चुके हैं। पांच फरवरी 2019 से वे अकादमी के डायरेक्टर पद पर कार्यरत हैं।
सात लाख का पुरस्कार नेशनल स्तर का
16 पुरस्कारों में एक पुरस्कार सात लाख रुपये का है। अकादमी की तरफ से यह ओपन पुरस्कार नेशनल स्तर का रखा गया है। इसके लिए कोई भी साहित्यकार आवेदन कर सकता है। पात्र वही माना जाएगा, जो दूसरे प्रदेश में रहकर भी हरियाणा साहित्य का प्रचार कर रहा है और निवासी हरियाणा का ही है। डायरेक्टर पूर्ण मल गौड के अनुसार, पुरस्कार पात्र साहित्यकारों को ही मिले। इसके लिए अकादमी की ओर से विशेष प्लानिंग की गई है। उन्होंने बताया कि सूचना पत्र जारी होने के बाद ही साहित्यकार सम्मान के लिए आवेदन करेंगे। इसके बाद एक्सपर्ट कमेटी स्टडी करके पात्र साहित्यकारों के नाम शार्ट लिस्ट करेगी। उसी के आधार पर विद्वान साहित्यकारों के नाम सरकार को भेजे जाएंगे। जिन्हें सम्मान मिलेगा।
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सम्मेलन में वर्तमान हालात पर भी साहित्यकार करेंगे चर्चा
डायरेक्टर ने बताया कि इसी वर्ष अकादमी की ओर से तीन बड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना है। जिनमें प्रदेश के अलावा देशभर की शख्सियतें हिस्सा लेंगी। उन्होंने बताया कि अभिनंदन साहित्यकार सम्मान समारोह के अतिरिक्त, राष्ट्रीय पत्रकार सम्मेलन और साहित्यकार सम्मेलन का आयोजन भी दिसंबर माह में किया जाएगा। साहित्यकार सम्मेलन में विद्वान साहित्यकार वर्तमान हालात पर चर्चा करेंगे।
अपने धर्म के प्रति साहित्यकार का सजग रहना जरूरी
वर्तमान हालात पर चर्चा करते हुए डायरेक्टर पूर्ण मल गौड़ ने कहा कि साहित्यकार को अपने धर्म के प्रति सजग रहना चाहिए। वर्तमान का साहित्यकार प्रोफेशनल होता जा रहा है और केवल पुरस्कारों की दौड़ में ही रहता हैं। अपनी लेखनी और प्रस्तुति पर विश्वास किए बिना पुरस्कार के लिए सिफारिशें तक लगाता है जोकि गलत है।
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हरियाणा साहित्य अकादमी के डायरेक्टर पूर्ण मल गौड ने बताया कि नवंबर के अंत में या दिसंबर माह की शुरूआत में साहित्यकार सम्मान समारोह अभिनंदन का आयोजन किया जाएगा। वे बुधवार को करनाल के डीएवी पीजी कॉलेज में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे। वर्ष 2002 से 2007 तक वे मेजबान कॉलेज के प्रिंसिपल भी रह चुके हैं। पांच फरवरी 2019 से वे अकादमी के डायरेक्टर पद पर कार्यरत हैं।
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सात लाख का पुरस्कार नेशनल स्तर का
16 पुरस्कारों में एक पुरस्कार सात लाख रुपये का है। अकादमी की तरफ से यह ओपन पुरस्कार नेशनल स्तर का रखा गया है। इसके लिए कोई भी साहित्यकार आवेदन कर सकता है। पात्र वही माना जाएगा, जो दूसरे प्रदेश में रहकर भी हरियाणा साहित्य का प्रचार कर रहा है और निवासी हरियाणा का ही है। डायरेक्टर पूर्ण मल गौड के अनुसार, पुरस्कार पात्र साहित्यकारों को ही मिले। इसके लिए अकादमी की ओर से विशेष प्लानिंग की गई है। उन्होंने बताया कि सूचना पत्र जारी होने के बाद ही साहित्यकार सम्मान के लिए आवेदन करेंगे। इसके बाद एक्सपर्ट कमेटी स्टडी करके पात्र साहित्यकारों के नाम शार्ट लिस्ट करेगी। उसी के आधार पर विद्वान साहित्यकारों के नाम सरकार को भेजे जाएंगे। जिन्हें सम्मान मिलेगा।
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सम्मेलन में वर्तमान हालात पर भी साहित्यकार करेंगे चर्चा
डायरेक्टर ने बताया कि इसी वर्ष अकादमी की ओर से तीन बड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना है। जिनमें प्रदेश के अलावा देशभर की शख्सियतें हिस्सा लेंगी। उन्होंने बताया कि अभिनंदन साहित्यकार सम्मान समारोह के अतिरिक्त, राष्ट्रीय पत्रकार सम्मेलन और साहित्यकार सम्मेलन का आयोजन भी दिसंबर माह में किया जाएगा। साहित्यकार सम्मेलन में विद्वान साहित्यकार वर्तमान हालात पर चर्चा करेंगे।
अपने धर्म के प्रति साहित्यकार का सजग रहना जरूरी
वर्तमान हालात पर चर्चा करते हुए डायरेक्टर पूर्ण मल गौड़ ने कहा कि साहित्यकार को अपने धर्म के प्रति सजग रहना चाहिए। वर्तमान का साहित्यकार प्रोफेशनल होता जा रहा है और केवल पुरस्कारों की दौड़ में ही रहता हैं। अपनी लेखनी और प्रस्तुति पर विश्वास किए बिना पुरस्कार के लिए सिफारिशें तक लगाता है जोकि गलत है।