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Karnal News: सावधान! छह गांवों के 22 नलकूपों का पानी पीने लायक नहीं
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- हरियाणा जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला को अगस्त में भेजे गए थे 186 पानी के नमूने
186 में से 22 अनफिट व 14 में ज्यादा मिली हाइपर क्लोरीन की मात्रा
अनुज शर्मा
करनाल। सावधान! जिले के 36 जगहों का पानी पीने लायक नहीं है। इनमें छह गांव भी शामिल हैं। यह पानी पीने से आपकी सेहत को नुकसान पहुंच सकता है। इसका खुलासा हरियाणा राज्य जनस्वास्थ्य प्रयोगशाला करनाल की ओर से लिए गए पानी के नमूने फेल मिलने पर हुआ है। जिन जगहों पर नमूने फेल मिले हैं, वहां पानी की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए नोटिस जारी किया है।
हरियाणा राज्य जनस्वास्थ्य प्रयोगशाला ने अगस्त में 186 नलकूपों (ट्यूबवेल) के पानी के नमूने लेकर जांच की। इनमें से 22 नमूने अनफिट और 14 में हाइपर क्लोरीन यानि क्लोरीन की अधिक मात्रा मिली। प्रयोगशाला की ओर से इन गांवों की सभी पीएचसी को नोटिस जारी कर तुरंत प्रभाव से पेयजल की आपूर्ति पर रोक लगाने और पानी को बैक्टीरिया मुक्त करने का निर्देश दिया गया है। जिन क्षेत्रों के पानी में क्लोरिन की मात्रा अधिक पाई गई थी। उनमें क्लोरीन की मात्रा मापदंड के अनुसार लाने के लिए कहा गया था। जिससे पानी पीने लायक हो सके।
हरियाणा राज्य जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला से एमडी पैथालॉजी डॉ. राजीव पंवार ने बताया कि जिले के छह गांवों में उपलाना के चार, ब्याना के पांच, भादसो के चार, सालवन के चार, पोपड़ा के चार व मधुबन का एक ट्यूबवेल शामिल है। उन्होंने बताया कि जिन क्षेत्रों के पेयजल के सैंपल अनफिट या हाइपर क्लोरीन आए हैं। उन्हें करीब 15 दिनों तक पानी उबाल कर ही पीना चाहिए। जिससे वे पेट संबंधी बीमारी होने से खुद को बचा सकते हैं नहीं तो उन्हें दूषित पानी पीने से डायरिया संबंधी बीमारियों से जूझना पड़ सकता है। ऐसे में सभी अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। संवाद
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वर्ष 2023 में अब तक 267 स्थानों का पानी मिला खराब
आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो हरियाणा राज्य जन-स्वास्थ्य प्रयोगशाला में वर्ष 2023 में अब तक कुल 1323 पेयजल के सैंपल जांच करने के लिए पहुंचे। इनमें से 1056 फिट तो 167 अनफिट और 100 में जरूरत से ज्यादा क्लोरीन मिला है। वहीं, अगस्त 2023 में कुल 186 पेयजल के सैंपल लैब में पहुंचे। जिनमें से 150 फिट तो 22 अनफिट और 14 में हाइपर क्लोरीन मिला है।
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186 में से 22 अनफिट व 14 में ज्यादा मिली हाइपर क्लोरीन की मात्रा
अनुज शर्मा
करनाल। सावधान! जिले के 36 जगहों का पानी पीने लायक नहीं है। इनमें छह गांव भी शामिल हैं। यह पानी पीने से आपकी सेहत को नुकसान पहुंच सकता है। इसका खुलासा हरियाणा राज्य जनस्वास्थ्य प्रयोगशाला करनाल की ओर से लिए गए पानी के नमूने फेल मिलने पर हुआ है। जिन जगहों पर नमूने फेल मिले हैं, वहां पानी की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए नोटिस जारी किया है।
हरियाणा राज्य जनस्वास्थ्य प्रयोगशाला ने अगस्त में 186 नलकूपों (ट्यूबवेल) के पानी के नमूने लेकर जांच की। इनमें से 22 नमूने अनफिट और 14 में हाइपर क्लोरीन यानि क्लोरीन की अधिक मात्रा मिली। प्रयोगशाला की ओर से इन गांवों की सभी पीएचसी को नोटिस जारी कर तुरंत प्रभाव से पेयजल की आपूर्ति पर रोक लगाने और पानी को बैक्टीरिया मुक्त करने का निर्देश दिया गया है। जिन क्षेत्रों के पानी में क्लोरिन की मात्रा अधिक पाई गई थी। उनमें क्लोरीन की मात्रा मापदंड के अनुसार लाने के लिए कहा गया था। जिससे पानी पीने लायक हो सके।
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हरियाणा राज्य जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला से एमडी पैथालॉजी डॉ. राजीव पंवार ने बताया कि जिले के छह गांवों में उपलाना के चार, ब्याना के पांच, भादसो के चार, सालवन के चार, पोपड़ा के चार व मधुबन का एक ट्यूबवेल शामिल है। उन्होंने बताया कि जिन क्षेत्रों के पेयजल के सैंपल अनफिट या हाइपर क्लोरीन आए हैं। उन्हें करीब 15 दिनों तक पानी उबाल कर ही पीना चाहिए। जिससे वे पेट संबंधी बीमारी होने से खुद को बचा सकते हैं नहीं तो उन्हें दूषित पानी पीने से डायरिया संबंधी बीमारियों से जूझना पड़ सकता है। ऐसे में सभी अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। संवाद
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वर्ष 2023 में अब तक 267 स्थानों का पानी मिला खराब
आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो हरियाणा राज्य जन-स्वास्थ्य प्रयोगशाला में वर्ष 2023 में अब तक कुल 1323 पेयजल के सैंपल जांच करने के लिए पहुंचे। इनमें से 1056 फिट तो 167 अनफिट और 100 में जरूरत से ज्यादा क्लोरीन मिला है। वहीं, अगस्त 2023 में कुल 186 पेयजल के सैंपल लैब में पहुंचे। जिनमें से 150 फिट तो 22 अनफिट और 14 में हाइपर क्लोरीन मिला है।