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15 दिन बाद नागरिक अस्पताल में पहुंचे एंअी रेबिज टीके, कुत्तों की संख्या बरकरार
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नागरिक अस्पताल में 15 दिन बाद एंटी रेबीज के टीके पहुंच गये हैं। शुक्रवार को मरीजों को एंटी रेबीज के टीके उपलब्ध कराये गये, हालांकि जरूरत के मुताबिक अभी टीके बहुत कम पहुंचे हैं। कारण कि नागरिक अस्पताल में हर रोज 40 से 50 मरीज कुत्ते और बंदर काटने के आते हैं। ऐसे में एंटी रेबीज के टीके अभी 200 ही आये हैं, जबकि आवश्यकता छह महीने के लिये करीब दस हजार की है। दूसरी ओर गलियों में कुत्तों का खौफ बरकरार है। आवारा कुत्तों पर अंकुश लगाने के लिए नगर निगम के पास कोई प्लानिंग नहीं है। ऐसे में आए दिन शहरवासी कुत्तों के काटने से परेशान हैं। खासतौर से छोटे बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 15 दिन से नागरिक अस्पताल में एंटी रेबीज टीके भी खत्म हो गये थे। 16 जनवरी को अमर उजाला ने एंटी रेबीज के टीके खत्म होने और कुत्तों के बढ़ते आतंक को लेकर खबर प्रकाशित की थी, जिसपर अधिकारियों ने संज्ञान लेते हुये 200 एंटी रेबीज टीके मंगवा लिये हैं।
कब होगी कुत्तों की समस्या दूर
शहरवासियों का कहना है कि अस्पताल में तो एंटी रेबीज के टीके आ गये हैं, लेकिन कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण के लिए कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। वहीं बंदरों का आतंक भी शहर में है। ऐसे में नगर निगम आयुक्त को इस ओर ध्यान देना चाहिये और जल्द ही इस समस्या को दूर करवाना चाहिये।
इन बातों का रखें ध्यान
- कुत्ते के काटने पर जख्म को साबुन से अच्छे से धोएं
- टेटनेस का टीका अवश्य लगवायें
- झाड़ फूंक पर विश्वास न करें, तुरंत डॉक्टर के पास जायें
- डॉक्टर के अनुसार पूरे टीके लगवायें।
पूरे प्रदेश में एंटी रेबीज टीकों की कमी है। फिलहाल 200 टीके एंटी रेबीज के मंगाए गये हैं। जल्द ही और टीके भी उपलब्ध करा दिये जाएंगे। प्रयास है कि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो।
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डॉ. अश्वनी आहुजा, सीएमओ, करनाल।
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कब होगी कुत्तों की समस्या दूर
शहरवासियों का कहना है कि अस्पताल में तो एंटी रेबीज के टीके आ गये हैं, लेकिन कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण के लिए कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। वहीं बंदरों का आतंक भी शहर में है। ऐसे में नगर निगम आयुक्त को इस ओर ध्यान देना चाहिये और जल्द ही इस समस्या को दूर करवाना चाहिये।
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इन बातों का रखें ध्यान
- कुत्ते के काटने पर जख्म को साबुन से अच्छे से धोएं
- टेटनेस का टीका अवश्य लगवायें
- झाड़ फूंक पर विश्वास न करें, तुरंत डॉक्टर के पास जायें
- डॉक्टर के अनुसार पूरे टीके लगवायें।
पूरे प्रदेश में एंटी रेबीज टीकों की कमी है। फिलहाल 200 टीके एंटी रेबीज के मंगाए गये हैं। जल्द ही और टीके भी उपलब्ध करा दिये जाएंगे। प्रयास है कि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो।
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डॉ. अश्वनी आहुजा, सीएमओ, करनाल।