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Karnal News: आंगनबाड़ी कर्मियों ने घेरा लघु सचिवालय
Sat, 28 Oct 2023 02:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sat, 28 Oct 2023 02:43 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। आंगनबाड़ी कर्मियों ने अपनी लंबित मांगों के समर्थन लघु सचिवालय का घेराव किया। प्रधान रूपा राणा की अध्यक्षता में सभी आंगनबाडी कर्मी प्रदर्शन करती हुई लघु सचिवालय पहुंची और मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार सागर मल को ज्ञापन सौंपा ।
रूपा राणा ने कहा कि आंगनबाड़ी कर्मियों की गत वर्ष की हड़ताल के दौरान सरकार द्वारा जिन मांगों को तुरंत प्रभाव से लागू करने का आश्वासन दिया गया था, वह आज तक भी लंबित हैं। इससे आंगनबाड़ी कर्मियों में गहरा रोष है। सरकार ने अभी तक भी 2018 की स्घोषणा कर्मियों के वेतन में 1500 और 750 रुपये की बढ़ोतरी को लागू नहीं किया है। मुख्यमंत्री ने दिसंबर 2021 में महंगाई भत्ता देने की बात कही थी। अभी तक भी इस पर कोई विचार नहीं किया गया है।
जिला सहसचिव रीना ने कहा कि सरकार द्वारा कहा गया था कि हड़ताल के समय के उनके वेतन में 200 रूपये तक की कटौती होगी। फिर भी आंगनबाड़ी कर्मियों के वेतन में से 75 प्रतिशत काट कर केवल 25 प्रतिशत का ही भुगतान किया गया है। इस दौरान कई आंगनबाडी कर्मियों पर पुलिस केस हुए वह भी वापिस नहीं हुए है।
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आंगनबाड़ी कर्मियों ने आरोप लगाया कि सरकार ने फोन के लिए शुल्क देने का वायदा किया था लेकिन तीन साल से उन्हें कोई शुल्क नहीं दिया गया है। जबकि आंगनबाड़ी कर्मियों के सभी काम फोन से ऑनलाइन होते है पोषण मोबाइल एप्प व अन्य कई तरह की योजनाएं भी फोन के माध्यम से संपन्न होती है। उन्होंने आरोप लगया कि ईंधन का फंड 2020 से बकाया है। वर्दी के पैसे नहीं मिल रहे है, खाली पड़े पदों पर नई भर्ती नहीं हो रही है।
यूनियन नेताओं ने कहा की मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं को लागूना करने से जिला की आंगनबाड़ी कर्मियों में रोष बढ़ रहा है। आज के धरने में महावीर दहिया, सुशील गुज्जर, एन पी सिंह चौहान, सेवा राम, रिशीपाल ,कृष्ण शर्मा, नीलम,रेखा, शालिनी, नरेश, सन्तोष, उर्मिला, पुष्पाराणा, सरोज घरौडा आदि मौजूद रहीं।
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करनाल। आंगनबाड़ी कर्मियों ने अपनी लंबित मांगों के समर्थन लघु सचिवालय का घेराव किया। प्रधान रूपा राणा की अध्यक्षता में सभी आंगनबाडी कर्मी प्रदर्शन करती हुई लघु सचिवालय पहुंची और मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार सागर मल को ज्ञापन सौंपा ।
रूपा राणा ने कहा कि आंगनबाड़ी कर्मियों की गत वर्ष की हड़ताल के दौरान सरकार द्वारा जिन मांगों को तुरंत प्रभाव से लागू करने का आश्वासन दिया गया था, वह आज तक भी लंबित हैं। इससे आंगनबाड़ी कर्मियों में गहरा रोष है। सरकार ने अभी तक भी 2018 की स्घोषणा कर्मियों के वेतन में 1500 और 750 रुपये की बढ़ोतरी को लागू नहीं किया है। मुख्यमंत्री ने दिसंबर 2021 में महंगाई भत्ता देने की बात कही थी। अभी तक भी इस पर कोई विचार नहीं किया गया है।
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जिला सहसचिव रीना ने कहा कि सरकार द्वारा कहा गया था कि हड़ताल के समय के उनके वेतन में 200 रूपये तक की कटौती होगी। फिर भी आंगनबाड़ी कर्मियों के वेतन में से 75 प्रतिशत काट कर केवल 25 प्रतिशत का ही भुगतान किया गया है। इस दौरान कई आंगनबाडी कर्मियों पर पुलिस केस हुए वह भी वापिस नहीं हुए है।
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आंगनबाड़ी कर्मियों ने आरोप लगाया कि सरकार ने फोन के लिए शुल्क देने का वायदा किया था लेकिन तीन साल से उन्हें कोई शुल्क नहीं दिया गया है। जबकि आंगनबाड़ी कर्मियों के सभी काम फोन से ऑनलाइन होते है पोषण मोबाइल एप्प व अन्य कई तरह की योजनाएं भी फोन के माध्यम से संपन्न होती है। उन्होंने आरोप लगया कि ईंधन का फंड 2020 से बकाया है। वर्दी के पैसे नहीं मिल रहे है, खाली पड़े पदों पर नई भर्ती नहीं हो रही है।
यूनियन नेताओं ने कहा की मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं को लागूना करने से जिला की आंगनबाड़ी कर्मियों में रोष बढ़ रहा है। आज के धरने में महावीर दहिया, सुशील गुज्जर, एन पी सिंह चौहान, सेवा राम, रिशीपाल ,कृष्ण शर्मा, नीलम,रेखा, शालिनी, नरेश, सन्तोष, उर्मिला, पुष्पाराणा, सरोज घरौडा आदि मौजूद रहीं।