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एनआईआरएफ की रैकिंग में पहला स्थान पाने वाले कॉलेज को दिए जाएंगे 10 करोड़ रुपए
Updated Sat, 29 Sep 2018 11:53 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले कॉलेजों को दस करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करने अंतिम तिथि 30 सितंबर है। दस करोड़ रुपये की ग्रांट प्राप्त करने के लिए कॉलेजों में एनआईआरएफ के मानकों पर खरा उतरना पड़ेगा। हायर एजुकेशन विभाग ने कॉलेजों को आवेदन के लिए पहले 24 सितंबर तक का समय दिया था इसके बाद उन्होंने इस तारिख को बढ़ाकर 30 सितंबर कर दिया गया। एमएचआरडी नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क के तहत कॉलेजों की नेशनल रैंकिंग तैयार करती है। आवेदन के समय कॉलेज प्रबंधक को कॉलेज की पूरी जानकारी देनी होगी।
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ए प्लस की रैंकिंग के लिए मानक
-कॉलेज में कम से कम 20 स्मार्ट क्लास रूम हो।
-लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब व पूरा कॉलेज इंटरनेट व वाई-फाई सिस्टम से जुड़ा हो।
-कॉलेज की खुद की वेबसाइट।
- टीचर स्टूडेंट की रेशो 30 स्टूडेंट पर एक टीचर हो।
- कॉलेज में एडमिशन के लिए एंट्रेस टेस्ट हो, जिसमें 12वीं की मैरिट व एंट्रेंस मैरिट बेस पर एडमिशन हो।
-कॉलेजों में एंटी रैगिंग सैल हो।
- कॉलेज की इंटरनल मामलों की कमेटी, हरासमेंट सैल जरूर हो।
- जिम, प्लेग्राउंड व ट्रेनर हो।
- इंफ्रास्ट्रक्चर पूरा हो, एयरकंडीशन हो, इनवायरमेंट हो
- कॉलेज का रिजल्ट बेस्ट।
- एक कक्षा मेंटर की हो।
- अंग्रेजी स्पीकिंग कोर्स होना जरूरी है।
- प्लेसमेंट एजेंसी कॉलेज में आनी चाहिए।
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कॉलेज में आकर टीम करेंगी जांच
कॉलेज द्वारा एनआईआरएफ के लिए आवेदन करने के दौरान ही कॉलेज की पूरी जानकारी देनी होगी और इसके बाद एनआईआरएफ की ओर से एक टीम कॉलेज में निरीक्षण करने के लिए आएगी और उसके बाद देशभर के कॉलेजों की रैंकिंग की जाएगी और प्रथम स्थान पर आने वाले कॉलेज को ही ग्रांट दी जाएगी।
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एनआईआरएफ के लिए कॉलेज द्वारा आवेदन कर दिया गया है, कॉलेज पहले से ही बी ग्रेड में है। रैकिंग में प्रथम स्थान पाने पर ही कॉलेज को ग्रांट दी जाएगी।
-डॉ. कुलविंद्र कौर, राजकीय महिला कॉजेल, करनाल।
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करनाल। नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले कॉलेजों को दस करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करने अंतिम तिथि 30 सितंबर है। दस करोड़ रुपये की ग्रांट प्राप्त करने के लिए कॉलेजों में एनआईआरएफ के मानकों पर खरा उतरना पड़ेगा। हायर एजुकेशन विभाग ने कॉलेजों को आवेदन के लिए पहले 24 सितंबर तक का समय दिया था इसके बाद उन्होंने इस तारिख को बढ़ाकर 30 सितंबर कर दिया गया। एमएचआरडी नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क के तहत कॉलेजों की नेशनल रैंकिंग तैयार करती है। आवेदन के समय कॉलेज प्रबंधक को कॉलेज की पूरी जानकारी देनी होगी।
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ए प्लस की रैंकिंग के लिए मानक
-कॉलेज में कम से कम 20 स्मार्ट क्लास रूम हो।
-लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब व पूरा कॉलेज इंटरनेट व वाई-फाई सिस्टम से जुड़ा हो।
-कॉलेज की खुद की वेबसाइट।
- टीचर स्टूडेंट की रेशो 30 स्टूडेंट पर एक टीचर हो।
- कॉलेज में एडमिशन के लिए एंट्रेस टेस्ट हो, जिसमें 12वीं की मैरिट व एंट्रेंस मैरिट बेस पर एडमिशन हो।
-कॉलेजों में एंटी रैगिंग सैल हो।
- कॉलेज की इंटरनल मामलों की कमेटी, हरासमेंट सैल जरूर हो।
- जिम, प्लेग्राउंड व ट्रेनर हो।
- इंफ्रास्ट्रक्चर पूरा हो, एयरकंडीशन हो, इनवायरमेंट हो
- कॉलेज का रिजल्ट बेस्ट।
- एक कक्षा मेंटर की हो।
- अंग्रेजी स्पीकिंग कोर्स होना जरूरी है।
- प्लेसमेंट एजेंसी कॉलेज में आनी चाहिए।
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कॉलेज में आकर टीम करेंगी जांच
कॉलेज द्वारा एनआईआरएफ के लिए आवेदन करने के दौरान ही कॉलेज की पूरी जानकारी देनी होगी और इसके बाद एनआईआरएफ की ओर से एक टीम कॉलेज में निरीक्षण करने के लिए आएगी और उसके बाद देशभर के कॉलेजों की रैंकिंग की जाएगी और प्रथम स्थान पर आने वाले कॉलेज को ही ग्रांट दी जाएगी।
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एनआईआरएफ के लिए कॉलेज द्वारा आवेदन कर दिया गया है, कॉलेज पहले से ही बी ग्रेड में है। रैकिंग में प्रथम स्थान पाने पर ही कॉलेज को ग्रांट दी जाएगी।
-डॉ. कुलविंद्र कौर, राजकीय महिला कॉजेल, करनाल।