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रिश्वत के आरोप में असंध मंडी सचिव-अकाउंटेंट का तबादला
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संवाद न्यूज एजेंसी
असंध। असंध मार्केट कमेटी के अकाउंटेंट भगवान दास और सचिव कृष्ण धनखड़ पर मंडी में एक प्लॉट को दूसरे आढ़ती के नाम ट्रांसफर करने के एवज में डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप लगा है। इस पर आढ़ती ने मार्केटिंग बोर्ड के सीए टीएल सत्यप्रकाश को शिकायत की थी। इस पर सीए ने दोनों अधिकारियों का पंचकूला मुख्यालय तबादला कर दिया है। साथ ही मामले की जांच एक रिटायर्ड जज को सौंप दी है।
शिकायतकर्ता आढ़ती विनोद ने बताया कि उन्होंने मंडी में एक प्लॉट को खरीदना था। इसको लेकर मार्केटिंग बोर्ड के नियम के तहत वह प्लॉट को ट्रांसफर करवाने के लिए सचिव से मिले थे। सचिव कृष्ण धनखड़ ने अकाउंटेंट भगवान दास से मिलने के लिए कहा था। आरोप है कि जब वह उनसे मिले तो भगवानदास ने कहा कि यह ट्रांसफर का काम करवाने में डेढ़ लाख रुपए लगेंगे। ऐसे जमीन ट्रांसफर और रजिस्टरियों के काम बिना पैसे के नहीं होते। यह पैसे बोर्ड के अधिकारियों को भी भेजने पड़ते हैं। इस पर उन्होंने शिकायत सीए टीएल सत्यप्रकाश को की थी। संज्ञान लेते हुए बोर्ड सीए ने दोनों का तबादला असंध मार्केट कमेटी से बोर्ड ऑफिस पंचकूला किया है। वहीं रिश्वत मांगने के मामले की जांच रिटायर्ड सेशन जज आरपी भसीन को सौंप दी है।
शिकायतकर्ता आढ़ती विनोद ने बताया कि मार्केट कमेटी के अधिकारी आढ़तियों से गेहूं के सीजन में प्रति बैग 16 पैसे की रिश्वत वसूलते रहे हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि इस मामले की गहनता से जांच की जाए तो बड़ा मामला सामने आ सकता है। वहीं शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जिनसे उन्होंने प्लाट खरीदना है दोनों अधिकारियों ने उस व्यक्ति के अचल संपत्ति का पूरा ब्यौरा स्टांप पर मांगा है। वहीं प्लाट की मंजूरी से पूर्व ही प्लॉट के बयान की कॉपी भी मांगी जबकि गैर कानूनी है। इस पर ही बोर्ड ने संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की है।
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-रिश्वत मांगने के सभी आरोप निराधार हैं, न कोई रिश्वत मांगी गई है, न किसी को परेशान किया है। ये सही है कि आरोप के बाद मेरा ट्रांसफर कर दिया गया है लेकिन सच्चाई सामने आ जाएगी।
कृष्ण धनखड़, तत्कालीन सचिव अनाज मंडी असंध
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असंध। असंध मार्केट कमेटी के अकाउंटेंट भगवान दास और सचिव कृष्ण धनखड़ पर मंडी में एक प्लॉट को दूसरे आढ़ती के नाम ट्रांसफर करने के एवज में डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप लगा है। इस पर आढ़ती ने मार्केटिंग बोर्ड के सीए टीएल सत्यप्रकाश को शिकायत की थी। इस पर सीए ने दोनों अधिकारियों का पंचकूला मुख्यालय तबादला कर दिया है। साथ ही मामले की जांच एक रिटायर्ड जज को सौंप दी है।
शिकायतकर्ता आढ़ती विनोद ने बताया कि उन्होंने मंडी में एक प्लॉट को खरीदना था। इसको लेकर मार्केटिंग बोर्ड के नियम के तहत वह प्लॉट को ट्रांसफर करवाने के लिए सचिव से मिले थे। सचिव कृष्ण धनखड़ ने अकाउंटेंट भगवान दास से मिलने के लिए कहा था। आरोप है कि जब वह उनसे मिले तो भगवानदास ने कहा कि यह ट्रांसफर का काम करवाने में डेढ़ लाख रुपए लगेंगे। ऐसे जमीन ट्रांसफर और रजिस्टरियों के काम बिना पैसे के नहीं होते। यह पैसे बोर्ड के अधिकारियों को भी भेजने पड़ते हैं। इस पर उन्होंने शिकायत सीए टीएल सत्यप्रकाश को की थी। संज्ञान लेते हुए बोर्ड सीए ने दोनों का तबादला असंध मार्केट कमेटी से बोर्ड ऑफिस पंचकूला किया है। वहीं रिश्वत मांगने के मामले की जांच रिटायर्ड सेशन जज आरपी भसीन को सौंप दी है।
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शिकायतकर्ता आढ़ती विनोद ने बताया कि मार्केट कमेटी के अधिकारी आढ़तियों से गेहूं के सीजन में प्रति बैग 16 पैसे की रिश्वत वसूलते रहे हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि इस मामले की गहनता से जांच की जाए तो बड़ा मामला सामने आ सकता है। वहीं शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जिनसे उन्होंने प्लाट खरीदना है दोनों अधिकारियों ने उस व्यक्ति के अचल संपत्ति का पूरा ब्यौरा स्टांप पर मांगा है। वहीं प्लाट की मंजूरी से पूर्व ही प्लॉट के बयान की कॉपी भी मांगी जबकि गैर कानूनी है। इस पर ही बोर्ड ने संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की है।
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-रिश्वत मांगने के सभी आरोप निराधार हैं, न कोई रिश्वत मांगी गई है, न किसी को परेशान किया है। ये सही है कि आरोप के बाद मेरा ट्रांसफर कर दिया गया है लेकिन सच्चाई सामने आ जाएगी।
कृष्ण धनखड़, तत्कालीन सचिव अनाज मंडी असंध