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कर्ज वसूली के लिए नहीं होगी जमीन की कुर्की : सांगवान

Thu, 31 Oct 2013 10:24 PM IST
करनाल
करनाल Updated Thu, 31 Oct 2013 10:24 PM IST
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Attachment of land for debt recovery will not: Sangwan
हरियाणा के सहकारिता राज्य मंत्री सतपाल सांगवान ने बताया कि प्रदेश के किसी भी किसान की ऋण वसूली के नाम पर जमीन की कुर्की नहीं होने दी जाएगी, केवल किसानों को ऋण वसूली के लिए सहकारी बैंकों की ओर से नोटिस दिए जा रहे हैं।
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सांगवान कर्ण लेक स्थित ओएसिस रेस्तरां में पत्रकारों से रूबरू थे। सांगवान यहां उनके मित्र मुख्य औषधिकारक ओपी सिंधवानी की सेवानिवृत्ति के अवसर पर आयोजित समारोह में भाग लेने आए थे। सांगवान ने सिंधवानी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सिंधवानी ने उनके साथ दादरी में भी काम किया है। सेवा के 40 साल में उन्होंने सरकार और जनता के प्रति निष्ठा और ईमानदारी के साथ काम किया है।
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अन्य कर्मियों को भी उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। बेदाग और साफ छवि से नौकरी करना आम बात नहीं रह गई है। मुख्यमंत्री की ओर से सहकारी बैंकों से ऋण लेने वाले किसानों को कम ब्याज दर पर ऋण दिया जाता है, परंतु जब ऋण वसूली की बात आती है तो कई किसान ऋण वापस करने में आनाकानी करते हैं, जो गलत है। इससे सहकारी बैंकों की आर्थिक स्थिति कमजोर होती है, जिससे विकास कार्यों में भी बाधा आती है।
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सरकार की योजना है कि किसी भी किसान को ऋण वसूली के नाम पर तंग नहीं किया जाए, परंतु किसानों को भी चाहिए कि वे ईमानदारी से ऋण के पैसे का प्रयोग करके उसे वापस करें। सहकारिता विभाग के कर्मचारियों के हितों के लिए उनका प्रयास जारी है। आने वाले कुछ समय में इन कर्मचारियों को नई खुशखबरी मिलेगी। पीछे भी सहकारिता विभाग के कर्मचारियों के लिए दो बार 750 रुपये व 1 हजार रुपये की बढ़ोतरी की जा चुकी है।

यदि अपैक्स बैंकों के कर्मचारी व अधिकारी अधिक से अधिक वसूली करेंगे तो सरकार भी उनको कोई न कोई तोहफा देने से गुरेज नहीं करेगी। बैंकों की आय बढ़ाने के लिए प्रयास जारी है। इन बैंकों में हैफेड के खाद की बिक्री की जा रही है। हैफेड की ओर से एक बैग के बेचने पर बैंकों को 50 पैसे दिए जाते थे, परंतु शीघ्र ही यह राशि बढ़ाई जा रही है।

आय बढ़ाने के लिए शीघ्र ही प्रदेश में 200 बिक्री बूथ खोलने की योजना है, जिससे युवाओं को रोजगार मिलेगा और लोगों को शुद्ध व सस्ता सामान मिल सकेगा। इन बूथों पर हैफेड के सभी प्रोडक्ट मिल सकेंगे। मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने किसानों की माली हालत को ठीक करने के लिए गन्ने के रेट में बढ़ोतरी की है। अब हरियाणा में किसान को 1 क्विंटल गन्ने पर 301 रुपये दिए जाते हैं।

किसानों को इससे प्रति एकड़ एक लाख से ज्यादा की आमदन हो रही है। प्रदेश के गन्ना उत्पादन किसानों का सरकार की तरफ कोई बकाया नहीं है, जबकि उत्तर प्रदेश के किसानों का सरकार पर 2 हजार करोड़ बकाया है। प्रदेश के दादरी जैसे क्षेत्र में गन्ने का उत्पादन नहीं होता था, परंतु भाव देखते हुए किसानों ने गन्ना उगाना शुरू कर दिया हैं।

पानीपत, शाहाबाद व करनाल के शुगर मिलों को राष्ट्रीय स्तर पर अच्छे उत्पादन व अच्छे तकनीक के लिए सम्मानित किया गया है। 10 नवंबर को गोहाना में होने वाली शक्ति रैली नहीं, रैला होगा। मौके पर पृथ्वी पाल सिंह फौजी, नरेश गर्ग, श्रीचंद गुप्ता, राजसिंह मान, विपिन सिंगला, डॉ. योगेश शर्मा, देवेंद्र मान, प्रदीप कुमार व सुंदर लाल गुप्ता उपस्थित थे।

पंचायत में करेंगे बयान की समीक्षा : भाकियू
बैंकों की कर्ज अदायगी करने में बेबस हो चुके किसानों की काश्त भूमिको कुर्क नहीं करने के बारे में सहकारिता मंत्री सतपाल सांगवान की ओर से दिए गए बयान के संबंध में जल्द ही भारतीय किसान यूनियन की किसान पंचायत बुलाई जाएगी। पंचायत में दिए गए वक्तव्य की गंभीरता से समीक्षा की जाएगी।


किसान नेता रतन मान ने इस मामले पर संक्षिप्त टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर सरकार कुर्की नहीं करने की घोषणा पर कायम है तो भाकियू भी विचार करेगी। अगर कर्ज वसूली की आड़ में किसानों को प्रताड़ित करने की किसी प्रकार की बैंक अधिकारियों ने कोई चाल चली तो किसान चुप नहीं बैठेंगे। हर चाल का मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा।
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