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Karnal News: 17 लाख आबादी का होगा सर्वे… हर घर में जाकर टीम जांचेगी काैन है निराश्रित-असहाय
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गगन तलवार
करनाल। जिले में कहां और किस घर में निराश्रित एवं असहाय बुजुर्ग रह रहे हैं, इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से जिले की 17 लाख आबादी की आबादी का सर्वे किया जाएगा। अकेले रह रहे बुजुर्गों को चिह्नित किया जाएगा। उनकी देखभाल और निगरानी की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए प्रशासन विशेष टीमों का गठन करेगा। इसके अलावा प्रदेश सरकार स्तर पर ऐसे बुजुर्गों के लिए नीति निर्धारण करने की भी प्रशासन की ओर से शासन से मांग की जाएगी। इसके लिए उपायुक्त उत्तम सिंह मुख्यमंत्री के नाम पत्र लिखेंगे।
अभी तक जिले में कितने एकल बुजुर्ग हैं, इसका रिकाॅर्ड प्रशासन के पास नहीं था। अमर उजाला ने मीरा घाटी क्षेत्र से रेस्क्यू हुए होम्योपैथी डाॅक्टर हरनैल उर्फ हरकृष्ण सिंह की स्थिति और एकल बुजुर्गों की दर्दनाक माैत के मामले सामने आने के बाद हालात को 26 फरवरी के अंक में प्रमुखता से उजागर किया। इस विशेष खबर पर एसडीएम प्रदीप कुमार ने संज्ञान लिया। उपायुक्त उत्तम सिंह के नाम पत्र लिखकर टीम गठित करने का आग्रह किया।
एसडीएम ने सर्वे का तरीका और इसके लिए कमेटी के गठन और टीम में शामिल होने वाले सदस्यों के पद भी सुझाए हैं। इस आग्रह पर उपायुक्त कार्यालय की ओर से कार्य शुरू कर दिया गया है। सर्वे करके जल्द ऐसे एकल, निराश्रित एवं असहाय बुजुर्गों को चिह्नित किया जाएगा। अभी शहर में 76 बुजुर्ग दो वृद्धाश्रमों में और 275 लोग अपना आशियाना में रह रहे हैं।
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- शहरी और ग्रामीण स्तर पर टीम में यह होंगे
एसडीएम की ओर से किए गए आग्रह पर गठित कमेटी में जिला समाज कल्याण अधिकारी मुख्य रूप से रहेंगे। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र संबंधित खंड के लिए बीडीपीओ यानी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, शहरी क्षेत्र के लिए नगर निगम, नगर परिषद का प्रतिनिधि और सभी 19 थाना प्रभारी टीम में शामिल रहेंगे। सभी अपने स्तर पर एकल बुजुर्गों को चिह्नित करने के लिए कार्य करेंगे।
योजना : जरूरत पड़ी तो वृद्धाश्रम पहुंचाएगी टीम
जिला प्रशासन की ओर से गठित टीम को हिदायत दी है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में अकेले रह रहे वृद्धजनों की पहचान करेंगे। इसके बाद समय-समय पर निरीक्षण करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर ऐसे वृद्धजनों को किसी मान्यता प्राप्त वृद्धाश्रम या अन्य सुरक्षित स्थान पर तत्काल पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।
आग्रह : यूपी की तर्ज पर नीति निर्धारण किया जाए
उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों की तर्ज पर एकल बुजुर्गों के लिए हरियाणा सरकार की ओर से भी विशेष नीति और एसओपी बनाने की मांग की जाएगी। उपायुक्त उत्तम सिंह का कहना है कि इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से प्रदेश सरकार को आग्रह पत्र लिखा जाएगा। ताकि सभी जिलों में एकरूपता से कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
हालात : बच्चे विदेश में, बदहाली का जीवन जी रहे बुजुर्ग
हालत यह हैं कि जिले में कई बुजुर्ग ऐसे हैं, जिनके बच्चे विदेश में रह रहे हैं और वे यहां अकेले हैं। उनकी सुध लेने वाला भी कोई नहीं है और बदहाली का जीवन जी रहे हैं। बीमार होने पर उन्हें मदद भी नहीं मिल पाती। कर्ण की नगरी में वर्ल्ड क्लास ख्याति प्राप्त होम्योपैथिक डॉ. हरनेक सिंह उर्फ हरकृष्ण सिंह समेत ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं।
वर्जन -
बुजुर्ग डाॅक्टर हरनेक सिंह के मामले से स्पष्ट होता है कि जिले में अकेले रह रहे निराश्रित एवं असहाय वृद्धजनों की पहचान और उनकी नियमित निगरानी के लिए एक संयुक्त टीम का होना जरूरी है। अमर उजाला ने इस ओर ध्यान खींचा। भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने और समयबद्ध सहायता सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तर पर टीम का गठन किया जा रहा है। - प्रदीप कुमार, एसडीएम करनाल
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करनाल। जिले में कहां और किस घर में निराश्रित एवं असहाय बुजुर्ग रह रहे हैं, इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से जिले की 17 लाख आबादी की आबादी का सर्वे किया जाएगा। अकेले रह रहे बुजुर्गों को चिह्नित किया जाएगा। उनकी देखभाल और निगरानी की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए प्रशासन विशेष टीमों का गठन करेगा। इसके अलावा प्रदेश सरकार स्तर पर ऐसे बुजुर्गों के लिए नीति निर्धारण करने की भी प्रशासन की ओर से शासन से मांग की जाएगी। इसके लिए उपायुक्त उत्तम सिंह मुख्यमंत्री के नाम पत्र लिखेंगे।
अभी तक जिले में कितने एकल बुजुर्ग हैं, इसका रिकाॅर्ड प्रशासन के पास नहीं था। अमर उजाला ने मीरा घाटी क्षेत्र से रेस्क्यू हुए होम्योपैथी डाॅक्टर हरनैल उर्फ हरकृष्ण सिंह की स्थिति और एकल बुजुर्गों की दर्दनाक माैत के मामले सामने आने के बाद हालात को 26 फरवरी के अंक में प्रमुखता से उजागर किया। इस विशेष खबर पर एसडीएम प्रदीप कुमार ने संज्ञान लिया। उपायुक्त उत्तम सिंह के नाम पत्र लिखकर टीम गठित करने का आग्रह किया।
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एसडीएम ने सर्वे का तरीका और इसके लिए कमेटी के गठन और टीम में शामिल होने वाले सदस्यों के पद भी सुझाए हैं। इस आग्रह पर उपायुक्त कार्यालय की ओर से कार्य शुरू कर दिया गया है। सर्वे करके जल्द ऐसे एकल, निराश्रित एवं असहाय बुजुर्गों को चिह्नित किया जाएगा। अभी शहर में 76 बुजुर्ग दो वृद्धाश्रमों में और 275 लोग अपना आशियाना में रह रहे हैं।
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- शहरी और ग्रामीण स्तर पर टीम में यह होंगे
एसडीएम की ओर से किए गए आग्रह पर गठित कमेटी में जिला समाज कल्याण अधिकारी मुख्य रूप से रहेंगे। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र संबंधित खंड के लिए बीडीपीओ यानी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, शहरी क्षेत्र के लिए नगर निगम, नगर परिषद का प्रतिनिधि और सभी 19 थाना प्रभारी टीम में शामिल रहेंगे। सभी अपने स्तर पर एकल बुजुर्गों को चिह्नित करने के लिए कार्य करेंगे।
योजना : जरूरत पड़ी तो वृद्धाश्रम पहुंचाएगी टीम
जिला प्रशासन की ओर से गठित टीम को हिदायत दी है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में अकेले रह रहे वृद्धजनों की पहचान करेंगे। इसके बाद समय-समय पर निरीक्षण करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर ऐसे वृद्धजनों को किसी मान्यता प्राप्त वृद्धाश्रम या अन्य सुरक्षित स्थान पर तत्काल पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।
आग्रह : यूपी की तर्ज पर नीति निर्धारण किया जाए
उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों की तर्ज पर एकल बुजुर्गों के लिए हरियाणा सरकार की ओर से भी विशेष नीति और एसओपी बनाने की मांग की जाएगी। उपायुक्त उत्तम सिंह का कहना है कि इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से प्रदेश सरकार को आग्रह पत्र लिखा जाएगा। ताकि सभी जिलों में एकरूपता से कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
हालात : बच्चे विदेश में, बदहाली का जीवन जी रहे बुजुर्ग
हालत यह हैं कि जिले में कई बुजुर्ग ऐसे हैं, जिनके बच्चे विदेश में रह रहे हैं और वे यहां अकेले हैं। उनकी सुध लेने वाला भी कोई नहीं है और बदहाली का जीवन जी रहे हैं। बीमार होने पर उन्हें मदद भी नहीं मिल पाती। कर्ण की नगरी में वर्ल्ड क्लास ख्याति प्राप्त होम्योपैथिक डॉ. हरनेक सिंह उर्फ हरकृष्ण सिंह समेत ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं।
वर्जन -
बुजुर्ग डाॅक्टर हरनेक सिंह के मामले से स्पष्ट होता है कि जिले में अकेले रह रहे निराश्रित एवं असहाय वृद्धजनों की पहचान और उनकी नियमित निगरानी के लिए एक संयुक्त टीम का होना जरूरी है। अमर उजाला ने इस ओर ध्यान खींचा। भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने और समयबद्ध सहायता सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तर पर टीम का गठन किया जा रहा है। - प्रदीप कुमार, एसडीएम करनाल