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जोखिम कम करने को कृषि विविधीकरण आवश्यक : डाॅ. संजय
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संवाद न्यूज एजेंसी
नीलोखेड़ी। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के विस्तार शिक्षा संस्थान नीलोखेड़ी में वीरवार को कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में विभिन्न उद्यमों के माध्यम से विविधीकरण विषय पर प्रशिक्षण दिया गया। इसके अंतिम दिन संस्थान के क्षेत्रीय निदेशक डाॅ. संजय कुमार ने कहा कि कृषि क्षेत्र में जोखिम को कम करने और आय बढ़ाने के लिए कृषि विविधीकरण बहुत आवश्यक है।
क्षेत्रीय निदेशक ने कहा कि किसानों को विभिन्न क्षेत्रों में उद्यमों से जोड़कर कृषि क्षेत्र में विविधिकरण को बढ़ावा दिया जा सकता है। विस्तार अधिकारियों को विविध कृषि उद्यमों के बारे में जो प्रशिक्षण दिया गया है, उसका लाभ उद्यमियों और किसानों तक पहुंचे, यहीं प्रशिक्षण का उद्देश्य है।
प्रशिक्षण संयोजक डा. भरत सिंह घनघस ने कहा कि प्रशिक्षण में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार के विस्तार अधिकारियों ने हिस्सा लिया है, जिससे यहां बताई गई तकनीकि को पूरे देश में पहुंचाया जा सके।
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विस्तार अधिकारियों को बाजवा मशरूम फार्म, सुल्तान फिश फार्म, अंकुश गिरी पर्ल फार्म, राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान करनाल, किसान साहिवाल डेयरी फार्म तरावड़ी का भ्रमण उद्यम स्थल पर करवाकर स्वयं उद्यमी की ओर से उद्यमिता के उपाय, तकनीकी ज्ञान, कौषल, संसाधन और बाजारीकरण पर व्यवहारिक जानकारी प्रदान करवाई गई। समापन के दौरान प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
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नीलोखेड़ी। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के विस्तार शिक्षा संस्थान नीलोखेड़ी में वीरवार को कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में विभिन्न उद्यमों के माध्यम से विविधीकरण विषय पर प्रशिक्षण दिया गया। इसके अंतिम दिन संस्थान के क्षेत्रीय निदेशक डाॅ. संजय कुमार ने कहा कि कृषि क्षेत्र में जोखिम को कम करने और आय बढ़ाने के लिए कृषि विविधीकरण बहुत आवश्यक है।
क्षेत्रीय निदेशक ने कहा कि किसानों को विभिन्न क्षेत्रों में उद्यमों से जोड़कर कृषि क्षेत्र में विविधिकरण को बढ़ावा दिया जा सकता है। विस्तार अधिकारियों को विविध कृषि उद्यमों के बारे में जो प्रशिक्षण दिया गया है, उसका लाभ उद्यमियों और किसानों तक पहुंचे, यहीं प्रशिक्षण का उद्देश्य है।
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प्रशिक्षण संयोजक डा. भरत सिंह घनघस ने कहा कि प्रशिक्षण में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार के विस्तार अधिकारियों ने हिस्सा लिया है, जिससे यहां बताई गई तकनीकि को पूरे देश में पहुंचाया जा सके।
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विस्तार अधिकारियों को बाजवा मशरूम फार्म, सुल्तान फिश फार्म, अंकुश गिरी पर्ल फार्म, राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान करनाल, किसान साहिवाल डेयरी फार्म तरावड़ी का भ्रमण उद्यम स्थल पर करवाकर स्वयं उद्यमी की ओर से उद्यमिता के उपाय, तकनीकी ज्ञान, कौषल, संसाधन और बाजारीकरण पर व्यवहारिक जानकारी प्रदान करवाई गई। समापन के दौरान प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।