{"_id":"65c2b75b1574d5d9310eef96","slug":"amrit-yojana-worth-rs-166-crore-will-be-completed-in-three-months-karnal-news-c-18-knl1008-320803-2024-02-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: तीन माह में पूरी होगी 166 करोड़ की अमृत योजना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: तीन माह में पूरी होगी 166 करोड़ की अमृत योजना
विज्ञापन
- तीन आरडब्ल्यूएच, दो आईपीएस शुरू, निगमायुक्त ने फूसगढ़ के 20 एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी को एक माह में शुरू करने का दिया निर्देश
- धौलगढ़ से जरीफा विरान सीवरलाइन को जोड़ने के लिए बनेगा 100 केएलडी का नया एसटीपी
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहर में वर्ष 2017 में शुरू हुईं करीब 134 करोड़ रुपये की लागत वाली अमृत परियोजना अब सिरे चढ़ने वाली है। बाद में इस परियोजना में 32 करोड़ की बरसाती जलनिकासी की परियोजना को जोड़ दिया गया, जिससे इसकी लागत 166 करोड़ रुपये हो गई। बरसाती जल निकासी योजना में तीन रेन वाटर हार्वेस्टर (आरडब्ल्यूएच) व दो इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन (आईपीएस) को मंगलवार को शुरू कर दिया गया है।
निगमायुक्त अभिषेक मीणा ने मंगलवार को योजना से जुड़े प्रदेशस्तरीय तकनीकी समिति (एसएलटीसी.) की उप समिति के साथ बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। 20 एमएलडी क्षमता वाले सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) फूसगढ़ को एक माह में हर हाल में शुरू करने का निर्देश दिया। साथ ही धौलगढ़ से जरीफा विरान को जाने वाली सीवर लाइन को जोड़ने के लिए रेलवे अंडरपास के साथ-साथ ट्रैंचलेस की जगह डीआई. पाइप लाइन डालने, यहीं पर 100 केएलडी क्षमता का एक नया आईपीएस बनाने का भी निर्णय लिया गया है।
राज्य स्तरीय तकनीकी समिति-उप समिति में सबसे पहले धौलगढ़ से जरीफा विरान को जाने वाली सीवर लाइन को जोड़ने का मामला रखा गया। जिसमें प्रस्ताव रखा गया कि रेलवे अंडरपास के साथ-साथ ट्रैंचलेस की जगह डीआई. पाइप लाइन डालने की आवश्यकता होगी। इसमें एक कम से कम 100 केएलडी के इंटरनस पंपिंग स्टेशन (आईपीएस) की भी जरूरत होगी, ताकि पानी निकास तेजी से हो सके। इन दोनों कार्यो को स्वीकृति दे दी गई। इस कार्य के विश्लेषण की जिम्मेदारी कार्यकारी अभियंता सतीश शर्मा को सौंपी गई है।
विज्ञापन
बरसाती पानी और सीवरेज का काम कर रही एजेंसियों ने कार्य पूरा करने के लिए तीन माह का और समय मांगा था, जिसका अनुमोदन देने के लिए एसएलटीसी को भेज दिया गया है। यही कमेटी निर्णय लेगी कि समय दिया जाएगा या नहीं। निगमायुक्त ने बताया कि स्टोरम वाटर के धौलगढ़, झंझाड़ी व सैदपुरा स्थित रेन वाटर हार्वेस्टर तथा मीरा घाटी स्थित इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन व सीवर सिस्टम का शुगर मिल स्थित आईपीएस भी पिछले दो दिनों में दिए गए हैं। सैदपुरा स्थित आईपीएस अगले एक माह में चालू कर दिया जाएगा। हैरीटेज लॉन, सैदपुरा व हकीकत नगर स्थित स्टोरम वाटर के आईपीएस को शुरू करने में अभी करीब तीन माह का समय लग सकता है।
एक माह में शुरू होगा फूसगढ़ का एसटीपी
निगमायुक्त अभिषेक मीणा ने सीवरेज सिस्टम की कार्यदाई संस्था एएस कृष्णा एजेंसी प्रतिनिधि को निर्देश दिए कि वह अगले एक माह में फूसगढ़ स्थित 20 एमएलडी (मिलियन लीटर पर डे) क्षमता के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को चालू करें। शिव कॉलोनी स्थित आठ एमएलडी क्षमता के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य भी अगले तीन माह में पूरा करें, जिससे लोगों को शीघ्र बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
विज्ञापन
- धौलगढ़ से जरीफा विरान सीवरलाइन को जोड़ने के लिए बनेगा 100 केएलडी का नया एसटीपी
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहर में वर्ष 2017 में शुरू हुईं करीब 134 करोड़ रुपये की लागत वाली अमृत परियोजना अब सिरे चढ़ने वाली है। बाद में इस परियोजना में 32 करोड़ की बरसाती जलनिकासी की परियोजना को जोड़ दिया गया, जिससे इसकी लागत 166 करोड़ रुपये हो गई। बरसाती जल निकासी योजना में तीन रेन वाटर हार्वेस्टर (आरडब्ल्यूएच) व दो इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन (आईपीएस) को मंगलवार को शुरू कर दिया गया है।
निगमायुक्त अभिषेक मीणा ने मंगलवार को योजना से जुड़े प्रदेशस्तरीय तकनीकी समिति (एसएलटीसी.) की उप समिति के साथ बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। 20 एमएलडी क्षमता वाले सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) फूसगढ़ को एक माह में हर हाल में शुरू करने का निर्देश दिया। साथ ही धौलगढ़ से जरीफा विरान को जाने वाली सीवर लाइन को जोड़ने के लिए रेलवे अंडरपास के साथ-साथ ट्रैंचलेस की जगह डीआई. पाइप लाइन डालने, यहीं पर 100 केएलडी क्षमता का एक नया आईपीएस बनाने का भी निर्णय लिया गया है।
विज्ञापन
राज्य स्तरीय तकनीकी समिति-उप समिति में सबसे पहले धौलगढ़ से जरीफा विरान को जाने वाली सीवर लाइन को जोड़ने का मामला रखा गया। जिसमें प्रस्ताव रखा गया कि रेलवे अंडरपास के साथ-साथ ट्रैंचलेस की जगह डीआई. पाइप लाइन डालने की आवश्यकता होगी। इसमें एक कम से कम 100 केएलडी के इंटरनस पंपिंग स्टेशन (आईपीएस) की भी जरूरत होगी, ताकि पानी निकास तेजी से हो सके। इन दोनों कार्यो को स्वीकृति दे दी गई। इस कार्य के विश्लेषण की जिम्मेदारी कार्यकारी अभियंता सतीश शर्मा को सौंपी गई है।
विज्ञापन
बरसाती पानी और सीवरेज का काम कर रही एजेंसियों ने कार्य पूरा करने के लिए तीन माह का और समय मांगा था, जिसका अनुमोदन देने के लिए एसएलटीसी को भेज दिया गया है। यही कमेटी निर्णय लेगी कि समय दिया जाएगा या नहीं। निगमायुक्त ने बताया कि स्टोरम वाटर के धौलगढ़, झंझाड़ी व सैदपुरा स्थित रेन वाटर हार्वेस्टर तथा मीरा घाटी स्थित इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन व सीवर सिस्टम का शुगर मिल स्थित आईपीएस भी पिछले दो दिनों में दिए गए हैं। सैदपुरा स्थित आईपीएस अगले एक माह में चालू कर दिया जाएगा। हैरीटेज लॉन, सैदपुरा व हकीकत नगर स्थित स्टोरम वाटर के आईपीएस को शुरू करने में अभी करीब तीन माह का समय लग सकता है।
एक माह में शुरू होगा फूसगढ़ का एसटीपी
निगमायुक्त अभिषेक मीणा ने सीवरेज सिस्टम की कार्यदाई संस्था एएस कृष्णा एजेंसी प्रतिनिधि को निर्देश दिए कि वह अगले एक माह में फूसगढ़ स्थित 20 एमएलडी (मिलियन लीटर पर डे) क्षमता के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को चालू करें। शिव कॉलोनी स्थित आठ एमएलडी क्षमता के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य भी अगले तीन माह में पूरा करें, जिससे लोगों को शीघ्र बेहतर सुविधाएं मिल सकें।