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Karnal News: बिल भरने के नाम पर ठगी की कोशिश
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। अगर आपके पास सीवरेज और पानी के कनेक्शन काटने, इनके बिल भरने का मैसेज आए तो सावधान हो जाएं। ये संदेश नगर निगम की ओर से नहीं बल्कि साइबर ठगों की ओर से भेजे जा रहे हैं। शहर में साइबर ठग अब सीवरेज और जलापूर्ति के बिलों के नाम पर लोगों को ठगने की कोशिश में हैं।
ये आम नागरिकों को फोन कॉल और मैसेज भेजकर बिल की रकम जमा करने का दबाव बना रहे हैं। ठग खुद को नगर निगम अधिकारी व कर्मचारी बताकर लोगों से बारकोड वाले बिल की फोटो और पेटीएम, यूपीआई से भुगतान करने की बात करते हैं। अब तक ऐसे चार नंबर सामने आए हैं जो लोगों को गलत तरीके से संदेश भेजकर ठगी करने का प्रयास कर रहे हैं। जबकि नगर निगम के अधिकारियों ने इस तरह की किसी भी कॉल या मैसेज को फर्जी और भ्रामक बताया है।
निगम आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि नगर निगम की ओर से किसी भी नागरिक को बिल भुगतान के लिए कॉल या मैसेज नहीं किया जाता। नागरिकों को भ्रमित करने के लिए जिन नंबरों से कॉल आ रहे हैं, ऐसे किसी भी कॉल का शहर के लोगों को जवाब नहीं देना चाहिए। अगर उनसे पैसे की मांग की जाती है तो इसकी शिकायत पुलिस को देनी चाहिए।
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ऐसे मैसेज आ रहे : ऐसे ही एक मैसेज फोन पर या वाट्सएप पर आता है जिसमें लिखा होता है कि इंपोर्टेंट नोटिस : आपको सूचित किया जाता है कि आपने पीने के पानी या सीवरेज का बिल नहीं भरा है। इसलिए आपका कनेक्शन काटा जा रहा है। इसके लिए आप नीचे दिए गए नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।
ये फर्जी मैसेज के नीचे एक मोबाइल नंबर के साथ साइबर ठग का एक नाम भी दिया हो सकता है।
नगर निगम आयुक्त ने बताया कि जलापूर्ति और सीवरेज शुल्क के बिल नगर निगम की अधिकृत टीम की ओर से घर-घर जाकर वितरित किए जाते हैं। नागरिक चाहें तो नागरिक सुविधा केंद्र सीएफसी में आकर जमा कर सकते हैं।
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करनाल। अगर आपके पास सीवरेज और पानी के कनेक्शन काटने, इनके बिल भरने का मैसेज आए तो सावधान हो जाएं। ये संदेश नगर निगम की ओर से नहीं बल्कि साइबर ठगों की ओर से भेजे जा रहे हैं। शहर में साइबर ठग अब सीवरेज और जलापूर्ति के बिलों के नाम पर लोगों को ठगने की कोशिश में हैं।
ये आम नागरिकों को फोन कॉल और मैसेज भेजकर बिल की रकम जमा करने का दबाव बना रहे हैं। ठग खुद को नगर निगम अधिकारी व कर्मचारी बताकर लोगों से बारकोड वाले बिल की फोटो और पेटीएम, यूपीआई से भुगतान करने की बात करते हैं। अब तक ऐसे चार नंबर सामने आए हैं जो लोगों को गलत तरीके से संदेश भेजकर ठगी करने का प्रयास कर रहे हैं। जबकि नगर निगम के अधिकारियों ने इस तरह की किसी भी कॉल या मैसेज को फर्जी और भ्रामक बताया है।
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निगम आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि नगर निगम की ओर से किसी भी नागरिक को बिल भुगतान के लिए कॉल या मैसेज नहीं किया जाता। नागरिकों को भ्रमित करने के लिए जिन नंबरों से कॉल आ रहे हैं, ऐसे किसी भी कॉल का शहर के लोगों को जवाब नहीं देना चाहिए। अगर उनसे पैसे की मांग की जाती है तो इसकी शिकायत पुलिस को देनी चाहिए।
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ऐसे मैसेज आ रहे : ऐसे ही एक मैसेज फोन पर या वाट्सएप पर आता है जिसमें लिखा होता है कि इंपोर्टेंट नोटिस : आपको सूचित किया जाता है कि आपने पीने के पानी या सीवरेज का बिल नहीं भरा है। इसलिए आपका कनेक्शन काटा जा रहा है। इसके लिए आप नीचे दिए गए नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।
ये फर्जी मैसेज के नीचे एक मोबाइल नंबर के साथ साइबर ठग का एक नाम भी दिया हो सकता है।
नगर निगम आयुक्त ने बताया कि जलापूर्ति और सीवरेज शुल्क के बिल नगर निगम की अधिकृत टीम की ओर से घर-घर जाकर वितरित किए जाते हैं। नागरिक चाहें तो नागरिक सुविधा केंद्र सीएफसी में आकर जमा कर सकते हैं।