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12 जनवरी को जेल भरेंगी आंगनबाड़ी वर्कर्स
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। आंगनबाड़ी वर्कर्स की हड़ताल जारी रहेगी, आंदोलन भी और तेज किया जाएगा। इसी कड़ी में 12 जनवरी को प्रदेश के सभी जिलों में जेल भरो आंदोलन होगा। यह निर्णय बुधवार को करनाल की नई अनाज मंडी में हुई आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स यूनियन की प्रदेश स्तरीय रैली में लिया गया। इसमें विभिन्न जिलों से करीब 25 हजार वर्कर्स और हेल्पर्स पहुंचीं।
सुबह से दोपहर बाद तक चली रैली में बारिश के बावजूद भी वर्कर्स का हौसला कम नहीं हुआ। यूनियन की राज्य तालमेल कमेटी के आह्वान पर हुई रैली में विशेष रूप से आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स फेडरेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष ऊषा रानी पहुंचीं। इसके अलावा फेडरेशन के महासचिव एआर सिंधु, सीटू की राज्य अध्यक्ष सुरेखा, उपाध्यक्ष सतवीर सिंह, आनंद शर्मा, एआईयूटीयूसी के राज्य अध्यक्ष राजेंद्र, सचिव हरि प्रकाश, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य महासचिव सतीश सेठी और संयुक्त कर्मचारी मंच के नेता आरके नागर भी उपस्थित रहे।
अध्यक्ष ऊषा रानी ने एलान किया कि मांगों के समाधान होने तक हड़ताल जारी रहेगी। जेल भरो आंदोलन में प्रदेश की सभी 52 हजार कर्मी हिस्सा लेंगी। सीएम के आवास के घेराव की भी चेतावनी थी। लेकिन सरकार ने समय रहते वार्ता के लिए बुला लिया इसलिए घेराव टाल दिया गया। लेकिन वार्ता विफल रही। इस अवसर पर बिजनेश राणा, सरस्वती, सुमन, उर्मिला, मालवती, सुमन, कृष्णा, शकुंतला और नीतू मौजूद रहे।
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वेतन बढ़ोतरी की मांग पर अटकी वार्ता
अध्यक्ष ऊषा रानी ने कहा कि 2018 में मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा था कि आंगनबाड़ी वर्कर्स को कुशल मजदूर और हेल्पर्स को अकुशल मजदूर का दर्जा देंगे। उस समय 2018 में ही प्रधानमंत्री मोदी ने आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स को दिवाली का तोहफा देते हुए वर्कर्स को 1500 और हेल्पर्स को 750 रुपये देने की घोषणा की थी। लेकिन ये लागू नहीं हुई। इसी मांग पर सहमति न बनने से बुधवार को चंडीगढ़ में सीएम और मुख्य सचिव के साथ ही वार्ता विफल रही। सरकार से वार्ता में तालमेल कमेटी से शकुंतला, देवेंद्री शर्मा, पुष्पा दलाल, बिमला नैन, सीआईटीयू प्रदेश महासचिव जय भगवान, यूटीयूसी के उपाध्यक्ष ईश्वर राठी और सुनीता शामिल थे। रैली की अध्यक्षता रूपा राणा और रोशनी ने संयुक्त रूप से की।
ये हैं प्रमुख मांगें
- वर्कर्स से सुपरवाइजर के रूप में 50 प्रतिशत की पदोन्नति बिना किसी शर्त के लागू हो।
- केंद्रों का बढ़ा किराया ग्रामीण क्षेत्र में दो हजार, कस्बे में तीन हजार और शहरों में पांच हजार रुपये मिले। किराया कम देने पर अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई हो।
- वर्कर्स और हेल्पर की वर्दी की राशि बढ़ाकर दो हजार रुपये की जाए।
- ईंधन की राशि बढ़ाई जाए या गैस सिलिंडर विभाग भरवाकर दे।
- वर्कर्स और हेल्पर्स को सरकारी कर्मचारी का दर्जा मिले, जब तक दर्जा नहीं मिलता तब तक न्यूनतम वेतन वर्कर्स को 24 हजार और हेल्पर्स को 16 हजार रुपये मिले।
- 2018 में की गई घोषणाओं को लागू करते हुए महंगाई भत्ते की सभी किस्त मानदेय में जोड़कर दें और महंगाई भत्ते का बकाया एरियर भी तुरंत मिले।
- विभाग बिना मोबाइल व अन्य संसाधन दिए ऑनलाइन काम न करवाए। इस बारे में उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन हो।
- प्रधानमंत्री की सिंतबर 2018 में की गई वर्कर्स की 1500 और हेल्पर्स की 750 रुपये वेतन की बढ़ोतरी एरियर समेत मिले।
- वर्कर्स को पांच लाख और हेल्पर्स को तीन लाख रुपये रिटायरमेंट लाभ और पेंशन दी जाए।
- वर्कर्स और हेल्पर्स को प्रशिक्षण या बैठक में बुलाने पर टीए-डीए मिले और 18 किलोमीटर की सीमा खत्म हो।
- वर्कर्स और हेल्पर्स को दुर्घटना होने पर इलाज का पूरा खर्च मिले। मृत्यु होने अन्य विभागों की तर्ज पर तीन लाख रुपये मुआवजा और आश्रित को नौकरी मिले।
- नई शिक्षा नीति वापस हो, प्ले वे स्कूल के नाम पर आईसीडीएस का निजीकरण न हो। आईसीडीएस में एनजीओ या प्राइवेट संस्था को शामिल न करें।
- आईसीडीएस में खाली पड़े सभी पदों को भरा जाए और इसकी छह सेवाओं व पांच उद्देश्य से अलग कोई कार्य न लिया जाए।
- प्रदेश में आंदोलन के दौरान आंगनबाड़ी कर्मियों पर रोड जाम के दर्ज केस वापस हो।
- वर्कर्स और हेल्पर्स को ईएसआई और पीएफ के तहत कवर किया जाए, मेडिकल, सर्दी-गर्मी के अवकाश मिले।
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करनाल। आंगनबाड़ी वर्कर्स की हड़ताल जारी रहेगी, आंदोलन भी और तेज किया जाएगा। इसी कड़ी में 12 जनवरी को प्रदेश के सभी जिलों में जेल भरो आंदोलन होगा। यह निर्णय बुधवार को करनाल की नई अनाज मंडी में हुई आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स यूनियन की प्रदेश स्तरीय रैली में लिया गया। इसमें विभिन्न जिलों से करीब 25 हजार वर्कर्स और हेल्पर्स पहुंचीं।
सुबह से दोपहर बाद तक चली रैली में बारिश के बावजूद भी वर्कर्स का हौसला कम नहीं हुआ। यूनियन की राज्य तालमेल कमेटी के आह्वान पर हुई रैली में विशेष रूप से आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स फेडरेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष ऊषा रानी पहुंचीं। इसके अलावा फेडरेशन के महासचिव एआर सिंधु, सीटू की राज्य अध्यक्ष सुरेखा, उपाध्यक्ष सतवीर सिंह, आनंद शर्मा, एआईयूटीयूसी के राज्य अध्यक्ष राजेंद्र, सचिव हरि प्रकाश, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य महासचिव सतीश सेठी और संयुक्त कर्मचारी मंच के नेता आरके नागर भी उपस्थित रहे।
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अध्यक्ष ऊषा रानी ने एलान किया कि मांगों के समाधान होने तक हड़ताल जारी रहेगी। जेल भरो आंदोलन में प्रदेश की सभी 52 हजार कर्मी हिस्सा लेंगी। सीएम के आवास के घेराव की भी चेतावनी थी। लेकिन सरकार ने समय रहते वार्ता के लिए बुला लिया इसलिए घेराव टाल दिया गया। लेकिन वार्ता विफल रही। इस अवसर पर बिजनेश राणा, सरस्वती, सुमन, उर्मिला, मालवती, सुमन, कृष्णा, शकुंतला और नीतू मौजूद रहे।
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वेतन बढ़ोतरी की मांग पर अटकी वार्ता
अध्यक्ष ऊषा रानी ने कहा कि 2018 में मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा था कि आंगनबाड़ी वर्कर्स को कुशल मजदूर और हेल्पर्स को अकुशल मजदूर का दर्जा देंगे। उस समय 2018 में ही प्रधानमंत्री मोदी ने आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स को दिवाली का तोहफा देते हुए वर्कर्स को 1500 और हेल्पर्स को 750 रुपये देने की घोषणा की थी। लेकिन ये लागू नहीं हुई। इसी मांग पर सहमति न बनने से बुधवार को चंडीगढ़ में सीएम और मुख्य सचिव के साथ ही वार्ता विफल रही। सरकार से वार्ता में तालमेल कमेटी से शकुंतला, देवेंद्री शर्मा, पुष्पा दलाल, बिमला नैन, सीआईटीयू प्रदेश महासचिव जय भगवान, यूटीयूसी के उपाध्यक्ष ईश्वर राठी और सुनीता शामिल थे। रैली की अध्यक्षता रूपा राणा और रोशनी ने संयुक्त रूप से की।
ये हैं प्रमुख मांगें
- वर्कर्स से सुपरवाइजर के रूप में 50 प्रतिशत की पदोन्नति बिना किसी शर्त के लागू हो।
- केंद्रों का बढ़ा किराया ग्रामीण क्षेत्र में दो हजार, कस्बे में तीन हजार और शहरों में पांच हजार रुपये मिले। किराया कम देने पर अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई हो।
- वर्कर्स और हेल्पर की वर्दी की राशि बढ़ाकर दो हजार रुपये की जाए।
- ईंधन की राशि बढ़ाई जाए या गैस सिलिंडर विभाग भरवाकर दे।
- वर्कर्स और हेल्पर्स को सरकारी कर्मचारी का दर्जा मिले, जब तक दर्जा नहीं मिलता तब तक न्यूनतम वेतन वर्कर्स को 24 हजार और हेल्पर्स को 16 हजार रुपये मिले।
- 2018 में की गई घोषणाओं को लागू करते हुए महंगाई भत्ते की सभी किस्त मानदेय में जोड़कर दें और महंगाई भत्ते का बकाया एरियर भी तुरंत मिले।
- विभाग बिना मोबाइल व अन्य संसाधन दिए ऑनलाइन काम न करवाए। इस बारे में उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन हो।
- प्रधानमंत्री की सिंतबर 2018 में की गई वर्कर्स की 1500 और हेल्पर्स की 750 रुपये वेतन की बढ़ोतरी एरियर समेत मिले।
- वर्कर्स को पांच लाख और हेल्पर्स को तीन लाख रुपये रिटायरमेंट लाभ और पेंशन दी जाए।
- वर्कर्स और हेल्पर्स को प्रशिक्षण या बैठक में बुलाने पर टीए-डीए मिले और 18 किलोमीटर की सीमा खत्म हो।
- वर्कर्स और हेल्पर्स को दुर्घटना होने पर इलाज का पूरा खर्च मिले। मृत्यु होने अन्य विभागों की तर्ज पर तीन लाख रुपये मुआवजा और आश्रित को नौकरी मिले।
- नई शिक्षा नीति वापस हो, प्ले वे स्कूल के नाम पर आईसीडीएस का निजीकरण न हो। आईसीडीएस में एनजीओ या प्राइवेट संस्था को शामिल न करें।
- आईसीडीएस में खाली पड़े सभी पदों को भरा जाए और इसकी छह सेवाओं व पांच उद्देश्य से अलग कोई कार्य न लिया जाए।
- प्रदेश में आंदोलन के दौरान आंगनबाड़ी कर्मियों पर रोड जाम के दर्ज केस वापस हो।
- वर्कर्स और हेल्पर्स को ईएसआई और पीएफ के तहत कवर किया जाए, मेडिकल, सर्दी-गर्मी के अवकाश मिले।