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Karnal News: सीट बेल्ट नहीं लगे होने से नहीं खुलते एयरबैग, 20 कार सवारों की गई जान, 36 गंभीर
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गगन तलवार
करनाल। कार चलाते हुए सीट बेल्ट लगाना बेहद जरूरी है। क्योंकि अगर ऐसे कार चलाते समय हादसा हो गया तो बचाव के लिए लगे एयरबैग नहीं खुलते और चालक व सहयात्रियों को अपनी जान तक गंवानी पड़ती है। 2025 में 20 कार सवारों की इसी लापरवाही के कारण जान गई और 36 लोग गंभीर या आपाहिज हुए। जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। यह खुलासा सड़क सुरक्षा समिति की इस वर्ष 10 माह में हुए हादसों पर हुई स्टडी में हुआ है।
वर्ष 2025 में जनवरी से अक्तूबर तक हुए हादसों में 56 कार सवार ऐसे थे, जिन्होंने सीट बेल्ट नहीं लगाई हुई थी और हादसे का शिकार हो गए। चालकों में देखें तो 11 चालकों की मौत हुई, 14 गंभीर रूप से घायल हुए और आठ को हल्की चोट आई। जबकि सहयात्रियों में नौ को अपनी जान गंवानी पड़ी और चार गंभीर रहे और 10 को आई चोट ने भी अस्पताल पहुंचा दिया। राहत की बात यह है कि 2024 के मुकाबले बिना सीट बेल्ट लगाए कार सवारों के हुए हादसों में पीड़ितों का आंकड़ा कम है। 2024 में 28 की जान गई थी, 33 गंभीर हुए और चार को चोट लगी थी। पुलिस की कार्रवाई पर नजर डालें तो हर माह बिना सीट बेल्ट लगाए वाहन चलाने वालों पर करीब 200 से 300 चालान किए जाते हैं। ब्यूरो
सीट बेल्ट लगाई पर अन्य कारण से हादसे में गई 25 की जान
इस वर्ष सीट बेल्ट लगाकर वाहन चलाने वाले भी सड़क दुर्घटना का शिकार हुए हैं। इनमें 25 ऐसे लोगों की भी मौत हुई है, जिन्होंने सीट बेल्ट लगाया हुआ था। इसके अलावा 13 गंभीर हुए और 21 को गहरी चोट आई। यहां हादसे व मौत का कारण वाहन या सड़क की खामी, तेज रफ्तार या कोई अन्य कारण है। मरने वाले 25 लोगों में 14 चालक थे और 11 सहयात्री। यह आंकड़ा 2024 के मुकाबले बढ़ा है।
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एक्सपर्ट व्यू
यदि एयरबैग खुल गया तो ज्यादा खतरनाक
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ शुभम भारद्वाज और एडवोकेट संदीप राणा ने बताया कि कार चलाते समय सीट बेल्ट न पहनने पर कुछ वाहनों में एयरबैग खुल सकते हैं लेकिन वे प्रभावी ढंग से काम नहीं करते और यात्री को ज्यादा चोट लगने का खतरा होता है। क्योंकि एयरबैग को सीट बेल्ट के साथ मिलकर काम करने के लिए डिजाइन किया गया है। सीट बेल्ट के बिना यात्री एयरबैग से टकराकर अंदरूनी हिस्सों से या बाहर भी फेंका जा सकता है जो ज्यादा खतरनाक है। समिति सदस्य तेजपाल ने बताया कि यातायात के अन्य नियमों का पालन भी जरूरी है। अन्य हादसा होने पर सीट बेल्ट लगे होने पर भी जान नहीं बच पाती।
सीट बेल्ट और एयरबैग ऐसे काम करते हैं
- सीट बेल्ट : यह प्राथमिक सुरक्षा प्रणाली है, जो चालक को सीट पर रोकती है और डैशबोर्ड या स्टीयरिंग व्हील से टकराने से बचाती है।
- एयरबैग : यह एक द्वितीयक सुरक्षा प्रणाली है, जो सीट बेल्ट के साथ मिलकर काम करती है, ताकि टक्कर के दौरान चालक का सिर और शरीर के ऊपरी हिस्से को कार के अंदरूनी हिस्सों से टकराने से बचाया जा सके।
यह है चार पहिया वाहन चालकों के हादसों की स्थिति
बिना सीट बेल्ट लगाए सफर करने वालों की स्थिति
वर्ष
2025
2024
स्थिति मौत/गंभीर/चोट मौत/गंभीर/चोट
चालक 11/14/08
25/30/03
सहयात्री 09/04/10
03/03/01
कुल 20/18/18
28/33/04
-- --
सीट बेल्ट लगाकर सफर करने वालों की स्थिति
वर्ष
2025
2024
स्थिति मौत/गंभीर/चोट मौत/गंभीर/चोट
चालक 14/08/14
17/12/13
सहयात्री 11/05/07
07/02/03
कुल 25/13/21
24/14/16
वर्जन
सभी वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करना चाहिए। चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट लगाना बेहद जरूरी है। गाड़ी पलटने की स्थिति में इससे काफी बचाव हो जाता है। पुलिस की सख्ती और वाहन के अलार्म के कारण काफी लोग सीट बेल्ट लगाने लगे हैं लेकिन पिछली सवारी अभी भी बिना सीट बेल्ट के सफर करती है। - राजीव कुमार, डीएसपी करनाल
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करनाल। कार चलाते हुए सीट बेल्ट लगाना बेहद जरूरी है। क्योंकि अगर ऐसे कार चलाते समय हादसा हो गया तो बचाव के लिए लगे एयरबैग नहीं खुलते और चालक व सहयात्रियों को अपनी जान तक गंवानी पड़ती है। 2025 में 20 कार सवारों की इसी लापरवाही के कारण जान गई और 36 लोग गंभीर या आपाहिज हुए। जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। यह खुलासा सड़क सुरक्षा समिति की इस वर्ष 10 माह में हुए हादसों पर हुई स्टडी में हुआ है।
वर्ष 2025 में जनवरी से अक्तूबर तक हुए हादसों में 56 कार सवार ऐसे थे, जिन्होंने सीट बेल्ट नहीं लगाई हुई थी और हादसे का शिकार हो गए। चालकों में देखें तो 11 चालकों की मौत हुई, 14 गंभीर रूप से घायल हुए और आठ को हल्की चोट आई। जबकि सहयात्रियों में नौ को अपनी जान गंवानी पड़ी और चार गंभीर रहे और 10 को आई चोट ने भी अस्पताल पहुंचा दिया। राहत की बात यह है कि 2024 के मुकाबले बिना सीट बेल्ट लगाए कार सवारों के हुए हादसों में पीड़ितों का आंकड़ा कम है। 2024 में 28 की जान गई थी, 33 गंभीर हुए और चार को चोट लगी थी। पुलिस की कार्रवाई पर नजर डालें तो हर माह बिना सीट बेल्ट लगाए वाहन चलाने वालों पर करीब 200 से 300 चालान किए जाते हैं। ब्यूरो
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सीट बेल्ट लगाई पर अन्य कारण से हादसे में गई 25 की जान
इस वर्ष सीट बेल्ट लगाकर वाहन चलाने वाले भी सड़क दुर्घटना का शिकार हुए हैं। इनमें 25 ऐसे लोगों की भी मौत हुई है, जिन्होंने सीट बेल्ट लगाया हुआ था। इसके अलावा 13 गंभीर हुए और 21 को गहरी चोट आई। यहां हादसे व मौत का कारण वाहन या सड़क की खामी, तेज रफ्तार या कोई अन्य कारण है। मरने वाले 25 लोगों में 14 चालक थे और 11 सहयात्री। यह आंकड़ा 2024 के मुकाबले बढ़ा है।
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एक्सपर्ट व्यू
यदि एयरबैग खुल गया तो ज्यादा खतरनाक
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ शुभम भारद्वाज और एडवोकेट संदीप राणा ने बताया कि कार चलाते समय सीट बेल्ट न पहनने पर कुछ वाहनों में एयरबैग खुल सकते हैं लेकिन वे प्रभावी ढंग से काम नहीं करते और यात्री को ज्यादा चोट लगने का खतरा होता है। क्योंकि एयरबैग को सीट बेल्ट के साथ मिलकर काम करने के लिए डिजाइन किया गया है। सीट बेल्ट के बिना यात्री एयरबैग से टकराकर अंदरूनी हिस्सों से या बाहर भी फेंका जा सकता है जो ज्यादा खतरनाक है। समिति सदस्य तेजपाल ने बताया कि यातायात के अन्य नियमों का पालन भी जरूरी है। अन्य हादसा होने पर सीट बेल्ट लगे होने पर भी जान नहीं बच पाती।
सीट बेल्ट और एयरबैग ऐसे काम करते हैं
- सीट बेल्ट : यह प्राथमिक सुरक्षा प्रणाली है, जो चालक को सीट पर रोकती है और डैशबोर्ड या स्टीयरिंग व्हील से टकराने से बचाती है।
- एयरबैग : यह एक द्वितीयक सुरक्षा प्रणाली है, जो सीट बेल्ट के साथ मिलकर काम करती है, ताकि टक्कर के दौरान चालक का सिर और शरीर के ऊपरी हिस्से को कार के अंदरूनी हिस्सों से टकराने से बचाया जा सके।
यह है चार पहिया वाहन चालकों के हादसों की स्थिति
बिना सीट बेल्ट लगाए सफर करने वालों की स्थिति
वर्ष
2025
2024
स्थिति मौत/गंभीर/चोट मौत/गंभीर/चोट
चालक 11/14/08
25/30/03
सहयात्री 09/04/10
03/03/01
कुल 20/18/18
28/33/04
सीट बेल्ट लगाकर सफर करने वालों की स्थिति
वर्ष
2025
2024
स्थिति मौत/गंभीर/चोट मौत/गंभीर/चोट
चालक 14/08/14
17/12/13
सहयात्री 11/05/07
07/02/03
कुल 25/13/21
24/14/16
वर्जन
सभी वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करना चाहिए। चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट लगाना बेहद जरूरी है। गाड़ी पलटने की स्थिति में इससे काफी बचाव हो जाता है। पुलिस की सख्ती और वाहन के अलार्म के कारण काफी लोग सीट बेल्ट लगाने लगे हैं लेकिन पिछली सवारी अभी भी बिना सीट बेल्ट के सफर करती है। - राजीव कुमार, डीएसपी करनाल