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दो लाख कट्टों को लिफ्टिंग का इंतजार
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला
Updated Sat, 16 Apr 2016 12:51 AM IST
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दो लाख कट्टों को लिफ्टिंग का इंतजार
- फोटो : अमर उजाला
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जिले की विभिन्न मंडियों में गेहूं की आवक जोरों पर है और खरीद एजेंसियां भी दिन रात गेहूं की खरीद कर रही हैं। लेकिन मंडियों से गेहूं की उठान धीमा होने की वजह से जाम की स्थित बन गई है। आलम यह है कि करनाल की नई अनाज मंडी, अनाजमंडी जुंडला, निगदू की अनाज मंडी, असंध अनाज मंडी, निसिंग अनाज मंडी में गेहूं के कट्टों के ढेर लगे हुए है और इन कट्टों को लिफ्टिंग का इंतजार है।
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जिले की नई अनाजमंडी में मौजूदा समय में गेहूं के दो लाख कट्टों को लिफ्टिंग का इंतजार है। ऐसे अपनी उपज लेकर आने वाले किसानों को मंडी में गेहूं उतारने की ही जगह नहीं मिल रही है। वहीं दूसरी ओर असंध की मंडी में तो पैर रखने की भी जगह नहीं है। आढ़तियों ने मंडी के आसपास खाली पड़ी जगहों व स्कूल कॉलेजों के ग्राउंड में गेहूं की तुलाई शुरू कर दी है। इससे किसान व आढ़ती दोनों ही परेशान हैं। ऐसे में यदि बरसात हो गई तो भारी नुकसान हो सकता है।
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नई अनाज मंडी करनाल में आवक ज्यादा होने के चलते यहां उठान के इंतजार में करीब ढाई लाख कट्टा एजेंसी का पड़ा है। सीजन शुरू होने से पहले खरीद एजेंसी ने प्रशासन को साथ के साथ उठान के वादा किया था, लेकिन कोई भी एजेंसी 30 फीसदी से अधिक उठान मंडी से नहीं कर पाई है। जिले की विभिन्न मंडियों में अब तक 369708 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है। जिसे विभिन्न सरकारी खरीद एजेंसियों द्वारा 1525 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से खरीदा गया है। अब तक खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा 163184 मीट्रिक टन, हैफड द्वारा 123656 मीट्रिक टन, एग्रो द्वारा 35623 मीट्रिक टन की गई है जबकि हरियाणा वेयर हाउसिंग कोर्पोरेशन द्वारा 34132 मीट्रिक टन तथा भारतीय खाद्य निगम द्वार 13113 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है। लेकिन ज्यादातर मंडियों में गेहूं के उठान की गति धीमी रही है।
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असंध और जुंडला मंडी के बाहर उतारी गेहूं
जुंडला और असंध की मंडियां हाउसफुल हो गई है। अब किसानों को मंडियों में गेहूं उतारने की जगह नहीं मिल रही है। असंध में तो आढ़तियों ने स्कूल के ग्राउंड में गेहूं की तुलाई का काम शुरू कर दिया है। वहीं जुंडला में मंडी के बाहर आसपास की खाली जगह पर में गेहूं उतारी जा रही है। इससे गेहूं में कचरा व मिट्टी भी मिल रही है। लेकिन मंडी प्रशासन का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है।
जिले की मंडियाें में अब तक इतनी हुई गेहूं की आवक
अनाजमंडी मीट्रिक टन
करनाल 68982
असंध मंडी 53084
बल्ला मंडी 6037
बड़सत मंडी 4880
बयाना मंडी 3997
घरौंडा मंडी 52246
घीड़ मंडी 9842
इंद्री मंडी 18122
जुंडला मंडी 22782
कुंजपुरा मंडी 13614
मूनक मंडी 5250
नीलोखेड़ी मंडी 2604
तरावड़ी मंडी 53800
निसिंग मंडी 18938
किसानों को नहीं मिल रहे समय पर पैसे
अनाजमंडी में अपनी उपज लेकर आए किसान रामचंद्र, रमेश कुमार, राजपाल, सुरेंद्र कुमार, अशोक कुमार , तिलक राज आदि किसानों ने बताया कि मंडी किसानों के लिए सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं है। उनका कहना है कि सरकार किसानों को मंडी में फसल की खरीद के 72 घंटो के भीतर फसल की कीमत अदा करने का दावा कर रही है। लेकिन आढ़ती किसानों पैसों के लिए हफ्तों तक चक्कर लगवा रहे हैं। इसके अलावा मंडियों में किसानों के ठहरने के लिए भी कोई उचित व्यवस्था नहीं है।
वर्जन
अनाज मंडियों में गेहूं की खरीद समय पर हो रही है। उठान एजेंसियों को भी जल्द से जल्द गेहूं को उठान कराने के निर्देश दिए हैं। किसानों की सुविधा लिए गेहूं की उतराई के लिए अन्य विकल्प भी तलाशे जा रहे हैं। किसानों को किसी प्रकार की कोई भी परेशानी नहीं होगी।
-आशा रानी, मार्केट कमेटी सचिव करनाल।