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Karnal News: पीपीपी और आधार नंबर के बिना भी मिलेगा दाखिला

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 21 Apr 2024 05:21 AM IST
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Admission will be available even without PPP and Aadhaar number
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। स्कूल में दाखिले के लिए परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) और आधार नंबर का न होना अब बाधा नहीं बनेगा। शिक्षा निदेशालय ने इसके बिना भी दाखिला देने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में आयु प्रमाण के रूप में शपथपत्र भी मान्य होगा। सरकारी स्कूलों में इन दिनों मनाए जाने वाले प्रवेश उत्सव के तहत बच्चों का दाखिला लिए जाने की प्रक्रिया जोरों पर चल रही है।

शिक्षा विभाग ने प्रवासी मजदूर, ईंट भट्ठे व निर्माण कार्यस्थल पर रहने वाले परिवारों के बच्चों के लिए दाखिले के लिए भी कुछ दस्तावेजों में राहत दी है। पहले जहां ऐसे परिवारां के लिए परिवार पहचान पत्र व आधार कार्ड मान्य था, तो अब इन परिवारों कके बच्चों के लिए यह शर्त हटा दी गई है। पीपीपी व आधार नंबर के अभाव में ऐसे बच्चों के नामांकन से मना नहीं किया जा सकता। इन बच्चों के अभिभावक नजदीकी सरकारी स्कूल में जाकर बच्चों का दाखिला करवा सकते हैं।
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इतना ही नहीं, अगर बच्चों का जन्म प्रमाणपत्र नहीं है तो माता-पिता या संरक्षक द्वारा बच्चे का शपथ पत्र भी स्कूलों में मान्य होगा। इसको लेकर शिक्षा विभाग मुख्यालय द्वारा जिला शिक्षा अधिकारियों व खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जारी पत्र में कहा गया है कि प्रदेश में शून्य ड्रॉपआउट बनाने के लिए प्रयास किया जा रहा है। प्रवासी मजदूरों के बच्चे ईंट भट्ठों पर कार्यरत लेबर या बन्या परिवारों के बच्चों को पीपीपी और आधार के अभाव में नामांकन से वंचित नहीं रख सकते।
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विद्यालय में बच्चों का नामांकन करके शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत बच्चों को विभिन्न प्रकार की सुविधाएं भी मुहैया करवाई जाएंगी। उन सुविधाओं में मुफ्त पाठ्यपुस्तकें, कार्य पुस्तकें प्रदान की जाए। नामांकन के लिए आयु के साक्षय के दस्तावेज के लिए हरियाणा निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2011 के नियम 9:1 में व्यवस्था की गई है कि यदि बच्चे के पास जन्म का प्रमाणपत्र नहीं तो आंगनबाड़ी, अस्पताल या नर्स या दाई के रजिस्टर में नाम दर्ज हो।



विभाग की ओर से जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि विद्यार्थी विद्यालय की छात्र संख्या का अनिवार्य हिस्सा होंगे। किसी भी बच्चे को उसके शिक्षा के अधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा। पीपीपी एवं आधार नंबर के अभाव में बच्चे का नामांकन नहीं रोका जाएगा। विद्यार्थी का रिकार्ड एमआईएस पोर्टल पर दर्ज करने के लिए अलग से व्यवस्था होगी। - सुदेश ठुकराल, जिला शिक्षा अधिकारी।
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