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एडीआरएम ने चार घंटे खंगाला रिकार्ड
ब्यूरो/अमरउजाला, करनाल
Updated Mon, 09 Nov 2015 12:26 AM IST
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करनाल रेलवे स्टेशन पर एक ही पटरी पर आई शताब्दी व मालगाड़ी के मामले को
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गंभीर मानते हुए रेलवे ने इसकी जांच बैठा दी है। जांच के लिए एडीआरएम जे
गर्ग दलबल के साथ करनाल स्टेशन पहुंचे। उन्होंने व उनकी टीम करीब चार घंटे
तक सारी चीजें खंगाली, साथ ही अधिकारियों के साथ साथ तकनीकी अधिकारियों के
भी बयान कलमबद्ध किए।
प्राथमिक नजर में अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है, हालांकि अभी रेलवे अधिकारी इसका खुलासा नहीं कर रहे हैं। हालांकि, आशंका जाहिर की जा रही है कि इस मामले में कई अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। उधर, जांच से ही रेलवे के अधिकारियों के पसीने छूटे हैं और उनमें कार्रवाई को लेकर हड़कंप मचा हुआ है।
गौरतलब है कि रविवार को कालका से दिल्ली की ओर से जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस गाड़ी 1.57 मिनट पर करनाल स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंची। दो मिनट के ठहराव के बाद जैसे ही गाड़ी 1.59 पर चली तो अचानक इलेक्ट्रिक कांटे में खराबी आने के कारण गाड़ी दिल्ली से अंबाला की ओर जाने वाली अप ट्रैक पर चढ़ गई। ऐसे में गलत ट्रैक पर गाड़ी चढ़ते देख गाड़ी के चालक मंजीत सिंह ने गाड़ी के इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए।
उधर, अंबाला की ओर जाने के लिए मालगाड़ी खड़ी थी, वह सिग्नल के इंतजार में थी। दोनों गाड़ियों के बीच का फासला 300 मीटर रह गया था। ऐसे में एक बड़ा हादसा होते टल गया था। आननफानन में रेलवे अधिकारियों ने कांटे को ठीक किया और करीब 2.45 मिनट पर गाड़ी को रवाना किया। उधर, रेलवे ने इस मामले को काफी गंभीर मानते हुए इसकी जांच बैठा दी है। जांच के लिए रविवार दोपहर 12 एडीआरएम टीम के साथ करनाल स्टेशन पर पहुंचे। टीम ने इंजीनियरिंग विभाग के साथ साथ अन्य विशेषज्ञ भी शामिल रहे। टीम ने खराब हुए कांटे का मुआयना किया, साथ ही पूरी घटनाक्रम की बारीकी से जांच की।
इस दौरान उन्होंने रेलवे के अधिकारियों से भी बात की और अचानक कांटा खराब होने का कारण पूछा और उस समय किस किस कर्मचारी और अधिकारी की ड्यूटी थी, इसकी भी जानकारी हासिल की। बाद में एडीआरएम ने कुछ अधिकारियों के बयान भी कलमबद्ध किए। दोपहर 12 बजे से लेकर एडीआरएम शाम चार बजे तक स्टेशन पर रही विभिन्न पहलुओं से मामले की जांच की।
अधिकारियों व कर्मचारियों के छूटे पसीने
एडीआरएम की जांच से रेलवे अधिकारियों व कर्मचारियों के पसीने छूटने लगे हैं। कर्मचारियों में इस बात को लेकर हड़कंप की स्थिति है कि आखिर इस मामले में कौन कौन नपेगा। रेलवे के सूत्र बताते हैं कि मामला काफी गंभीर है और रेलवे के आलाअधिारियों तक इस मामले की गूंज गई है, ऐसे में हर हाल में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर गाज गिरना तय है।
कोट
शताब्दी व मालगाड़ी के एक ही ट्रैक पर आने के मामले की जांच शुरू हो गई है। फिलहाल कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा, इस मामले में तकनीकी अधिकारियों से पूछताछ की गई है। पूरे मामले की जांच के बाद जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जे गर्ग, एडीआरएम।
प्राथमिक नजर में अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है, हालांकि अभी रेलवे अधिकारी इसका खुलासा नहीं कर रहे हैं। हालांकि, आशंका जाहिर की जा रही है कि इस मामले में कई अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। उधर, जांच से ही रेलवे के अधिकारियों के पसीने छूटे हैं और उनमें कार्रवाई को लेकर हड़कंप मचा हुआ है।
गौरतलब है कि रविवार को कालका से दिल्ली की ओर से जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस गाड़ी 1.57 मिनट पर करनाल स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंची। दो मिनट के ठहराव के बाद जैसे ही गाड़ी 1.59 पर चली तो अचानक इलेक्ट्रिक कांटे में खराबी आने के कारण गाड़ी दिल्ली से अंबाला की ओर जाने वाली अप ट्रैक पर चढ़ गई। ऐसे में गलत ट्रैक पर गाड़ी चढ़ते देख गाड़ी के चालक मंजीत सिंह ने गाड़ी के इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए।
उधर, अंबाला की ओर जाने के लिए मालगाड़ी खड़ी थी, वह सिग्नल के इंतजार में थी। दोनों गाड़ियों के बीच का फासला 300 मीटर रह गया था। ऐसे में एक बड़ा हादसा होते टल गया था। आननफानन में रेलवे अधिकारियों ने कांटे को ठीक किया और करीब 2.45 मिनट पर गाड़ी को रवाना किया। उधर, रेलवे ने इस मामले को काफी गंभीर मानते हुए इसकी जांच बैठा दी है। जांच के लिए रविवार दोपहर 12 एडीआरएम टीम के साथ करनाल स्टेशन पर पहुंचे। टीम ने इंजीनियरिंग विभाग के साथ साथ अन्य विशेषज्ञ भी शामिल रहे। टीम ने खराब हुए कांटे का मुआयना किया, साथ ही पूरी घटनाक्रम की बारीकी से जांच की।
इस दौरान उन्होंने रेलवे के अधिकारियों से भी बात की और अचानक कांटा खराब होने का कारण पूछा और उस समय किस किस कर्मचारी और अधिकारी की ड्यूटी थी, इसकी भी जानकारी हासिल की। बाद में एडीआरएम ने कुछ अधिकारियों के बयान भी कलमबद्ध किए। दोपहर 12 बजे से लेकर एडीआरएम शाम चार बजे तक स्टेशन पर रही विभिन्न पहलुओं से मामले की जांच की।
अधिकारियों व कर्मचारियों के छूटे पसीने
एडीआरएम की जांच से रेलवे अधिकारियों व कर्मचारियों के पसीने छूटने लगे हैं। कर्मचारियों में इस बात को लेकर हड़कंप की स्थिति है कि आखिर इस मामले में कौन कौन नपेगा। रेलवे के सूत्र बताते हैं कि मामला काफी गंभीर है और रेलवे के आलाअधिारियों तक इस मामले की गूंज गई है, ऐसे में हर हाल में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर गाज गिरना तय है।
कोट
शताब्दी व मालगाड़ी के एक ही ट्रैक पर आने के मामले की जांच शुरू हो गई है। फिलहाल कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा, इस मामले में तकनीकी अधिकारियों से पूछताछ की गई है। पूरे मामले की जांच के बाद जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जे गर्ग, एडीआरएम।