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पोषण सुरक्षा क्षेत्र में बहुत कुछ करने की जरूरत : पद्मभूषण परोदा
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। आईसीएआर-राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान का शुक्रवार को 20वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। जिसमें बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्व महानिदेशक एवं पूर्व सचिव डेयरी पदम भूषण डॉ. आरएस. परोदा ने 278 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की।
इनमें 49 को बीटेक, 127 को स्नातकोत्तर और 102 शोधकर्ताओं को पीएचडी की डिग्री दी गई। प्रिंयका (डेयरी अभियांत्रिकी) को स्वर्ण पदक, मधुलता. सी, (कृषि विस्तार शिक्षा) को रजत पदक तथा एलिजाबेथ थॉमस (डेयरी प्रौद्योगिकी) को कांस्य पदक प्रदान किया गया। मुख्य अतिथि ने कृषि एवं डेयरी क्षेत्र के लिए पोषण सुरक्षा को महत्वपूर्ण चुनौती करार देते हुए कहा कि खाद्य सुरक्षा में हमने बहुत कुछ किया, आगे भी आए लेकिन अभी पोषण सुरक्षा के क्षेत्र में बहुत कुछ करने की जरूरत है।
दीक्षांत समारोह के शुभारंभ पर एनडीआरआई मानद् विश्वविद्यालय के संस्थान के कुलपति एवं निदेशक डा. धीर सिंह ने कहा कि एनडीआरआई उत्तम नस्ल के गोवंश और भैंसों को तैयार करने की दिशा में उन्नत कटिंग ऐज प्रौद्योगिकियों के माध्यम से कार्य कर रहा है। उनके अनुसार संस्थान अभी तक अब तक 85 पेटेंट फाइल किए हैं, जिसमें से 49 प्रदान किए जा चुके हैं।
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मुख्य अतिथि डा. आरएस.परोदा ने एनडीआरआई के अनुसंधान व उपलब्धता बढ़ाने के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इस संस्थान ने अथक प्रयास के बाद सभी राज्य कृषि विश्व विद्यालयों से अनेक वर्षों तक प्रथम स्थान प्राप्त किया।
असम कृषि विश्वविद्यालय, जोरहट के पूर्व कुलपति डॉ. केएम.बुजरबरुआ ने हाइड्रोफोनिक तकनीक के सहारे कम स्थान या घरों के कमरों में भी हरा चारा उगाने की तकनीक को विस्तार से बताया। गोविंदवल्लभ पंत, कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डा.मनमोहन सिंह चौहान ने कहा कि देश में 36 प्रतिशत हरे चारे की कमी है, इसके लिए कार्य करने की जरूरत है। समारोह में पदम श्री डा.एमएल.मदन, बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्व विद्यालय के पूर्व कुलपति डा. एसएल.गोस्वामी, संयुक्त निदेशक (शैक्षणिक) डॉ आशीष कुमार सिंह समेत कई वरिष्ठ वैज्ञानिक, अधिकारी मौजूद रहे।
इन्हें मिले पदक और प्रमाणपत्र
असम कृषि विश्वविद्यालय, जोरहट के पूर्व कुलपति डॉ. केएम.बुजरबरुआ तथा प्रकाश फूडस एडं फीड प्राइवेट लिमिटेड, चेन्नई को संस्थान के प्रबंध निदेशक डा. डीवी.के प्रकाशराव द्वारा मानद् उपाधि प्रदान की गई। डॉक्टेरयल-2022-23 के तहत प्रिंयका (डेयरी अभियांत्रिकी) को स्वर्ण पदक, मधु लता. सी, (कृषि विस्तार शिक्षा) को रजत पदक तथा एलिजाबेथ थॉमस (डेयरी प्रौद्योगिकी) को कांस्य पदक प्रदान किया गया। वर्ष 2022-23 के मास्टर्स के अंतर्गत अर्पणा राज, (पशु पूर्णात्पादन, पशु चिकित्सा) को स्वर्ण पदक, अखिल के (पशुपोषण को रजत पदक) व अमृतांशु उपाध्याय (पशु आनुवांशिकी एवं प्रजनन) को कांस्य पदक प्रदान किया गया। वर्ष 2022-23 के लिए बीटेक (डेयरी प्रौद्योगिकी) के छात्रों में से प्रीति रानी को स्वर्ण पदक, चेतन सोनी को रजत पदक और नर्सिंग को कांस्य पदक प्रदान किया गया।
इन्हें मिला सर्वश्रेष्ठ थीसिस अनुसंधान अवार्ड
सर्वश्रेष्ठ थीसिस अनुसंधान अवार्ड के अंतर्गत डाक्टरल में डा. गायत्री एस.लाल (पशुधन उत्पादन एवं प्रबंधन) को सर्वश्रेष्ठ थीसिस अनुसंधान पुरस्कार, प्रसंस्करण समूह में बसव प्रभु एचएन को और मंजूनाथ के. वी. को सर्वश्रेष्ठ थीसिस अनुसंधान अवार्ड प्रदान किया गया। मास्टर्स 2022-23 के तहत दिव्यांश कर को उत्पादन समूह में सर्वश्रेष्ठ थीसिस पुरस्कार, मनन प्रीत सिंह को प्रसंस्करण समूह में जबकि शीतल बेरी को समाज विज्ञान और प्रबंधन में सर्वश्रेष्ठ थीसिस अनुसंधान अवार्ड प्रदान किया गया। डेयरी प्रौद्योगिकी प्रभाग को वर्ष 2023 का सर्वश्रेष्ठ प्रभाग पुरस्कार प्रदान किया गया।
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करनाल। आईसीएआर-राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान का शुक्रवार को 20वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। जिसमें बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्व महानिदेशक एवं पूर्व सचिव डेयरी पदम भूषण डॉ. आरएस. परोदा ने 278 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की।
इनमें 49 को बीटेक, 127 को स्नातकोत्तर और 102 शोधकर्ताओं को पीएचडी की डिग्री दी गई। प्रिंयका (डेयरी अभियांत्रिकी) को स्वर्ण पदक, मधुलता. सी, (कृषि विस्तार शिक्षा) को रजत पदक तथा एलिजाबेथ थॉमस (डेयरी प्रौद्योगिकी) को कांस्य पदक प्रदान किया गया। मुख्य अतिथि ने कृषि एवं डेयरी क्षेत्र के लिए पोषण सुरक्षा को महत्वपूर्ण चुनौती करार देते हुए कहा कि खाद्य सुरक्षा में हमने बहुत कुछ किया, आगे भी आए लेकिन अभी पोषण सुरक्षा के क्षेत्र में बहुत कुछ करने की जरूरत है।
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दीक्षांत समारोह के शुभारंभ पर एनडीआरआई मानद् विश्वविद्यालय के संस्थान के कुलपति एवं निदेशक डा. धीर सिंह ने कहा कि एनडीआरआई उत्तम नस्ल के गोवंश और भैंसों को तैयार करने की दिशा में उन्नत कटिंग ऐज प्रौद्योगिकियों के माध्यम से कार्य कर रहा है। उनके अनुसार संस्थान अभी तक अब तक 85 पेटेंट फाइल किए हैं, जिसमें से 49 प्रदान किए जा चुके हैं।
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मुख्य अतिथि डा. आरएस.परोदा ने एनडीआरआई के अनुसंधान व उपलब्धता बढ़ाने के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इस संस्थान ने अथक प्रयास के बाद सभी राज्य कृषि विश्व विद्यालयों से अनेक वर्षों तक प्रथम स्थान प्राप्त किया।
असम कृषि विश्वविद्यालय, जोरहट के पूर्व कुलपति डॉ. केएम.बुजरबरुआ ने हाइड्रोफोनिक तकनीक के सहारे कम स्थान या घरों के कमरों में भी हरा चारा उगाने की तकनीक को विस्तार से बताया। गोविंदवल्लभ पंत, कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डा.मनमोहन सिंह चौहान ने कहा कि देश में 36 प्रतिशत हरे चारे की कमी है, इसके लिए कार्य करने की जरूरत है। समारोह में पदम श्री डा.एमएल.मदन, बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्व विद्यालय के पूर्व कुलपति डा. एसएल.गोस्वामी, संयुक्त निदेशक (शैक्षणिक) डॉ आशीष कुमार सिंह समेत कई वरिष्ठ वैज्ञानिक, अधिकारी मौजूद रहे।
इन्हें मिले पदक और प्रमाणपत्र
असम कृषि विश्वविद्यालय, जोरहट के पूर्व कुलपति डॉ. केएम.बुजरबरुआ तथा प्रकाश फूडस एडं फीड प्राइवेट लिमिटेड, चेन्नई को संस्थान के प्रबंध निदेशक डा. डीवी.के प्रकाशराव द्वारा मानद् उपाधि प्रदान की गई। डॉक्टेरयल-2022-23 के तहत प्रिंयका (डेयरी अभियांत्रिकी) को स्वर्ण पदक, मधु लता. सी, (कृषि विस्तार शिक्षा) को रजत पदक तथा एलिजाबेथ थॉमस (डेयरी प्रौद्योगिकी) को कांस्य पदक प्रदान किया गया। वर्ष 2022-23 के मास्टर्स के अंतर्गत अर्पणा राज, (पशु पूर्णात्पादन, पशु चिकित्सा) को स्वर्ण पदक, अखिल के (पशुपोषण को रजत पदक) व अमृतांशु उपाध्याय (पशु आनुवांशिकी एवं प्रजनन) को कांस्य पदक प्रदान किया गया। वर्ष 2022-23 के लिए बीटेक (डेयरी प्रौद्योगिकी) के छात्रों में से प्रीति रानी को स्वर्ण पदक, चेतन सोनी को रजत पदक और नर्सिंग को कांस्य पदक प्रदान किया गया।
इन्हें मिला सर्वश्रेष्ठ थीसिस अनुसंधान अवार्ड
सर्वश्रेष्ठ थीसिस अनुसंधान अवार्ड के अंतर्गत डाक्टरल में डा. गायत्री एस.लाल (पशुधन उत्पादन एवं प्रबंधन) को सर्वश्रेष्ठ थीसिस अनुसंधान पुरस्कार, प्रसंस्करण समूह में बसव प्रभु एचएन को और मंजूनाथ के. वी. को सर्वश्रेष्ठ थीसिस अनुसंधान अवार्ड प्रदान किया गया। मास्टर्स 2022-23 के तहत दिव्यांश कर को उत्पादन समूह में सर्वश्रेष्ठ थीसिस पुरस्कार, मनन प्रीत सिंह को प्रसंस्करण समूह में जबकि शीतल बेरी को समाज विज्ञान और प्रबंधन में सर्वश्रेष्ठ थीसिस अनुसंधान अवार्ड प्रदान किया गया। डेयरी प्रौद्योगिकी प्रभाग को वर्ष 2023 का सर्वश्रेष्ठ प्रभाग पुरस्कार प्रदान किया गया।