{"_id":"128e8c6c3621c1bb0b4353793dc25df7","slug":"administration-takes-messurement-for-maleria-and-dengue","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेंगू-मलेरिया से निपटने के लिए विभाग ने कसी कमर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डेंगू-मलेरिया से निपटने के लिए विभाग ने कसी कमर
करनाल
Updated Sat, 08 Mar 2014 12:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
करनाल। मलेरिया और डेंगू जैसी भयंकर बीमारियों से बचाव के लिए मलेरिया विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। बीमारियां न हाें, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग पहले से बचाव में लगा हुआ है।
पूरे शहर को आठ बीट में बांटा जा चुका है। ग्रामीण इलाकों के सभी पांचों ब्लाक को भी बीट वाइज बांट दिया गया है। प्रत्येक ब्लाक में दो बीट बनाई गई हैं। लगभग 15 लाख की आबादी वाले जिला में कुल 18 बीटों में तैनात कर्मी बीमारी से बचाव के लिए काम कर रहे हैं। करनाल शहर की करीब पांच लाख की आबादी के मुताबिक लगभग साढे़ 62 हजार की संख्या पर एक बीट बनाई गई है।
वहीं, ग्रामीण इलाकों में पांचों ब्लाक में करीब दस लाख की आबादी में एक लाख लोगों को एक बीट में शामिल किया गया है। इन बीटों में कार्यरत कर्मी अपने क्षेत्रों में सफाई के प्रति लोगों को जागरूक कर रहे हैं। साथ ही वह लोग अपने-अपने क्षेत्रों में गंदगी और खडे़ पानी वाले स्थानों को चिन्हित कर रहे हैं। इस साल स्वास्थ्य विभाग का मलेरिया विभाग पहले से ही अलर्ट हो चुका है। इस अभियान के तहत एक जनवरी 2014 से पूरी तेजी के साथ काम चल रहा है।
विज्ञापन
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. राकेश मित्तल के अनुसार, उपायुक्त बलराज सिंह और सीएमओ डा. वंदना भाटिया के मार्गदर्शन में यह अभियान पूरी तेजी के साथ चल रहा है। चिन्हित गंदगी वाले स्थानों पर टेमीफोस और खडे़ पानी वाले स्थानों पर काले तेल का स्प्रे किया जा रहा है।
सीएमओ डा. भाटिया के कडे़ निर्देश हैं कि कोई भी गंदगी और खडे़ पानी वाला स्थान ऐसा नहीं बचना चाहिए, जहां छिड़काव न हो। गौरतलब है कि वर्ष-2012 के मुकाबले 2013 में मलेरिया के मरीजों की संख्या में पचास प्रतिशत की कमी आई थी।
ये है पिछले छह साल के आंकडे़
----------------------
वर्ष केस
2008 5284
2009 4215
2010 1833
2011 2559
2012 2438
2013 1201
विज्ञापन
पूरे शहर को आठ बीट में बांटा जा चुका है। ग्रामीण इलाकों के सभी पांचों ब्लाक को भी बीट वाइज बांट दिया गया है। प्रत्येक ब्लाक में दो बीट बनाई गई हैं। लगभग 15 लाख की आबादी वाले जिला में कुल 18 बीटों में तैनात कर्मी बीमारी से बचाव के लिए काम कर रहे हैं। करनाल शहर की करीब पांच लाख की आबादी के मुताबिक लगभग साढे़ 62 हजार की संख्या पर एक बीट बनाई गई है।
विज्ञापन
वहीं, ग्रामीण इलाकों में पांचों ब्लाक में करीब दस लाख की आबादी में एक लाख लोगों को एक बीट में शामिल किया गया है। इन बीटों में कार्यरत कर्मी अपने क्षेत्रों में सफाई के प्रति लोगों को जागरूक कर रहे हैं। साथ ही वह लोग अपने-अपने क्षेत्रों में गंदगी और खडे़ पानी वाले स्थानों को चिन्हित कर रहे हैं। इस साल स्वास्थ्य विभाग का मलेरिया विभाग पहले से ही अलर्ट हो चुका है। इस अभियान के तहत एक जनवरी 2014 से पूरी तेजी के साथ काम चल रहा है।
विज्ञापन
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. राकेश मित्तल के अनुसार, उपायुक्त बलराज सिंह और सीएमओ डा. वंदना भाटिया के मार्गदर्शन में यह अभियान पूरी तेजी के साथ चल रहा है। चिन्हित गंदगी वाले स्थानों पर टेमीफोस और खडे़ पानी वाले स्थानों पर काले तेल का स्प्रे किया जा रहा है।
सीएमओ डा. भाटिया के कडे़ निर्देश हैं कि कोई भी गंदगी और खडे़ पानी वाला स्थान ऐसा नहीं बचना चाहिए, जहां छिड़काव न हो। गौरतलब है कि वर्ष-2012 के मुकाबले 2013 में मलेरिया के मरीजों की संख्या में पचास प्रतिशत की कमी आई थी।
ये है पिछले छह साल के आंकडे़
----------------------
वर्ष केस
2008 5284
2009 4215
2010 1833
2011 2559
2012 2438
2013 1201