{"_id":"687034084bbc4844120cdfe4","slug":"answer-america-and-china-in-economic-war-by-adopting-swadeshi-karnal-news-c-18-knl1008-688714-2025-07-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: आर्थिक युद्ध में अमेरिका और चीन को स्वदेशी अपनाकर दें जवाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: आर्थिक युद्ध में अमेरिका और चीन को स्वदेशी अपनाकर दें जवाब
विज्ञापन
1002 एचसीसीआई में प्रदेशस्तरीय कार्यक्रम में संबोधित करते सतीश कुमार। संवाद
- फोटो : 1002
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एचसीसीआई) भवन में वीरवार को स्वदेशी जागरण मंच ने हरियाणा में स्वदेशी सुरक्षा स्वावलंबन अभियान का शंखनाद किया।
उद्यमियों, कारोबारियों की सहभागिता वाले इस प्रदेशस्तरीय कार्यक्रम में मंच के राष्ट्रीय सह संगठक सतीश कुमार ने कहा कि हमारे देश में करीब 60 करोड़ लोग मिडिल इनकम ग्रुप के हैं, यदि ये सभी लोग स्वदेशी वस्तुओं को इस्तेमाल करने लगें तो अमेरिका और चीन को भी घुटने टेकने पर विवश किया जा सकता है। उन्होंने 10 अगस्त को भारत छोड़ो दिवस के मौके पर पूरे प्रदेशभर में विदेशी वस्तुओं की होली जलाने का आह्वान किया।
सतीश कुमार ने कहा कि स्वदेशी अपनाने की शुरुआत हमें अपने घर से करनी होगी, सबसे पहले दंत सुरक्षा, नहाना-धोना, पहनना और खाना-पीना पूर्ण स्वदेशी करना होगा। उन्होंने कहा कि आज हमारे युवा विदेश जा रहे हैं, यहां हम विदेशी वस्तुओं को ऑनलाइन मंगाकर उपभोग कर रहे हैं और जो धन विदेश जा रहा है, उसी से विदेशी ताकतें हमारे ही खिलाफ इस्तेमाल करके देश को नुकसान पहुंचा रही हैं।
विज्ञापन
हमारे व्यापारी गंजे को कंघी बेचने का रखते हैं हुनर : डॉ. सोमनाथ : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि हमारे महाराष्ट्र जैसे प्रदेश की अर्थव्यवस्था पाकिस्तान जैसे कई देशों से अधिक है, फिर भी कई देश आंख दिखाते हैं, इसके पीछे कहीं न कहीं हमारी विदेशी वस्तुओं की पीछे भागने की आदत है। व्यापारी वर्ग को सोचना होगा, हमारे व्यापारी तो गंजे को कंघी बेचने का हुनर रखते हैं, तो स्वदेशी क्यों नहीं बेच सकते।
विज्ञापन
करनाल। हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एचसीसीआई) भवन में वीरवार को स्वदेशी जागरण मंच ने हरियाणा में स्वदेशी सुरक्षा स्वावलंबन अभियान का शंखनाद किया।
उद्यमियों, कारोबारियों की सहभागिता वाले इस प्रदेशस्तरीय कार्यक्रम में मंच के राष्ट्रीय सह संगठक सतीश कुमार ने कहा कि हमारे देश में करीब 60 करोड़ लोग मिडिल इनकम ग्रुप के हैं, यदि ये सभी लोग स्वदेशी वस्तुओं को इस्तेमाल करने लगें तो अमेरिका और चीन को भी घुटने टेकने पर विवश किया जा सकता है। उन्होंने 10 अगस्त को भारत छोड़ो दिवस के मौके पर पूरे प्रदेशभर में विदेशी वस्तुओं की होली जलाने का आह्वान किया।
विज्ञापन
सतीश कुमार ने कहा कि स्वदेशी अपनाने की शुरुआत हमें अपने घर से करनी होगी, सबसे पहले दंत सुरक्षा, नहाना-धोना, पहनना और खाना-पीना पूर्ण स्वदेशी करना होगा। उन्होंने कहा कि आज हमारे युवा विदेश जा रहे हैं, यहां हम विदेशी वस्तुओं को ऑनलाइन मंगाकर उपभोग कर रहे हैं और जो धन विदेश जा रहा है, उसी से विदेशी ताकतें हमारे ही खिलाफ इस्तेमाल करके देश को नुकसान पहुंचा रही हैं।
विज्ञापन
हमारे व्यापारी गंजे को कंघी बेचने का रखते हैं हुनर : डॉ. सोमनाथ : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि हमारे महाराष्ट्र जैसे प्रदेश की अर्थव्यवस्था पाकिस्तान जैसे कई देशों से अधिक है, फिर भी कई देश आंख दिखाते हैं, इसके पीछे कहीं न कहीं हमारी विदेशी वस्तुओं की पीछे भागने की आदत है। व्यापारी वर्ग को सोचना होगा, हमारे व्यापारी तो गंजे को कंघी बेचने का हुनर रखते हैं, तो स्वदेशी क्यों नहीं बेच सकते।