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एटीएम तोड़कर उड़ाए साढ़े इक्कीस लाख
कलायत
Updated Fri, 10 Jan 2014 11:54 PM IST
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कलायत अनाज मंडी में रेलवे रोड स्थित स्टेट बैंक आफ पटियाला के एटीएम को काट कर लुटेरे ने करीब साढे़ इक्कीस लाख रुपये उड़ा लिए। शुक्रवार सुबह जब बैंक का गार्ड एटीएम खोलने के लिए आया तो वारदात का पता चला। उसने मामले की सूचना बैंक के अधिकारियों को दी। बताया जा रहा है चोर एटीएम का जानकार था और उसने प्रोफेशनल तरीके से एटीएम को काटा था।
जानकारी के अनुसार बैंक का सिक्योरिटी गार्ड जब सुबह चार बजे एटीएम का शटर खोलने के लिए आया तो उसने एटीएम के शटर के ताले टूटे पाए। उसने मामले की सूचना बैंक के अधिकारियों को दी। बैंक अधिकारी मौके पर पहुंचे। एटीएम को बड़ी कुशलता से खोला गया था। मशीन में रखे 21,49,400 रुपये गायब थे। वारदात की सूचना मिलने पर डीएसपी रविंदर तोमर, थाना प्रभारी और फोरेंसिक विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को भी खंगाला तथा मामला दर्ज कर जांच शुरू की। बैंक के पानीपत रीजन के एजीएम पीसी थापा और चंडीगढ़ से आए चीफ सिक्योरिटी आफिसर कैप्टन शर्मा ने भी मौके पर पहुंच कर मामले की जांच की।
पहले से ही की थी प्लानिंग
लुटेरों ने एटीएम से पैसे चोरी करने की पहले से ही योजना तैयार की थी। योजनाबद्ध तरीके से शाम नौ बजे चोर ने एटीएम के बाहर लगे कैमरे का तार और बैंक में जाने वाले बिजली के तार को काट दिया था जिस कारण नौ बजे के बाद की सीसीटीवी कैमरे में कोई तस्वीर नहीं आ पाई। उसके बाद 11:58 बजे चोर एटीएम का ताला तोड़कर शटर को केवल डेढ़ फुट ऊपर उठा कर पैरों के बल एटीएम में दाखिल हुआ और कैमरे से खुद को बचाते हुए उसने दूसरे कैमरे का तार काट दिया। एटीएम में दो कैमरे लगे थे जिनमें से उसने एक कैमरे को काट दिया और दूसरा कैमरा चलता रहा जिसमें चोर के मशीन काटने के अभियान की पूरी रिकार्डिंग हो गई।
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मशीन का जानकार था चोर
सीसी फुटेज देखने पर कैप्टन शर्मा ने बताया कि जिस चतुराई और प्रोफेशनल अंदाज से चोर ने मशीन के परखचे उड़ाए उससे लगता है कि चोर मशीन का पूरा जानकार था। चोर ने केवल डेढ़ घंटे में मशीन का पोस्टमार्टम कर दिया और उसमें रखी नकदी को लेकर फरार हो गया। उन्होंने बताया कि फुटेज में उसने मशीन को काटने के अनेक औजार प्रयोग किए हैं और किसी खतरे से निपटने के लिए उसने अपने बगल में तेजधारदार लोहे का दरांत भी रखा हुआ था।
पहले भी हो चुका है एटीएम तोड़ने का प्रयास
करीब एक साल पहले कलायत के एचडीएफसी बैंक के एटीएम को चोरों ने उड़ाने का प्रयास किया था जो सिक्योरिटी गार्ड की बहादुरी से लुटने से बच गया। फिर सामने आई सीसीटीवी कैमरे की गुणवत्ता की समस्या। डीएसपी रविंदर तोमर ने बताया कि पुलिस सीसीटीवी कैमरे की रिकार्डिंग का सूक्ष्मता से निरीक्षण कर रही है। उन्होंने कहा कि कैमरे की रिकार्डिंग काफी कमजोर है तथा उसमें चोर का चेहरा नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन लीड बैंक अधिकारियों की बैठक लेकर सुरक्षा के मापदंड अपनाने की बात कई बार कर चुका है। बावजूद इसके सीसीटीवी कैमरों की क्वालिटी में सुधार नहीं आ रहा है। तोमर ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
आखिर एक कैमरा क्यों रखा चालू
चोर के शातिर अंदाज को देखते हुए लोगों के मन में एक सवाल उठ रहा है कि पूर्व योजना के आधार पर चोर ने बाहर के सीसीटीवी कैमरे, बिजली के तार और एमटीएम में लगे कैमरे के तार को काटा तो उसने एटीएम मशीन के ठीक ऊपर लगे सीसीटीवी कैमरे के तार को क्यों नहीं काटा। क्या चोर इतना दिलेर था कि वह बिना अपना चेहरा दिखाए अपनी निपुणता को पुलिस और बैंक प्रबंधन के लिए एक चैलेंज के तौर पर छोड़ कर गया है। जिस तरह के हथियार का प्रयोग बंगलूरू के एटीएम में महिला को घायल करने में किया था ठीक वैसा ही हथियार लुटेरे के पास रखा था।
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जानकारी के अनुसार बैंक का सिक्योरिटी गार्ड जब सुबह चार बजे एटीएम का शटर खोलने के लिए आया तो उसने एटीएम के शटर के ताले टूटे पाए। उसने मामले की सूचना बैंक के अधिकारियों को दी। बैंक अधिकारी मौके पर पहुंचे। एटीएम को बड़ी कुशलता से खोला गया था। मशीन में रखे 21,49,400 रुपये गायब थे। वारदात की सूचना मिलने पर डीएसपी रविंदर तोमर, थाना प्रभारी और फोरेंसिक विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को भी खंगाला तथा मामला दर्ज कर जांच शुरू की। बैंक के पानीपत रीजन के एजीएम पीसी थापा और चंडीगढ़ से आए चीफ सिक्योरिटी आफिसर कैप्टन शर्मा ने भी मौके पर पहुंच कर मामले की जांच की।
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पहले से ही की थी प्लानिंग
लुटेरों ने एटीएम से पैसे चोरी करने की पहले से ही योजना तैयार की थी। योजनाबद्ध तरीके से शाम नौ बजे चोर ने एटीएम के बाहर लगे कैमरे का तार और बैंक में जाने वाले बिजली के तार को काट दिया था जिस कारण नौ बजे के बाद की सीसीटीवी कैमरे में कोई तस्वीर नहीं आ पाई। उसके बाद 11:58 बजे चोर एटीएम का ताला तोड़कर शटर को केवल डेढ़ फुट ऊपर उठा कर पैरों के बल एटीएम में दाखिल हुआ और कैमरे से खुद को बचाते हुए उसने दूसरे कैमरे का तार काट दिया। एटीएम में दो कैमरे लगे थे जिनमें से उसने एक कैमरे को काट दिया और दूसरा कैमरा चलता रहा जिसमें चोर के मशीन काटने के अभियान की पूरी रिकार्डिंग हो गई।
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मशीन का जानकार था चोर
सीसी फुटेज देखने पर कैप्टन शर्मा ने बताया कि जिस चतुराई और प्रोफेशनल अंदाज से चोर ने मशीन के परखचे उड़ाए उससे लगता है कि चोर मशीन का पूरा जानकार था। चोर ने केवल डेढ़ घंटे में मशीन का पोस्टमार्टम कर दिया और उसमें रखी नकदी को लेकर फरार हो गया। उन्होंने बताया कि फुटेज में उसने मशीन को काटने के अनेक औजार प्रयोग किए हैं और किसी खतरे से निपटने के लिए उसने अपने बगल में तेजधारदार लोहे का दरांत भी रखा हुआ था।
पहले भी हो चुका है एटीएम तोड़ने का प्रयास
करीब एक साल पहले कलायत के एचडीएफसी बैंक के एटीएम को चोरों ने उड़ाने का प्रयास किया था जो सिक्योरिटी गार्ड की बहादुरी से लुटने से बच गया। फिर सामने आई सीसीटीवी कैमरे की गुणवत्ता की समस्या। डीएसपी रविंदर तोमर ने बताया कि पुलिस सीसीटीवी कैमरे की रिकार्डिंग का सूक्ष्मता से निरीक्षण कर रही है। उन्होंने कहा कि कैमरे की रिकार्डिंग काफी कमजोर है तथा उसमें चोर का चेहरा नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन लीड बैंक अधिकारियों की बैठक लेकर सुरक्षा के मापदंड अपनाने की बात कई बार कर चुका है। बावजूद इसके सीसीटीवी कैमरों की क्वालिटी में सुधार नहीं आ रहा है। तोमर ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
आखिर एक कैमरा क्यों रखा चालू
चोर के शातिर अंदाज को देखते हुए लोगों के मन में एक सवाल उठ रहा है कि पूर्व योजना के आधार पर चोर ने बाहर के सीसीटीवी कैमरे, बिजली के तार और एमटीएम में लगे कैमरे के तार को काटा तो उसने एटीएम मशीन के ठीक ऊपर लगे सीसीटीवी कैमरे के तार को क्यों नहीं काटा। क्या चोर इतना दिलेर था कि वह बिना अपना चेहरा दिखाए अपनी निपुणता को पुलिस और बैंक प्रबंधन के लिए एक चैलेंज के तौर पर छोड़ कर गया है। जिस तरह के हथियार का प्रयोग बंगलूरू के एटीएम में महिला को घायल करने में किया था ठीक वैसा ही हथियार लुटेरे के पास रखा था।