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दुकानदारों के विरोध के आगे खिसकी निगम की टीम
अमर उजाला/ब्यूरो/करनाल
Updated Wed, 19 Oct 2016 01:03 AM IST
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मौके पर मौजूद पुलिस बल।
- फोटो : amar ujala
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त्योहारों के सीजन के ऐन मौके पर नगर निगम ने शहर व बाजारों लगे अवैध होर्डिंग और फ्लैक्स बोर्ड उतारने के अभियान को पहले ही दिन कड़ा झटका लगा है। निगम कर्मचारियों को व्यापारियों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। एक दुकान पर लगे होर्डिंग को उतारने को लेकर मामला इतना बिगड़ गया कि निगम कर्मचारी अपनी गाड़ियां तक वहीं पर छोड़कर मौके से खिसकना पड़ा। काफी देर तक व्यापारियों ने गाड़ियों को घेरकर ही इसका विरोध किया। आखिरकार सिटी थाना प्रभारी मोहन लाल मौके पर पहुंचे और मामले को शांत कराया। बाद में पुलिस की मौजूदगी में निगम कर्मचारी बोर्डों से लदी गाड़ी व अपनी स्टाफ की गाड़ी लेकर गए। उधर, व्यापारियों ने निगम के त्योहारों के सीजन पर चलाई गई इस कार्रवाई को लेकर कड़ा विरोध जता रहे हैं।
मंगलवार को शहर के बाजारों में अवैध रूप से लगे होर्डिंग व फ्लैक्स बोर्ड के खिलाफ मंगलवार को नगर निगम ने अभियान चलाया। टीम में निगम के निरीक्षक कुलभूषण व मनीश कुमार तथा पुलिस बल के कुछ जवान भी रहे। इस दौरान छोटे और बड़े अनेक फलैक्स बोर्ड उतारे गए। अभियान की शुरुआत शहर के अंबेडकर चौक से की गई, जहां एक चाय विक्रेता दुकानदार ने अपनी दुकान के ऊपर तनिष्क नाम से एक ज्वैलरी शोरूम का बड़ा फलैक्स लगा रखा था। पूछताछ में पता चला कि वह संबंधित आभूषणों की कंपनी से किराया लेकर ऐसा कर रहा है। उसे भविष्य में ऐसा न करने के लिए बताया गया कि वह अपनी दुकान के अतिरिक्त दूसरी किसी कंपनी का प्रचार नहीं कर सकता, यह गैर-कानूनी है और इस तरह इस फलैक्स बोर्ड को उतार लिया गया।
इसके पश्चात कर्ण पार्क के साथ सटे जिला सैनिक बोर्ड के कार्यालय के बाहर की दीवार प्राइवेट कंपनियों के विज्ञापनों को हटाया गया। इसके बाद टीम नेहरू पैलेस बाजार में पहुंची तो वहां पर एक दुकानदार ने दुकान की दीवार पर एक कंपनी का बोर्ड लगाया हुआ था। टीम ने जैसे ही होर्डिंग को उखाड़ना शुरू किया तो दुकानदार ने हंगामा शुरू कर दिया। शोर सुनकर आसपास के दुकानदार भी पहुंचे। हरियाणा व्यापार मंडल के प्रधान कृष्ण लाल तनेजा भी अन्य साथियों के साथ मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का विरोध किया। कार्रवाई को देखकर वहां पर सौ के करीब व्यापारी एकजुट हो गए और निगम के खिलाफ रोष जताया शुरू कर दिया। व्यापारियों के बढ़ते गुस्से को देखते हुए निगम के कर्मचारी मौके से दौड़ गए और गाड़ियों को वहीं पर छोड़ गए। इस पर व्यापारियों ने गाड़ियों का घेराव कर लिया और वहीं पर डेरा जमा लिया। बाद में सिटी थाना प्रभारी मोहनल लाल पहुंचे और मामले को शांत किया। इस बारे में हरियाणा व्यापार मंडल के प्रधान कृष्ण लाल तनेजा का कहना है कि निगम का यह रवैया गलत है। मंडल इसका विरोध करता है, अगर दोबारा से निगम ने जायज बोर्ड हटाने की कोशिश की तो सभी व्यापारी सड़कों पर उतरेंगे। दूसरी ओर, इस बारे में निगम के इंस्पेक्टर मुनीश कुमार ने बताया कि वे भागे नहीं थे, बल्कि विरोध को देखते हुए सामने ही नगर सुधार मंडल के ऑफिस में चले गए थे। दुकानदार का बोर्ड अवैध है, इसलिए ही उसे हटाया गया।
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यूं हुआ विवाद
दरअसल, निगम की कार्रवाई सही चल रही थी नेहरू पैलेस की दुकानों में एक दुकानदार के पास जियो सिम की डिलरशीप है। उसने दुकान पर जियो का बड़ा बोर्ड लगा रखा था। एक तरफ निगम के इंस्पेक्टर मुनीष कुमार का कहना है कि बोर्ड को लेकर दुकानदार को दो बार पहले मौखिक तौर पर बोला गया था, लेकिन बावजूद इसके नहीं उतारा गया। वहीं, दुकानदार का कहना है कि उसके पास जियो की डिलरशीप है, ऐसे में ऐसे उसकी ही दीवार पर वह क्यों नहीं बोर्ड लगा सकता? दुकानदार अपनी बात पर अड़ा रहा और निगम कर्मी इस होर्डिंग को अवैध करार देते रहे। यही तकरार बाद में बढ़ गई। इसके बाद टीम यहीं से वापस निगम की ओर निकल ली और अभियान यहीं पर रुक गया।
कंपनियों से लेते हैं किराया
दरअसल बोर्ड या होर्डिंग लगाने को लेकर निगम की अनुमति लेनी होती है और इसके लिए फीस भी जमा करानी होती है। निगम का मानना है कि लोग ऐसा नहीं करते, जिससे निगम को नुकसान हो रहा है। निगम अधिकारियों का कहना है कि शहर में काफी संख्या में दुकानदार व लोग कंपनियों के विज्ञापन अपनी दीवार पर लगाते हैं और किराया लेते हैं, इससे निगम का राजस्व कम हो रहा है।
जीटी रोड से भी हटवाए बोर्ड
अनाधिकृत विज्ञापन बोर्ड उतारने वाली टीम के सदस्य जीटी रोड पर पहुंची। उचानी गांव के अपोजिट के एफसी रेस्टोरेंट ने अपने परिसर में मशहूर पेयजल कंपनी कोका कोला और मोबाइल कंपनी के बड़े-बड़े होर्डिंग लगा रखे थे, जिन्हें टीम के कार्यकर्ताओं ने उतार फेंका और मलबे को साथ-साथ चल रहे वाहन में डाल दिया। इससे कुछ ही दूरी के बाद हवेली रेस्टोरेंट से आगे विवान रेस्टोरेंट के बाहर खाने-पीने के बड़े-बड़े फ्लैक्स सजाए गए थे, उनको भी हटवाया गया।
हाईकोर्ट के हैं आदेश
बता दें कि उच्च न्यायालय के भी स्पष्ट निर्देश हैं कि कोई भी ऐसी ओवरहैड होर्डिंग राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगाने की किसी को भी अनुमति नहीं है, जो आने-जाने वाले ट्रैफिक के लिए जोखिम भरा हो। इसके पश्चात अनाधिकृत रूप से विज्ञापन बोर्ड उतारने वाली टीम ने अपना रूख अस्पताल रोड पर कर लिया। वहां ब्राह्मण धर्मशाला के निकट एक निजी आवास के परिसर में एक दुकान की दीवार पर स्टडी वर्क लाइव का बड़ा फ्लैक्स उतारा गया। इसी रोड पर पुरानी पुलिस लाइन टी-प्वाइंट पर एक सुपर स्पैशिलिटी अस्पताल की पब्लिशिटी का विज्ञापन फ्लैक्स उतारा गया। टीम के सदस्यों ने कुंजपुरा रोड पर जाकर रंधीर सिनेमा स्थल के बाहर रेडीमेड वस्त्रों के शोरूम के बाहर अपनी दुकानों से अलग अन्य कंपनियों के विज्ञापन लगे रखे थे, उन्हें भी उतार दिया गया।
पब्लिसिटी के बोर्ड न लगाएं : आयुक्त
नगर निगम के आयुक्त डॉ. आदित्य दहिया ने शहर के नागरिकों व दुकानदारों से अपील की है कि वे अपनी दुकानों के आगे अपने उत्पाद या वस्तुओं के बोर्ड लगाने के अतिरिक्त किसी अन्य कंपनी की पब्लिशिटी के विज्ञापन न लगाएं, यह गैर-कानूनी है। जगह-जगह अनाधिकृत रूप से लगाए गए विज्ञापन फ्लैक्स बोर्डों से शहर की सुंदरता खराब होती है और आने-जाने वाले वाहनों में चालक की एकाग्रता भंग होकर दुर्घटना का कारण बन जाती है। वे इस मामले की वीडियोग्राफी देखेंगे और इसके बाद ही कुछ कहेंगे। शहर में अवैध होर्डिंग नहीं लगाने दिए जाएंगे।
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मंगलवार को शहर के बाजारों में अवैध रूप से लगे होर्डिंग व फ्लैक्स बोर्ड के खिलाफ मंगलवार को नगर निगम ने अभियान चलाया। टीम में निगम के निरीक्षक कुलभूषण व मनीश कुमार तथा पुलिस बल के कुछ जवान भी रहे। इस दौरान छोटे और बड़े अनेक फलैक्स बोर्ड उतारे गए। अभियान की शुरुआत शहर के अंबेडकर चौक से की गई, जहां एक चाय विक्रेता दुकानदार ने अपनी दुकान के ऊपर तनिष्क नाम से एक ज्वैलरी शोरूम का बड़ा फलैक्स लगा रखा था। पूछताछ में पता चला कि वह संबंधित आभूषणों की कंपनी से किराया लेकर ऐसा कर रहा है। उसे भविष्य में ऐसा न करने के लिए बताया गया कि वह अपनी दुकान के अतिरिक्त दूसरी किसी कंपनी का प्रचार नहीं कर सकता, यह गैर-कानूनी है और इस तरह इस फलैक्स बोर्ड को उतार लिया गया।
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इसके पश्चात कर्ण पार्क के साथ सटे जिला सैनिक बोर्ड के कार्यालय के बाहर की दीवार प्राइवेट कंपनियों के विज्ञापनों को हटाया गया। इसके बाद टीम नेहरू पैलेस बाजार में पहुंची तो वहां पर एक दुकानदार ने दुकान की दीवार पर एक कंपनी का बोर्ड लगाया हुआ था। टीम ने जैसे ही होर्डिंग को उखाड़ना शुरू किया तो दुकानदार ने हंगामा शुरू कर दिया। शोर सुनकर आसपास के दुकानदार भी पहुंचे। हरियाणा व्यापार मंडल के प्रधान कृष्ण लाल तनेजा भी अन्य साथियों के साथ मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का विरोध किया। कार्रवाई को देखकर वहां पर सौ के करीब व्यापारी एकजुट हो गए और निगम के खिलाफ रोष जताया शुरू कर दिया। व्यापारियों के बढ़ते गुस्से को देखते हुए निगम के कर्मचारी मौके से दौड़ गए और गाड़ियों को वहीं पर छोड़ गए। इस पर व्यापारियों ने गाड़ियों का घेराव कर लिया और वहीं पर डेरा जमा लिया। बाद में सिटी थाना प्रभारी मोहनल लाल पहुंचे और मामले को शांत किया। इस बारे में हरियाणा व्यापार मंडल के प्रधान कृष्ण लाल तनेजा का कहना है कि निगम का यह रवैया गलत है। मंडल इसका विरोध करता है, अगर दोबारा से निगम ने जायज बोर्ड हटाने की कोशिश की तो सभी व्यापारी सड़कों पर उतरेंगे। दूसरी ओर, इस बारे में निगम के इंस्पेक्टर मुनीश कुमार ने बताया कि वे भागे नहीं थे, बल्कि विरोध को देखते हुए सामने ही नगर सुधार मंडल के ऑफिस में चले गए थे। दुकानदार का बोर्ड अवैध है, इसलिए ही उसे हटाया गया।
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यूं हुआ विवाद
दरअसल, निगम की कार्रवाई सही चल रही थी नेहरू पैलेस की दुकानों में एक दुकानदार के पास जियो सिम की डिलरशीप है। उसने दुकान पर जियो का बड़ा बोर्ड लगा रखा था। एक तरफ निगम के इंस्पेक्टर मुनीष कुमार का कहना है कि बोर्ड को लेकर दुकानदार को दो बार पहले मौखिक तौर पर बोला गया था, लेकिन बावजूद इसके नहीं उतारा गया। वहीं, दुकानदार का कहना है कि उसके पास जियो की डिलरशीप है, ऐसे में ऐसे उसकी ही दीवार पर वह क्यों नहीं बोर्ड लगा सकता? दुकानदार अपनी बात पर अड़ा रहा और निगम कर्मी इस होर्डिंग को अवैध करार देते रहे। यही तकरार बाद में बढ़ गई। इसके बाद टीम यहीं से वापस निगम की ओर निकल ली और अभियान यहीं पर रुक गया।
कंपनियों से लेते हैं किराया
दरअसल बोर्ड या होर्डिंग लगाने को लेकर निगम की अनुमति लेनी होती है और इसके लिए फीस भी जमा करानी होती है। निगम का मानना है कि लोग ऐसा नहीं करते, जिससे निगम को नुकसान हो रहा है। निगम अधिकारियों का कहना है कि शहर में काफी संख्या में दुकानदार व लोग कंपनियों के विज्ञापन अपनी दीवार पर लगाते हैं और किराया लेते हैं, इससे निगम का राजस्व कम हो रहा है।
जीटी रोड से भी हटवाए बोर्ड
अनाधिकृत विज्ञापन बोर्ड उतारने वाली टीम के सदस्य जीटी रोड पर पहुंची। उचानी गांव के अपोजिट के एफसी रेस्टोरेंट ने अपने परिसर में मशहूर पेयजल कंपनी कोका कोला और मोबाइल कंपनी के बड़े-बड़े होर्डिंग लगा रखे थे, जिन्हें टीम के कार्यकर्ताओं ने उतार फेंका और मलबे को साथ-साथ चल रहे वाहन में डाल दिया। इससे कुछ ही दूरी के बाद हवेली रेस्टोरेंट से आगे विवान रेस्टोरेंट के बाहर खाने-पीने के बड़े-बड़े फ्लैक्स सजाए गए थे, उनको भी हटवाया गया।
हाईकोर्ट के हैं आदेश
बता दें कि उच्च न्यायालय के भी स्पष्ट निर्देश हैं कि कोई भी ऐसी ओवरहैड होर्डिंग राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगाने की किसी को भी अनुमति नहीं है, जो आने-जाने वाले ट्रैफिक के लिए जोखिम भरा हो। इसके पश्चात अनाधिकृत रूप से विज्ञापन बोर्ड उतारने वाली टीम ने अपना रूख अस्पताल रोड पर कर लिया। वहां ब्राह्मण धर्मशाला के निकट एक निजी आवास के परिसर में एक दुकान की दीवार पर स्टडी वर्क लाइव का बड़ा फ्लैक्स उतारा गया। इसी रोड पर पुरानी पुलिस लाइन टी-प्वाइंट पर एक सुपर स्पैशिलिटी अस्पताल की पब्लिशिटी का विज्ञापन फ्लैक्स उतारा गया। टीम के सदस्यों ने कुंजपुरा रोड पर जाकर रंधीर सिनेमा स्थल के बाहर रेडीमेड वस्त्रों के शोरूम के बाहर अपनी दुकानों से अलग अन्य कंपनियों के विज्ञापन लगे रखे थे, उन्हें भी उतार दिया गया।
पब्लिसिटी के बोर्ड न लगाएं : आयुक्त
नगर निगम के आयुक्त डॉ. आदित्य दहिया ने शहर के नागरिकों व दुकानदारों से अपील की है कि वे अपनी दुकानों के आगे अपने उत्पाद या वस्तुओं के बोर्ड लगाने के अतिरिक्त किसी अन्य कंपनी की पब्लिशिटी के विज्ञापन न लगाएं, यह गैर-कानूनी है। जगह-जगह अनाधिकृत रूप से लगाए गए विज्ञापन फ्लैक्स बोर्डों से शहर की सुंदरता खराब होती है और आने-जाने वाले वाहनों में चालक की एकाग्रता भंग होकर दुर्घटना का कारण बन जाती है। वे इस मामले की वीडियोग्राफी देखेंगे और इसके बाद ही कुछ कहेंगे। शहर में अवैध होर्डिंग नहीं लगाने दिए जाएंगे।