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इस बार 12 दिन का होगा गीता जयंती उत्सव
Karnal
Updated Wed, 05 Dec 2012 05:30 AM IST
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कुरुक्षेत्र। गीता जयंती कुरुक्षेत्र उत्सव इस बार 12 दिन का होगा। देश-विदेश से इस उत्सव में शिरकत करने वाले लोग 17 से 28 दिसंबर तक गीता जयंती की धूम देख सकेंगे।
केंद्रीय युवा एवं सांस्कृतिक मंत्रालय भारत सरकार के नार्थ जोन कल्चर सोसाइटी (एनजेडसीसी) के निदेशक डीएस सरोया ने बताया कि कार्यक्रम लगभग फाइनल हो चुके हैं। कार्यक्रम की रुपरेखा तैयार कर ली गई है। इसे फाइनल करने के लिए हरियाणा के राज्यपाल की अनुमति के लिए के लिस्ट भेजी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि पद्मश्री शोभना नारायण के अलावा, सुविख्यात भजन गायक शर्मा बंधु और श्रीराम कला केंद्र की टीम के कार्यक्रमों का फाइनल हो चुका है। इसके अलावा और भी बहुत से कलाकार गीता जयंती के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
इस दौरान कार्यक्रमों की लंबी श्रृंखला में देश के विभिन्न राज्यों की संस्कृति का अद्भुत संगम ब्रह्मसरोवर तट व इसके आसपास देखने को मिलेगा। पिछले कई दिनों से गीता जयंती कुरुक्षेत्र उत्सव-2012 का तैयारियां चल रही है। ब्रह्मसरोवर पर साफ सफाई, रंगरोगन और पैचवर्क का काम जोर शोर से जारी है। सरोया ने बताया कि इस बार उत्सव 12 दिनों का होगा। पिछले साल यह 10 दिनों का हुआ था।
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शोभना नारायण होंगी आकर्षण
पद्मश्री विश्व प्रसिद्ध क्लासिकल डांसर शोभना नारायण (पूर्व आईएएस) का नृत्य गीता जयंती उत्सव में चार चांद लगाएगा। एनडीए सरकार के दौरान कुरुक्षेत्र में आयोजित किए गए महाभारत उत्सव-2002 के बाद शोभना नारायण दूसरी बार यहां प्रस्तुति देंगी। शोभना नारायण के इस उत्सव में शामिल होने की पुष्टि कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के चीफ एग्जीक्यूटिव आफिसर एवं सिटी मजिस्ट्रेट नरेंद्र पाल मलिक ने की है। वहीं सूरज की गरमी से जलते हुए तन मिल जाए तरवर की छाया... इस प्रसिद्ध गीत को फिल्म एवं प्रख्यात भजन गायक शर्मा बंधु गीता जयंती पर प्रस्तुत करेंगे। गीता जयंती पर शर्मा बंधु के अलावा कई कलाकार उत्सव के आकर्षण में चार चांद लगाएंगे।
19 से क्राफ्ट मेला और संास्कृतिक कार्यक्रम
गीता जयंती का पर्व 23 दिसंबर को है, लेकिन सरकारी तौर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम 19 दिसंबर से 23 दिसंबर तक चलेंगे। वहीं देशभर के सैकड़ों हुनरमंद लोग क्राफ्ट मेले में अपनी वस्तुओं की स्टाल लगाने के लिए पहुंचेंगे। ये क्राफ्ट मेला 19 से 28 दिसंबर तक चलेगा।
आज डीसी गाडे़ंगे खूंटा
कुरुक्षेत्र। ब्रह्मसरोवर अनुसुइया घाट के समक्ष स्थित श्रीजयराम आश्रम में बुधवार को गीता जयंती के पंडाल का खूंटा गाड़ने की रस्म होगी। इस कार्यक्रम में आज कुरुक्षेत्र के डीसी मनदीप बराड़ एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारियों सहित श्रीजयराम आश्रम गीता जयंती आयोजन समिति के सदस्य और ट्रष्टी उपस्थित रहेंगे। कुरुक्षेत्र में पिछले 22 वर्षों से गीता जयंती को भव्य स्वरुप देने में जुटी श्रीजयराम संस्था के संचालक एवं अध्यक्ष उत्तराखंड संस्कृत यूनिवर्सिटी के संस्थापक कुलपति ब्रह्सस्वरुप ब्रह्मचारी महाराज भी इस मौके पर विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। उनकी उपस्थिति में श्रीजयराम संस्कृत विद्यालय के सैकड़ों विद्यार्थी एवं आचार्यगण वेदमंत्रोंच्चारण के खूंटा गाड़ने की रस्म कराएंगे। पूजा-अर्चना के बाद जिलाधीश मनदीप सिंह बराड़ खूंटा गाडे़ंग। इसके बाद यहां अगले 12 दिन तक पंडाल लगाने का कार्य चलेगा। इस बार ये पंडाल उत्तराखंड के कारीगरों द्वारा लगाया जाएगा। इसकी विशेषता ये रहेगी कि बैठने स्थान पर पंडाल के मध्य कोई बांस या अन्य सपोर्ट नहीं लगेंगे। व्यासपीठ को भव्य स्वरुप देने के लिए देसी-विदेशी फूलों का काम होगा। पंडाल में हजारों लोगों के बैठने का व्यवस्था होगी।
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केंद्रीय युवा एवं सांस्कृतिक मंत्रालय भारत सरकार के नार्थ जोन कल्चर सोसाइटी (एनजेडसीसी) के निदेशक डीएस सरोया ने बताया कि कार्यक्रम लगभग फाइनल हो चुके हैं। कार्यक्रम की रुपरेखा तैयार कर ली गई है। इसे फाइनल करने के लिए हरियाणा के राज्यपाल की अनुमति के लिए के लिस्ट भेजी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि पद्मश्री शोभना नारायण के अलावा, सुविख्यात भजन गायक शर्मा बंधु और श्रीराम कला केंद्र की टीम के कार्यक्रमों का फाइनल हो चुका है। इसके अलावा और भी बहुत से कलाकार गीता जयंती के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
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इस दौरान कार्यक्रमों की लंबी श्रृंखला में देश के विभिन्न राज्यों की संस्कृति का अद्भुत संगम ब्रह्मसरोवर तट व इसके आसपास देखने को मिलेगा। पिछले कई दिनों से गीता जयंती कुरुक्षेत्र उत्सव-2012 का तैयारियां चल रही है। ब्रह्मसरोवर पर साफ सफाई, रंगरोगन और पैचवर्क का काम जोर शोर से जारी है। सरोया ने बताया कि इस बार उत्सव 12 दिनों का होगा। पिछले साल यह 10 दिनों का हुआ था।
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शोभना नारायण होंगी आकर्षण
पद्मश्री विश्व प्रसिद्ध क्लासिकल डांसर शोभना नारायण (पूर्व आईएएस) का नृत्य गीता जयंती उत्सव में चार चांद लगाएगा। एनडीए सरकार के दौरान कुरुक्षेत्र में आयोजित किए गए महाभारत उत्सव-2002 के बाद शोभना नारायण दूसरी बार यहां प्रस्तुति देंगी। शोभना नारायण के इस उत्सव में शामिल होने की पुष्टि कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के चीफ एग्जीक्यूटिव आफिसर एवं सिटी मजिस्ट्रेट नरेंद्र पाल मलिक ने की है। वहीं सूरज की गरमी से जलते हुए तन मिल जाए तरवर की छाया... इस प्रसिद्ध गीत को फिल्म एवं प्रख्यात भजन गायक शर्मा बंधु गीता जयंती पर प्रस्तुत करेंगे। गीता जयंती पर शर्मा बंधु के अलावा कई कलाकार उत्सव के आकर्षण में चार चांद लगाएंगे।
19 से क्राफ्ट मेला और संास्कृतिक कार्यक्रम
गीता जयंती का पर्व 23 दिसंबर को है, लेकिन सरकारी तौर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम 19 दिसंबर से 23 दिसंबर तक चलेंगे। वहीं देशभर के सैकड़ों हुनरमंद लोग क्राफ्ट मेले में अपनी वस्तुओं की स्टाल लगाने के लिए पहुंचेंगे। ये क्राफ्ट मेला 19 से 28 दिसंबर तक चलेगा।
आज डीसी गाडे़ंगे खूंटा
कुरुक्षेत्र। ब्रह्मसरोवर अनुसुइया घाट के समक्ष स्थित श्रीजयराम आश्रम में बुधवार को गीता जयंती के पंडाल का खूंटा गाड़ने की रस्म होगी। इस कार्यक्रम में आज कुरुक्षेत्र के डीसी मनदीप बराड़ एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारियों सहित श्रीजयराम आश्रम गीता जयंती आयोजन समिति के सदस्य और ट्रष्टी उपस्थित रहेंगे। कुरुक्षेत्र में पिछले 22 वर्षों से गीता जयंती को भव्य स्वरुप देने में जुटी श्रीजयराम संस्था के संचालक एवं अध्यक्ष उत्तराखंड संस्कृत यूनिवर्सिटी के संस्थापक कुलपति ब्रह्सस्वरुप ब्रह्मचारी महाराज भी इस मौके पर विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। उनकी उपस्थिति में श्रीजयराम संस्कृत विद्यालय के सैकड़ों विद्यार्थी एवं आचार्यगण वेदमंत्रोंच्चारण के खूंटा गाड़ने की रस्म कराएंगे। पूजा-अर्चना के बाद जिलाधीश मनदीप सिंह बराड़ खूंटा गाडे़ंग। इसके बाद यहां अगले 12 दिन तक पंडाल लगाने का कार्य चलेगा। इस बार ये पंडाल उत्तराखंड के कारीगरों द्वारा लगाया जाएगा। इसकी विशेषता ये रहेगी कि बैठने स्थान पर पंडाल के मध्य कोई बांस या अन्य सपोर्ट नहीं लगेंगे। व्यासपीठ को भव्य स्वरुप देने के लिए देसी-विदेशी फूलों का काम होगा। पंडाल में हजारों लोगों के बैठने का व्यवस्था होगी।