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Karnal News: कॉलेज, आईटीआई और इग्नू में दाखिले खत्म
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- पीजी में 23, स्नातक में 27 और आईटीआई में 25 फीसदी सीटें रिक्त
- तीन-तीन बार अंतिम तिथियां बढ़ीं, ओपन काउंसलिंग करके रोजाना दिए दाखिले, फिर भी सीटें खाली
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। अगस्त माह के अंत के साथ कॉलेज, इग्नू और आईटीआई में दाखिले की प्रक्रिया संपन्न हो चुकी है। निर्धारित अवधि में जिन विद्यार्थियों ने दाखिले के लिए आवेदन किया और मेरिट लिस्ट के लिए हुई प्रक्रिया में हिस्सा लिया, उन्हें दाखिला मिल गया। लेकिन जो विद्यार्थी लापरवाही बरतते रहे, उनके लिए इस बार दाखिले के अवसर खत्म हो गए हैं।
करीब तीन-तीन बार दाखिले के लिए अंतिम तिथियों को आगे बढ़ाया गया। ओपन काउंसलिंग करके रोजाना मेरिट लिस्ट लगाते हुए संस्थानों में दाखिले दिए गए, इसके बावजूद संस्थानों में सीटें रिक्त हैं। जिन्हें भरना संस्थानों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं रहा। जिले में कोर्स अनुसार स्थिति देखें तो पीजी में 23 प्रतिशत, स्नातक में 27 प्रतिशत तो आईटीआई में करीब 25 फीसदी सीटें अभी भी रिक्त हैं। जिन पर दाखिले के लिए संस्थानों की ओर से काफी जोर लगाया गया।
सबसे ज्यादा स्थिति ग्रामीण क्षेत्र के संस्थानों की खराब रही है, यहां पर 30 से लेकर 50 प्रतिशत तक सीटों पर संस्थानों को दाखिले के लिए विद्यार्थी नहीं मिले। संस्थान प्रबंधनों के अनुसार, कॉलेजों में पीजी के दाखिले के लिए विद्यार्थियों को एक अवसर दिया जा सकता है। विभाग इसके लिए पोर्टल खोल सकता है। लेकिन स्नातक में दाखिले के लिए पोर्टल खुलना संभव नहीं लग रहा, क्योंकि जुलाई माह से कॉलेजों में स्नातक की कक्षाएं लग रही हैं। इधर, आईटीआई प्रबंधकों को भी पोर्टल खुलने की उम्मीद नहीं है।
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आईटीआई : कल जारी होगी रिक्त सीटों की स्थिति
आईटीआई संस्थानों में दाखिले का चौथा चरण और तीन बार ओपन काउंसलिंग प्रक्रिया भी संपन्न हो चुकी है। अब तकनीकी शिक्षा निदेशालय ने रिक्त बची शेष सीटों पर ऑन द स्पॉट एडमिशन किया। इसके बाद भी कई सीटें रिक्त हैं। अधिसूचना के अनुसार, यह प्रक्रिया 31 अगस्त तक चली। इस दौरान नए आवेदन फार्म भी भरे गए और संस्थानों में रोजाना ओपन काउंसलिंग करके दाखिले दिए गए। अब कितनी सीटें रिक्त हैं, इसकी स्थिति सोमवार को जारी की जाएगी। जिले में 10 राजकीय और 12 प्राइवेट आईटीआई हैं। राजकीय आईटीआई में 3384 सीटों में से शनिवार तक 960 सीटें रिक्त थी।
पीजी कॉलेज में 94.4 फीसदी भरीं सीटें
जिले के सबसे बड़े संस्थान पंडित चिरंजीलाल शर्मा राजकीय महाविद्यालय में स्नातक की 94.4 फीसदी सीटें भर चुकी हैं। यहां बीए, बीसीए में एक-एक और बीएससी आईटी व बीटीएम में महज दो-दो सीटें रिक्त हैं। जबकि पीजी में यहां 77 फीसदी सीटें भरी हैं। संस्थान के दाखिला नोडल अधिकारी डॉ. सुभाष जागलान का कहना है कि पीजी में दाखिले के लिए पोर्टल खुलना चाहिए। कई कॉलेजों ने इसे लेकर मांग भी की है।
राजकीय पीजी कॉलेज में पीजी के कितने दाखिले हुए
कोर्स
सीटें
दाखिले
एमए अर्थशास्त्र
60
44
एमए अंग्रेजी
60
48
एमए इतिहास
60
54
एमए जनसंचार
40
12
एमए मनोविज्ञान
60
54
एमकॉम
60
59
एमएससी कंप्यूटर साइंस
40
26
एमएससी गणित
40
31
पीजी डिप्लोमा फिजियोथैरेपी
30
18
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- तीन-तीन बार अंतिम तिथियां बढ़ीं, ओपन काउंसलिंग करके रोजाना दिए दाखिले, फिर भी सीटें खाली
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। अगस्त माह के अंत के साथ कॉलेज, इग्नू और आईटीआई में दाखिले की प्रक्रिया संपन्न हो चुकी है। निर्धारित अवधि में जिन विद्यार्थियों ने दाखिले के लिए आवेदन किया और मेरिट लिस्ट के लिए हुई प्रक्रिया में हिस्सा लिया, उन्हें दाखिला मिल गया। लेकिन जो विद्यार्थी लापरवाही बरतते रहे, उनके लिए इस बार दाखिले के अवसर खत्म हो गए हैं।
करीब तीन-तीन बार दाखिले के लिए अंतिम तिथियों को आगे बढ़ाया गया। ओपन काउंसलिंग करके रोजाना मेरिट लिस्ट लगाते हुए संस्थानों में दाखिले दिए गए, इसके बावजूद संस्थानों में सीटें रिक्त हैं। जिन्हें भरना संस्थानों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं रहा। जिले में कोर्स अनुसार स्थिति देखें तो पीजी में 23 प्रतिशत, स्नातक में 27 प्रतिशत तो आईटीआई में करीब 25 फीसदी सीटें अभी भी रिक्त हैं। जिन पर दाखिले के लिए संस्थानों की ओर से काफी जोर लगाया गया।
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सबसे ज्यादा स्थिति ग्रामीण क्षेत्र के संस्थानों की खराब रही है, यहां पर 30 से लेकर 50 प्रतिशत तक सीटों पर संस्थानों को दाखिले के लिए विद्यार्थी नहीं मिले। संस्थान प्रबंधनों के अनुसार, कॉलेजों में पीजी के दाखिले के लिए विद्यार्थियों को एक अवसर दिया जा सकता है। विभाग इसके लिए पोर्टल खोल सकता है। लेकिन स्नातक में दाखिले के लिए पोर्टल खुलना संभव नहीं लग रहा, क्योंकि जुलाई माह से कॉलेजों में स्नातक की कक्षाएं लग रही हैं। इधर, आईटीआई प्रबंधकों को भी पोर्टल खुलने की उम्मीद नहीं है।
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आईटीआई : कल जारी होगी रिक्त सीटों की स्थिति
आईटीआई संस्थानों में दाखिले का चौथा चरण और तीन बार ओपन काउंसलिंग प्रक्रिया भी संपन्न हो चुकी है। अब तकनीकी शिक्षा निदेशालय ने रिक्त बची शेष सीटों पर ऑन द स्पॉट एडमिशन किया। इसके बाद भी कई सीटें रिक्त हैं। अधिसूचना के अनुसार, यह प्रक्रिया 31 अगस्त तक चली। इस दौरान नए आवेदन फार्म भी भरे गए और संस्थानों में रोजाना ओपन काउंसलिंग करके दाखिले दिए गए। अब कितनी सीटें रिक्त हैं, इसकी स्थिति सोमवार को जारी की जाएगी। जिले में 10 राजकीय और 12 प्राइवेट आईटीआई हैं। राजकीय आईटीआई में 3384 सीटों में से शनिवार तक 960 सीटें रिक्त थी।
पीजी कॉलेज में 94.4 फीसदी भरीं सीटें
जिले के सबसे बड़े संस्थान पंडित चिरंजीलाल शर्मा राजकीय महाविद्यालय में स्नातक की 94.4 फीसदी सीटें भर चुकी हैं। यहां बीए, बीसीए में एक-एक और बीएससी आईटी व बीटीएम में महज दो-दो सीटें रिक्त हैं। जबकि पीजी में यहां 77 फीसदी सीटें भरी हैं। संस्थान के दाखिला नोडल अधिकारी डॉ. सुभाष जागलान का कहना है कि पीजी में दाखिले के लिए पोर्टल खुलना चाहिए। कई कॉलेजों ने इसे लेकर मांग भी की है।
राजकीय पीजी कॉलेज में पीजी के कितने दाखिले हुए
कोर्स
सीटें
दाखिले
एमए अर्थशास्त्र
60
44
एमए अंग्रेजी
60
48
एमए इतिहास
60
54
एमए जनसंचार
40
12
एमए मनोविज्ञान
60
54
एमकॉम
60
59
एमएससी कंप्यूटर साइंस
40
26
एमएससी गणित
40
31
पीजी डिप्लोमा फिजियोथैरेपी
30
18