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करनाल के लोग शराब पीकर गाड़ी नहीं चलाते!

Sun, 07 Oct 2012 12:00 PM IST
Karnal
Karnal Updated Sun, 07 Oct 2012 12:00 PM IST
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करनाल। करनाल के लोग शराब पीकर गाड़ी नहीं चलाते, यह हम नहीं कह रहे बल्कि पुलिस विभाग की आरटीआई में यह खुलासा हुआ है। आरटीआई में पुलिस ने बताया है कि पिछले डेढ़ वर्ष में करनाल में 739 दुर्घटना हुई हैं, पर अचरज की बात यह है कि किसी भी दुर्घटना की वजह चालक का शराब पीना नहीं थी। जबकि पुलिस जब भी रात में जांच अभियान चलाती है, तो उसमें सैकड़ों लोगों के शराब पीने के चालान काटे जाते हैं।
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शहर की अधिकार संस्था के महासचिव एडवोकेट राजेश शर्मा को सूचना के अधिकार कानून के तहत पुलिस विभाग से कुछ जानकारियां मांगी थी। इसमें पुलिस विभाग ने बताया कि जिला करनाल में एक अप्रैल 2011 से पांच नवंबर 2012 तक 739 सड़क दुर्घटनाएं हुई थी, लेकिन इन दुर्घटनाओं में कोई भी ऐसा चालक नहीं था, इसने शराब का सेवन किया हो। यातायात पुलिस खास तौर पर इस बात पर जनता को जागरूक करने के लिए प्रचार व प्रसार करती है कि शराब पीकर गाड़ी चलाने से दुर्घटनाएं होती है।
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शराबियों के कटते हैं चालान
अकसर देखने में आया है कि यातायात पुलिस समय-समय पर वाहन चालकों के शराब सेवन करने पर चालान काटती रहती है और ऐसे चालानों की संख्या हजारों में होती है, लेकिन उपरोक्त जानकारी चौंकाने वाली है। क्योंकि घटी दुर्घटनाओं में एक भी चालक ऐसा नहीं पाया गया, जिसने शराब का सेवन किया हो। पुलिस विभाग द्वारा दी गई सूचना में यह भी बताया गया है कि उपरोक्त दुर्घटनाओं में कोई भी चालक शराब पीए हुए नहीं पाया गया। जिस कारण पुलिस ने कोई भी एलकोहल टेस्ट नहीं कराए। उपरोक्त आंकड़ा कई प्रश्नचिह्न छोड़ता है।
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77915 वाहनों के काटे चालान
पुलिस ने यह भी जानकारी दी कि उपरोक्त समय में 77915 वाहनों के चालान किए गए। इनसे दो करोड़ 29 लाख 99 हजार 400 रुपये जुर्माना वसूल किया गया है। इन चालानों में 10 प्रतिशत चालान थ्री-व्हीलर, 22 प्रतिशत चालान कारों के, 53 प्रतिशत चालान दोपहिया वाहनों के व 15 प्रतिशत चालान ट्रक वगैरह के किए गए। यह जानने के उद्देश्य से कि शराब पीकर कितने प्रतिशत दुर्घटनाएं होती है। आरटीआई कार्यकर्ता एडवोकेट राजेश शर्मा ने पुलिस विभाग में उपरोक्त पत्र के जरिए सूचना मांगी थी, लेकिन जो आंकडे़ पुलिस विभाग द्वारा उपलब्ध करवाए गए। वो काफी चौंकाने वाले हैं।
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