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टंकी पर चढ़ी मां, नीचे बेटे की आवाज सुनकर उतरीं

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 06 Sep 2019 02:00 AM IST
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agitation
मांगों को लेकर समस्त अतिथि अध्यापक संघ के प्रदर्शन में वीरवार को एक घंटे का हाई वोल्टेज ड्रामा चला। पहले तो प्रदर्शनकारियों ने शिक्षामंत्री का पुतला आधे किलोमीटर पहले ही पुरानी सब्जी मंडी पर फूंक दिया। इसके बाद प्रदर्शन छोड़कर पुलिस को चकमा देकर संघ की प्रदेशाध्यक्ष एवं शिक्षिका मैना यादव आत्महत्या के लिए नेहरू पैलेस के सामने स्थित पानी की टंकी पर करीब 60 फुट तक चढ़ गईं। इस दौरान साथी शिक्षकों ने उसे उतारने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मानीं। करीब एक घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। एसडीएम नरेंद्र पाल समेत डीएसपी राजीव ने महिला को नीचे उतारने की अपील की, लेकिन महिला नीचे नहीं आई। आनन-फानन में महिला को बचाने को लेकर नीचे जाल बिछाया गया। इस दौरान जब उसके बेटे ने मां को नीचे आने की आवाज लगाई तो वह नीचे उतर आई। अचानक हुई इस हरकत से प्रशासन के भी हाथ-पांव फूल गए। महिला के नीचे आने पर ही अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
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वीरवार को अपनी मांगों को लेकर पांच दिनों से सीएम सिटी में आमरण अनशन पर डटे अतिथि अध्यापकों ने शिक्षक दिवस को काले दिवस के रूप में मनाया। प्रदेशभर से शिक्षक करनाल में एकत्रित हुए। सेक्टर-12 स्थित धरना स्थल से वे दोपहर को शिक्षा मंत्री के पुतले की शव यात्रा लेकर चले। अस्पताल चौक और कुंजपुरा रोड से होकर कमेटी चौक पर पुतले का दहन किया जाना था, लेकिन अध्यापकों ने पहले ही पुतला फूंक दिया। करीब तीन बजे मैना यादव पानी की टंकी पर चढ़ गईं। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती वे नीचे नहीं उतरेंगी। एक घंटे बाद चार बजे मशक्कत के बाद वह नीचे उतरीं। गत वर्ष भी मैना यादव और सुमन मान ने करनाल में और दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय कार्यालय पर मुंडन करवा कर विरोध दर्ज करवाया था। अब सेक्टर-12 में धरना स्थल पर एक सितंबर से शिक्षक राजकुमार कालीरमण अनशन पर बैठे हैं।
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धुआं उठाता देख पुरानी सब्जी मंडी चौक पर भागे पुलिसकर्मी
प्रदर्शनकारियों ने सब्जी मंडी चौक पर पुतले का दहन किया। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस बल कमेटी चौक पर तैनात थी। जब शिक्षकों ने पुतला फूंक दिया तो धुआं उठाता देख पुलिस बल पुरानी सब्जी मंडी की तरफ भागी। इधर, इतने में आत्महत्या के लिए शिक्षिका मैना यादव के पानी की टंकी पर चढ़ने की जानकारी मिलते ही हड़कंप मंच गया। सूचना मिलते ही डीएसपी राजीव और एसडीएम नरेंद्र मलिक भी मौके पर पहुंचे। टंकी के नीचे तुरंत पुलिस की तरफ से जाल बिछाया गया ताकि कूदने पर शिक्षिका को बचाया जा सके। बाद में बेटे की आवाज पर शिक्षिका खुद ही नीचे उतर आईं। इस दौरान एसडीएम और डीएसपी ने उन्हें समझाने की भी कोशिश की। लेकिन मांगों पर अड़े शिक्षकों के आगे उनकी एक नहीं चली। हालांकि करीब डेढ़ घंटे तक चले घटनाक्रम के बाद शाम को शिक्षकों ने डीसी से मुलाकात की। इससे पहले काउंसलर को बुलाकर महिला की काउंसिलिंग भी कराई गई।
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गिरफ्तारी के नाम पर चेताया, बोले- हर जिले में करेंगे आत्मदाह
मैना यादव के नीचे उतरने के बाद अधिकारियों ने उसे काउंसिलिंग के लिए साथ चलने को कहा तो शिक्षकों ने साथ भेजने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन काउंसिलिंग के नाम पर उसे गिरफ्तार करना चाहता है। इसके बाद मौके पर ही काउंसलर को बुलाया गया। इस दौरान शिक्षकों ने प्रशासन को चेताया कि अगर शिक्षिका को गिरफ्तार किया तो वे हर जिले में आत्मदाह करने पर मजबूर होंगे।
सरकार पर लगाया झूठ के प्रचार का आरोप
इससे पहले प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की। सरकार पर भी अतिथि अध्यापकों की मांगों को लागू करने के झूठे प्रचार का आरोप लगाया। उनका कहना है कि 14 वर्षों से अतिथि अध्यापक सरकारी विद्यालयों में स्वीकृत पदों पर अपनी सेवाएं नियमित अध्यापक के समान विज्ञापन के द्वारा नियमानुसार भर्ती होकर दे रहे हैं। वर्ष 2014 में नियमितीकरण की मांग को लेकर हुड्डा सरकार के खिलाफ आमरण अनशन कर रहे गेस्ट टीचरों को तत्कालीन प्रदेशाध्यक्ष और वर्तमान शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने नियमित करने का वादा किया था। लेकिन आज तक वादा पूरा नहीं हुआ। उनका कहना है कि भाजपा सरकार में 2015 से ही नियमितीकरण की लड़ाई लड़ते हुए अतिथि अध्यापकों ने दो बार आमरण अनशन किया, जेल यात्रा की और बार-बार महीनों तक हटने का दर्द झेला। उन्होंने कहा कि चुनावी घोषणापत्र में नियमित के वादे के फलस्वरूप हरियाणा सरकार ने अतिथि अध्यापकों का 58 साल तक का सर्विस में बने रहने का अतिथि अध्यापक सेवा बिल के नाम से फरवरी 2019 में एक्ट पास किया, उसके बावजूद जेबीटी अध्यापकों की पोस्टों को खाली मान कर उनके खिलाफ स्टेशन दिए जा रहे हैं। इस अवसर पर पारस, राधाकृष्ण, हरदीप गिल, प्रदीप बतान, राजेश मलिक, नव बाजवा, राजीव चंदाखेड़ी, राजेश मलिक व कर्मवीर जागलान मौजूद रहे।

आठ को करनाल में महारैली और पीएम को दिखाएंगे काले झंडे
प्रदर्शनकारियों के अनुसार सात सितंबर को शहीद राजरानी को करनाल धरना स्थल पर श्रद्धांजलि दी जाएगी। आठ सितंबर को करनाल में महारैली होगी। उन्होंने दावा किया कि इसी दिन रोहतक में प्रधानमंत्री की रैली के दौरान काले झंडे दिखाए जाएंगे।
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