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Karnal News: खुले नाले ने ली जान... संतुलन बिगड़ते ही चार फुट गहराई में बाइक समेत गिरे दो युवक, एक की मौत
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हिमांशु शर्मा फाइल फोटो
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल/तरावड़ी/नीलोखेड़ी। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 की सर्विस लेन पर खुले नाले ने नीलोखेड़ी निवासी 22 वर्षीय हिमांशु की जान ले ली, जबकि उसका साथी नितिन घायल है। तरावड़ी के नजदीक पेट्रोल पंप के पास बुधवार रात 12 बजे सामने से आ रहे वाहन की तेज रोशनी आंखों में पड़ने से युवक की बाइक का संतुलन बिगड़ गया और वे करीब चार फुट गहरे खुले नाले में जा गिरे।
पुलिस के अनुसार, बुधवार रात हिमांशु अपने साथी नितिन के साथ नीलोखेड़ी से तरावड़ी की ओर बाइक पर आ रहे थे। तभी सामने से आ रहे वाहन की तेज रोशनी आंखों में पड़ने से चालक संतुलन खो बैठा और नाले में गिर गया। हादसे में हिमांशु के सिर में गंभीर चोट लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई जबकि उसका साथी घायल हो गया। घायल युवक ने तुरंत 112 पर कॉल करके पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों को अस्पताल पहुंचाया और परिजनों को सूचित किया मगर उसकी मौत हो चुकी थी। जांच अधिकारी संदीप रंगा ने बताया कि पोस्टमार्टम की कार्रवाई कर शव परिजनों को सौंप दिया। शिकायत के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
पिता की हो चुकी मौत
हिमांशु के पिता लाजपत राय का पहले ही निधन हो चुका है। ऐसे में उसकी मां विधवा है और हिमांशु ही घर का सहारा था। हाल ही में उसने काम शुरू किया था और परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहा था। बेटे की असमय मौत से मां का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से टूटे हुए नाले की जल्द मरम्मत करवाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों से बचा जा सके।
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नाले पर नहीं थी स्लैब, पास में बिखरी थीं ईंटें
हाईवे पर जिस जगह हादसा हुआ, यहां नाले की ऊपर की स्लैब टूटी हुई थी। इस नाले के पास में ईंटें भी बिखरी हुई थी। देखने में ऐसा लग रहा था कि जैसे किसी ट्राली से ईंटें गिरी हो, बताया जा रहा है कि आंखों में रोशनी पड़ने के बाद युवक की बाइक का पहिया इन ईंटों के ऊपर से गुजरा और तभी संतुलन बिगड़ गया और वे नाले में जा गिरे। स्थानीय लोगों ने बताया कि कईं महीनों से नाले से स्लैब टूटी हुई है। एनएचएआई के अधिकारियों का इस ओर ध्यान नहीं है।
नाला क्यों खुला था होगी जांच : सेक्शन इंजीनियर
दिसंबर माह में सड़क सुरक्षा अभियान के तहत और जनवरी माह में नोएडा में इंजीनियर युवराज की मौत के बाद अब अमर उजाला ने राष्ट्रीय राजामार्ग-44 पर खुले नालों के हालात को उजागर करके अधिकारियों को चेताया था। इसके अलावा जनवरी माह में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में उपायुक्त ने भी नालों को ढकने के आदेश दिए थे, इसके बावजूद अधिकारियों ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया और अब करनाल जिले में भी हादसे में युवक की जान चली गई। एनएचएआई के सेक्शन इंजीनियर भानू का कहना है कि नालों को ढक दिया था, हो सकता है सफाई के लिए खोला गया हो। नाला क्यों खुला था, इसकी जांच कराई जाएगी।
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करनाल/तरावड़ी/नीलोखेड़ी। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 की सर्विस लेन पर खुले नाले ने नीलोखेड़ी निवासी 22 वर्षीय हिमांशु की जान ले ली, जबकि उसका साथी नितिन घायल है। तरावड़ी के नजदीक पेट्रोल पंप के पास बुधवार रात 12 बजे सामने से आ रहे वाहन की तेज रोशनी आंखों में पड़ने से युवक की बाइक का संतुलन बिगड़ गया और वे करीब चार फुट गहरे खुले नाले में जा गिरे।
पुलिस के अनुसार, बुधवार रात हिमांशु अपने साथी नितिन के साथ नीलोखेड़ी से तरावड़ी की ओर बाइक पर आ रहे थे। तभी सामने से आ रहे वाहन की तेज रोशनी आंखों में पड़ने से चालक संतुलन खो बैठा और नाले में गिर गया। हादसे में हिमांशु के सिर में गंभीर चोट लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई जबकि उसका साथी घायल हो गया। घायल युवक ने तुरंत 112 पर कॉल करके पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों को अस्पताल पहुंचाया और परिजनों को सूचित किया मगर उसकी मौत हो चुकी थी। जांच अधिकारी संदीप रंगा ने बताया कि पोस्टमार्टम की कार्रवाई कर शव परिजनों को सौंप दिया। शिकायत के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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पिता की हो चुकी मौत
हिमांशु के पिता लाजपत राय का पहले ही निधन हो चुका है। ऐसे में उसकी मां विधवा है और हिमांशु ही घर का सहारा था। हाल ही में उसने काम शुरू किया था और परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहा था। बेटे की असमय मौत से मां का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से टूटे हुए नाले की जल्द मरम्मत करवाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों से बचा जा सके।
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नाले पर नहीं थी स्लैब, पास में बिखरी थीं ईंटें
हाईवे पर जिस जगह हादसा हुआ, यहां नाले की ऊपर की स्लैब टूटी हुई थी। इस नाले के पास में ईंटें भी बिखरी हुई थी। देखने में ऐसा लग रहा था कि जैसे किसी ट्राली से ईंटें गिरी हो, बताया जा रहा है कि आंखों में रोशनी पड़ने के बाद युवक की बाइक का पहिया इन ईंटों के ऊपर से गुजरा और तभी संतुलन बिगड़ गया और वे नाले में जा गिरे। स्थानीय लोगों ने बताया कि कईं महीनों से नाले से स्लैब टूटी हुई है। एनएचएआई के अधिकारियों का इस ओर ध्यान नहीं है।
नाला क्यों खुला था होगी जांच : सेक्शन इंजीनियर
दिसंबर माह में सड़क सुरक्षा अभियान के तहत और जनवरी माह में नोएडा में इंजीनियर युवराज की मौत के बाद अब अमर उजाला ने राष्ट्रीय राजामार्ग-44 पर खुले नालों के हालात को उजागर करके अधिकारियों को चेताया था। इसके अलावा जनवरी माह में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में उपायुक्त ने भी नालों को ढकने के आदेश दिए थे, इसके बावजूद अधिकारियों ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया और अब करनाल जिले में भी हादसे में युवक की जान चली गई। एनएचएआई के सेक्शन इंजीनियर भानू का कहना है कि नालों को ढक दिया था, हो सकता है सफाई के लिए खोला गया हो। नाला क्यों खुला था, इसकी जांच कराई जाएगी।