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Karnal News: रिश्वत लेकर मनपसंद फर्मों को टेंडर देने के आरोप
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नगर निगम अधिकारी-कर्मचारी पर लगे रिश्वत लेकर मनपसंद फर्मों को टेंडर देने के आरोपों पर चल रही यूएलबी विजिलेंस की जांच में पूर्व पार्षदों को शामिल किया जा रहा है। मामले में तथ्य रिपोर्ट देने के मिले निर्देश पर डीएमसी द्वारा 14 वार्डों के पूर्व पार्षदों को शनिवार (आज) अपने कार्यालय बुलाया गया है।
सभी 14 पूर्व पार्षदों को डीएमसी की ओर से पत्र जारी हुआ तो कइयों ने खुद को मामले में अंजान बताया, वहीं कई इसे नगर निगम में पुराने समय में रहे एक अधिकारी के खिलाफ दी गई शिकायत से जोड़ रहे हैं। फिलहाल पूरा मामला क्या है, यह शनिवार को पूर्व पार्षदों को डीएमसी कार्यालय में बुलाई वार्ता में स्पष्ट होगा। नगर निगम से डीएमसी की ओर से पूर्व पार्षदों में विनय कुमार, रेखा राणा, अभिषेक शर्मा, संजीव कुमार, प्रिंस शर्मा, संकेत प्रकाश, वीना शर्मा, रानी कालड़ा, कुसुम गोंदवाल, उषा, रिया, निर्मल चौहान, भावना, सुरेंद्र शर्मा को यह पत्र आया है।
पत्र अनुसार इन पूर्व पार्षदों द्वारा चौकसी विभाग के मुख्य सचिव को एक शिकायत दी गई थी, जो नगर निगम अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ रिश्वत लेकर मनपसंद फर्मों को टेंडर देने बारे थी। इसकी जांच शहरी स्थानीय निकाय विभाग से मुख्य सतर्कता अधिकारी द्वारा की जा रही है। इसमें गत 19 नवंबर को नगर निगम डीएमसी को जांच से संबंधित तथ्य रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश मिले।
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यमुनानगर। नगर निगम अधिकारी-कर्मचारी पर लगे रिश्वत लेकर मनपसंद फर्मों को टेंडर देने के आरोपों पर चल रही यूएलबी विजिलेंस की जांच में पूर्व पार्षदों को शामिल किया जा रहा है। मामले में तथ्य रिपोर्ट देने के मिले निर्देश पर डीएमसी द्वारा 14 वार्डों के पूर्व पार्षदों को शनिवार (आज) अपने कार्यालय बुलाया गया है।
सभी 14 पूर्व पार्षदों को डीएमसी की ओर से पत्र जारी हुआ तो कइयों ने खुद को मामले में अंजान बताया, वहीं कई इसे नगर निगम में पुराने समय में रहे एक अधिकारी के खिलाफ दी गई शिकायत से जोड़ रहे हैं। फिलहाल पूरा मामला क्या है, यह शनिवार को पूर्व पार्षदों को डीएमसी कार्यालय में बुलाई वार्ता में स्पष्ट होगा। नगर निगम से डीएमसी की ओर से पूर्व पार्षदों में विनय कुमार, रेखा राणा, अभिषेक शर्मा, संजीव कुमार, प्रिंस शर्मा, संकेत प्रकाश, वीना शर्मा, रानी कालड़ा, कुसुम गोंदवाल, उषा, रिया, निर्मल चौहान, भावना, सुरेंद्र शर्मा को यह पत्र आया है।
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पत्र अनुसार इन पूर्व पार्षदों द्वारा चौकसी विभाग के मुख्य सचिव को एक शिकायत दी गई थी, जो नगर निगम अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ रिश्वत लेकर मनपसंद फर्मों को टेंडर देने बारे थी। इसकी जांच शहरी स्थानीय निकाय विभाग से मुख्य सतर्कता अधिकारी द्वारा की जा रही है। इसमें गत 19 नवंबर को नगर निगम डीएमसी को जांच से संबंधित तथ्य रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश मिले।
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