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Karnal News: 90 और 2000 के दशक का पहनावा फिर से हुआ लोकप्रिय

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 03 Apr 2025 01:31 AM IST
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90s and 2000s attire is popular again

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करनाल। फैशन का दौर हमेशा बदलता रहा है लेकिन हाल के वर्षों में इसमें दिलचस्प मोड़ आया है। 90 और 2000 के दशक के स्टाइल फिर से लौट रहे हैं। युवा अब तेजी से बदलते ट्रेंड्स के बजाय क्लासिक और पर्यावरण अनुकूल कपड़ों को प्राथमिकता देने लगे हैं। आज की पीढ़ी केवल ट्रेंड फॉलो करने तक सीमित नहीं रहना चाहती बल्कि वह अपने फैसलों के पीछे की सोच को भी समझ रही है। ब्रांड्स भी इस बदलाव को भांपते हुए अपने कलेक्शन में पर्यावरण अनुकूल और प्राचीन स्टाइल को शामिल कर रहे हैं।
कर्ण बाजार में ट्रेंडी फैशन के कपड़ों की दुकान चलाने वाले रवि वर्मा बताते हैं कि हर साल एक फैशन चक्र बदलता है लेकिन इस साल नए के बजाय युवतियों को अपने माता-पिता के जमाने का पहनावा काफी पसंद आ रहा है। उन्होंने कहा कि जो ट्रेंड दशकों से बाहर था वही अब नई पीढ़ी में फिर से लोकप्रिय हो रहा है। इसमें बूट कट जींस, डेनिम जैकेट्स, फ्लोरल ड्रेसेस, स्कर्ट, स्वेटशर्ट, स्लिप ड्रेस, हाई वेस्टेड पैंट, क्रॉप टॉप्स और स्पोर्ट्सवियर शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इन कपड़ों की बिक्री में इजाफा हो रहा है। खासतौर पर कॉलेज की लड़कियां इन्हें काफी पसंद कर रही हैं।
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वहीं, एक ब्रांडेड कपड़ा स्टोर के मालिक अमित शर्मा का मानना है कि फास्ट फैशन (तेजी से बदलते कपड़ों के रुझान) का आकर्षण कम नहीं हुआ है लेकिन उपभोक्ता अब लॉन्ग-लास्टिंग, क्लासिक पहनावे की ओर बढ़ रहे हैं। ग्राहक अब गुणवत्ता और टिकाऊ फैशन को प्राथमिकता देने लगे हैं। कई ब्रांड्स पुराने स्टाइल को नया टच देकर नए कलेक्शन में शामिल कर रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि इस तरह के कपड़ों की ही सबसे ज्यादा बिक्री होती है।
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- स्टाइलिश होने के साथ आरामदायक भी

युवती साक्षी पौड़िया का कहना है कि 90 और 2000 के दशक का फैशन स्टाइलिश होने के साथ-साथ आरामदायक भी था इसलिए वह काफी पसंद है। जैसे कि बूट कट जींस के साथ सिंपल टी-शर्ट का पहनावा आरामदायक होता था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे इंस्टाग्राम और पिनटेरेस्ट पर इन्हें फिर से ट्रेंड करता देख युवतियों ने फिर से इन्हें अपनाना शुरू कर दिया। नए ट्रेंड्स के पीछे भागने के बजाय, ऐसे पहनावा चुनती हैं, जो वर्षों तक चल सके।




दशकों पुराना ट्रेंड देता है नोस्टेल्जिया लुक
युवती खुशी ने बताया कि कपड़ाें में बदलाव सिर्फ स्टाइल तक सीमित नहीं है। फास्ट फैशन या त्वरित बदलाव से पर्यावरण को काफी नुकसान होता है। हर हफ्ते नया ट्रेंड अपनाना पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ महंगा पड़ता है। ऐसे में, दशकों पुराने ट्रेंड के कपड़ों को प्राथमिकता देती हूं, क्योंकि ये पर्यावरण अनुकूल होने के साथ नोस्टेल्जिया लुक भी देते हैं। नेहा ने कहा कि इनमें उसे हाई वेस्ट पैंट के साथ खुली कुर्तियों का पुराना ट्रेंड काफी अच्छा लगता है।
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