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Karnal News: अदालत के फैसले के खिलाफ तीन साल तक की जा सकती है अपील
Mon, 04 May 2026 02:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Mon, 04 May 2026 02:41 AM IST
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दीक्षा, सहायक जिला न्यायवादी, अभियोजन विभाग, करनाल
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 में अपराधी अब कानूनी शिकंजे से भाग नहीं सकते। 10 साल से अधिक सजा के मामलों में अपराधी यदि दूसरे देश में भी चला जाए तो भी अदालत उसे सजा सुना सकती है। उद्घोषित अपराधियों की अनुपस्थिति में ट्रायल से संबंधित बीएनएसएस की धारा 356 में ऐसे अपराधियों को सजा सुनाने का प्रावधान है। धारा के तहत 10 साल या इससे अधिक की सजा के मामले में अपराधी के विदेश भागने या जमानत मिलने के बाद छिप जाने पर अदालत आरोपी की अनुपस्थिति कठोर सजा सुना सकती है। फैसला आने के तीन साल तक अपराधी को अपील करने का मौका रहेगा। तीन साल तक अपराधी जेल जाकर या जमानत लेकर सजा के खिलाफ अपील कर सकता है।
-सजा का फैसला सुनाने के तीन साल बाद तक यदि कोई अपराधी अपील नहीं करता तो उसे पूरी सजा काटनी होगी, इसके बाद वह कभी अपील नहीं कर सकेगा। पीड़ित को न्याय देने और विदेश भागने वाले अपराधियों पर शिकंजा करने के लिए यह प्रावधान किया गया है।
-दीक्षा, सहायक जिला न्यायवादी, अभियोजन विभाग करनाल
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-सजा का फैसला सुनाने के तीन साल बाद तक यदि कोई अपराधी अपील नहीं करता तो उसे पूरी सजा काटनी होगी, इसके बाद वह कभी अपील नहीं कर सकेगा। पीड़ित को न्याय देने और विदेश भागने वाले अपराधियों पर शिकंजा करने के लिए यह प्रावधान किया गया है।
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-दीक्षा, सहायक जिला न्यायवादी, अभियोजन विभाग करनाल