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Karnal News: नशे के कारोबार के दोषी को 4 साल की जेल और 60 हजार रुपये अर्थदंड
Sun, 01 Mar 2026 02:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sun, 01 Mar 2026 02:12 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रितु की एनडीपीएस अधिनियम की फास्टट्रैक अदालत ने नशीले पदार्थों की तस्करी के मामले में दोषी पाए जाने पर इंद्री की चरणजीत काॅलोनी के मुकेश कुमार को चार साल की जेल की सजा सुनाई है। 60 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
अदालत ने आदेश दिया है कि मुकेश कुमार की ओर से मुकदमे के दौरान जेल में बिताया गया समय उसकी कुल सजा में से घटा दिया जाएगा। इस मामले में 15 गवाहों की गवाही हुई। जिला न्यायवादी डाॅ. पंकज सैनी ने बताया कि अदालत में मामले की पैरवी एडीए रिषी शर्मा ने की। 22 अप्रैल, 2021 को पुलिस की टीम इंद्री क्षेत्र में गश्त पर थी। टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि इंद्री की चरणजीत कालोनी निवासी मुकेश कुमार अवैध रूप से नशीले कैप्सूल बेचने का काम करता है। इस दाैरान वह अनाज मंडी के गेट पर खड़ा हुआ है और उसके हाथ में काला लिफाफा है, जिसमें नशीले कैप्सूल हैं।
पुलिस ने रेडिंग पार्टी तैयार की। टीम तय जगह पर पहुंची और आरोपी को काबू कर लिया। उसने अपना नाम मुकेश बताया। पुलिस ने उसे नोटिस देते हुए नशीले कैप्सूल होना बताया। माैके पर डीएसपी इंद्री को बुलाया गया। डीएसपी के सामने चेक करने पर हाथ में लिए लिफाफे से नशीले ट्रामाडोल कैप्सूल के 37 पत्ते पाए गए। एक पत्ते में आठ कैप्सूल थे। इस प्रकार कुल 296 कैप्सूल मिले। इनके बारे में आरोपी कोई भी परमिट या लाइसेंस पेश नहीं कर पाया।
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गंगोह और बिजनौर से खरीदे थे नशे के कैप्सूल
रिमांड के दाैरान आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह ये कैप्सूल गंगोह और बिजनाैर से खरीदकर लाता था। मामले में 25 फरवरी को हुई सुनवाई में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रितु की एनडीपीएस अधिनियम की फास्टट्रैक अदालत ने मुकेश कुमार को नशीले पदार्थों की तस्करी मामले में दोषी ठहराया था। शुक्रवार को अदालत ने दोषी को चार साल के कठोर कारावास और 60 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना न चुकाने पर छह माह की अधिकतम सजा भुगतनी होगी।
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करनाल। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रितु की एनडीपीएस अधिनियम की फास्टट्रैक अदालत ने नशीले पदार्थों की तस्करी के मामले में दोषी पाए जाने पर इंद्री की चरणजीत काॅलोनी के मुकेश कुमार को चार साल की जेल की सजा सुनाई है। 60 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
अदालत ने आदेश दिया है कि मुकेश कुमार की ओर से मुकदमे के दौरान जेल में बिताया गया समय उसकी कुल सजा में से घटा दिया जाएगा। इस मामले में 15 गवाहों की गवाही हुई। जिला न्यायवादी डाॅ. पंकज सैनी ने बताया कि अदालत में मामले की पैरवी एडीए रिषी शर्मा ने की। 22 अप्रैल, 2021 को पुलिस की टीम इंद्री क्षेत्र में गश्त पर थी। टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि इंद्री की चरणजीत कालोनी निवासी मुकेश कुमार अवैध रूप से नशीले कैप्सूल बेचने का काम करता है। इस दाैरान वह अनाज मंडी के गेट पर खड़ा हुआ है और उसके हाथ में काला लिफाफा है, जिसमें नशीले कैप्सूल हैं।
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पुलिस ने रेडिंग पार्टी तैयार की। टीम तय जगह पर पहुंची और आरोपी को काबू कर लिया। उसने अपना नाम मुकेश बताया। पुलिस ने उसे नोटिस देते हुए नशीले कैप्सूल होना बताया। माैके पर डीएसपी इंद्री को बुलाया गया। डीएसपी के सामने चेक करने पर हाथ में लिए लिफाफे से नशीले ट्रामाडोल कैप्सूल के 37 पत्ते पाए गए। एक पत्ते में आठ कैप्सूल थे। इस प्रकार कुल 296 कैप्सूल मिले। इनके बारे में आरोपी कोई भी परमिट या लाइसेंस पेश नहीं कर पाया।
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गंगोह और बिजनौर से खरीदे थे नशे के कैप्सूल
रिमांड के दाैरान आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह ये कैप्सूल गंगोह और बिजनाैर से खरीदकर लाता था। मामले में 25 फरवरी को हुई सुनवाई में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रितु की एनडीपीएस अधिनियम की फास्टट्रैक अदालत ने मुकेश कुमार को नशीले पदार्थों की तस्करी मामले में दोषी ठहराया था। शुक्रवार को अदालत ने दोषी को चार साल के कठोर कारावास और 60 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना न चुकाने पर छह माह की अधिकतम सजा भुगतनी होगी।