फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   हड़ताल का पूरा असर : रोडवेज का चक्का जाम, पहले दिन 13 लाख के राजस्व का घाटा

हड़ताल का पूरा असर : रोडवेज का चक्का जाम, पहले दिन 13 लाख के राजस्व का घाटा

Tue, 16 Oct 2018 11:51 PM IST
Updated Tue, 16 Oct 2018 11:51 PM IST
विज्ञापन
हड़ताल का पूरा असर : रोडवेज का चक्का जाम, पहले दिन 13 लाख के राजस्व का घाटा
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

करनाल। दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन मंगलवार को रोडवेज कर्मचारियों ने बसों का चक्का पूरी तरह से जाम कर दिया। मंगलवार को करनाल रोडवेज की सभी 181 बसें बंद रहीं। इससे विभाग को करीब 13 लाख के राजस्व का नुकसान हुआ। बीती हड़ताल विफल होने के बाद इस बार कर्मचारियों ने एकजुटता दिखाई। सभी 362 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। 183 ड्राइवर और 179 कंडक्टर में से किसी ने काम नहीं किया। नाइट ड्यूटी पर गई 42 बसें करनाल आने के बाद वापस नहीं गईं। रोडवेज की बसें बंद रहने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। खासकर बुजुर्ग और महिला यात्रियों को दिक्कत आई। मजबूरी में लोगों ने प्राइवेट बसों में सफर किया। बसें कम और सवारी अधिक होने की वजह से यात्रियों को सीट तक नहीं मिल पाई। निजी बस संचालकों ने खूब चांदी कूटी।
इससे पहले, सुबह बसों को रोकने को लेकर रोडवेज कर्मचारियों और सिटी थाना प्रभारी हरजिंद्र सिंह और नायब तहसीलदार के बीच में तीखी नोंक झोक हुई। सुबह जब एक बस चलने लगी तो कुछ कर्मचारी नेताओं ने उसे रोक दिया। इस पर पुलिस कर्मचारी अलर्ट हो गए। पुलिस ने चेताया कि वे किसी बस को जबरदस्ती नहीं रोक सकते। अगर ऐसा किया गया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन


नए कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी
अधिकारियों ने हड़ताल पर रहे कर्मचारियों की रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी है। जीएम अश्विनी डोगरा ने 2018 में भर्ती हुए नए कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। वह यदि काम पर नहीं लौटे तो उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। जीएम ने भी इसके संकेत दिए हैं। देखने वाली बात यह होगी की नए कर्मचारी बुधवार को हड़ताल पर रहेंगे या फिर काम पर लौट जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


181 बसों पर लगे ब्रेक, प्राइवेट बसें चली ओवरलोडेड
करनाल रोडवेज की बेड़े में कुल 181 बसों का अमला है। इनमें से 10 बसें रोडवेज वर्कशॉप में रहती हैं। बाकी की 171 बसें सभी रूटों पर दौड़ती हैैं। इनमें से 42 बसें नाइट में चलती हैं। एक दिन इनके बंद रहने से 13 लाख के राजस्व का नुकसान हुआ। हड़ताल से बस स्टैंड परिसर में पूरा दिन सन्नाटा पसरा रहा। सरकारी बसें बंद होने के कारण प्राइवेट बसें चली। भीड़ इतनी थी कि हर प्राइवेट बस की छतों पर सवारियों को बैठना पड़ा। इससे महिलाओं और बुजुर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

कर्मचारियों ने नारेबाजी कर रोष जताया
कर्मचारी तालमेल कमेटी हरियाणा के बैनर तले करनाल में रोडवेज कर्मचारियों धरना दिया। सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। कर्मचारियों ने सरकार को चेतावनी दी है कि जब तक सरकार 720 किलोमीटर स्कीम के तहत लगाई जाने वाली बसों की स्कीम को रद नहीं किया जाता तब तक बसें नहीं चलेंगी। मंगलवार को बिजली बोर्ड, आंगनबाड़ी, किसान, छात्र व कई अन्य विभागों के कर्मचारियों ने अपना समर्थन दिया।

बसों का निजीकरण बड़ा घोटाला : सुखविंद्र
प्रधान सुखविंद्र ने कहा कि रोडवेज कर्मचारियों ने बताया कि रोडवेज बस 25 रुपये प्रति किलोमीटर आय देती है। यही नहीं सात बेरोजगारों को रोजगार भी मिलता है। जबकि निजी बस मालिक को 25 रुपये आय के बदले 50 रुपये किलोमीटर देने पड़ते हैं। यह बड़ा घोटाला है। इस पर सिर्फ एक कर्मचारी को रोजगार मिलता है। मांग की कि दस हजार बसें और युवकों को रोजगार दिया जाए। रोडवेज का निजीकरण बंद किया जाए। इस अवसर पर रोडवेज पदाधिकारी प्रधान सुखविंद्र सिंह, प्रधान विरेंद्र सिंह प्रधाना काला राम, प्रधान कृपाल लाडी, प्रधान अशोक मान, प्रधान जगपाल व प्रधान अशोक मढ़ान उपस्थित रहे।

अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
हरियाणा कर्मचारी महासंघ ने रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन किया। प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ के नेतृत्व में कई संगठनों के पदाधिकारी करनाल बस स्टैंड पर सुबह पांच बजे पहुंच गए। विश्वनाथ ने कहा कि सरकार की इस पॉलिसी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार को चेतावनी दी कि यदि सरकार द्वारा इसे रद नहीं किया और कर्मचारियों से कोई ओच्छी हरकत की तो हरियाणा कर्मचारी महासंघ से संबंधित सभी यूनियनें भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चली जाएंगी। जिला प्रधान प्रेम सिंह राणा व सचिव राकेश गौतम ने सरकार से मांग की कि सरकार वार्ता कर समस्याओं का समाधान करे। इस अवसर पर देवेंद्र, हरीचंद सैनी, राजकुमार चौधरी, बलजीत शमर, रामकुमार प्रजापत, कृष्ण सुलतानपुर, बलवंत सिंह व गुरमीत सैनी मौजूद रहे।


जो कर्मचारी हड़ताल पर हैं। उनकी रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी गई है। नए कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। कर्मचारियों से अपील है कि वह कानून अपने हाथ में लें। नहीं तो उनके खिलाफ कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।-अश्विनी डोगरा, जीएम रोडवेज, करनाल।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed