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हरियाणवी व पंजाबी गीतों पर विद्यार्थियों ने मचाई धूम, किसी ने गाकर तो किसी ने नाचकर दिखाई प्रतिभा
Updated Tue, 18 Sep 2018 11:56 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। पंडित चिरंजीलाल शर्मा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मंगलवार को प्रतिभा खोज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में होनहार कलाकारों ने नृत्य, गायन, एकल अभिनय, मिमिक्री और वाद्ययंत्र वादन की शानदार प्रस्तुतियों से मन मोह लिया और महाविद्यालय प्रांगण तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। हरियाणवी और पंजाबी गीतों पर विद्यार्थियों ने धूम मचाई। एक के बाद एक विद्यार्थी ने शानदार प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम में डीएसपी वीरेंद्र सिंह ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की और सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार भी बांटे और जीवन में कड़ी मेहनत के साथ निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित भी किया। महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. रेखा शर्मा ने प्रतिभा खोज कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए महाविद्यालय के सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के संयोजक डॉ. एसके नागिया और सभी स्टाफ सदस्यों को बधाई दी। मंच संचालन डॉ. रीना यादव और डॉ. ममता ने किया।
नृत्य प्रतियोगिता में बीकॉम प्रथम की छात्रा सिमरन प्रथम
नृत्य प्रतियोगिता में बीकॉम प्रथम वर्ष की छात्रा सिमरन पहले स्थान पर, बीएससी अंतिम वर्ष का छात्र सिमरतपाल सिंह और बीकॉम अंतिम वर्ष की छात्रा गरिमा संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर और बीएससी गृह विज्ञान द्वितीय वर्ष की छात्रा गोल्डन व बीएससी गृह विज्ञान प्रथम वर्ष की छात्रा मनीषा संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रही। गायन प्रतियोगिता में फुलो कौर ने पहला स्थान, दिव्या ने दूसरा और पवन व अश्विनी ने संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल किया। एकल नृत्य प्रतियोगिता में प्रोफेसर शिवानी कौशिक, प्रोफेसर सुनीता चोपड़ा और प्रोफेसर मधुलिका और गायन प्रतियोगिता में डॉ. अंजना रानी, प्रोफेसर सरिता आर्य और प्रोफेसर ज्योति रोजरा ने निर्णायक मंडल की भूमिका निभाई।
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अर्जुन की मिमिक्री सबसे बढ़िया
मिमिक्री प्रतियोगिता में बीएससी द्वितीय वर्ष का विद्यार्थी अर्जुन पहले स्थान पर रहा। मोनो एक्टिंग में प्रतिभागी रवींद्र पहले स्थान पर, अर्जुन दूसरे स्थान पर और डिंपी तीसरे स्थान पर रही। वाद्ययंत्र वादन में मोहित ने पहला स्थान, लवकेश ने दूसरा और नरेंद्र ने तीसरा स्थान हासिल किया। इन तीनों प्रतियोगिताओं में प्रोफेसर राजेश रांझा, डॉ. चंद्रमोहन और डॉ. भगवान भारद्वाज ने निर्णायक मंडल की भूमिका निभाई। इस अवसर पर उप प्राचार्या डॉ. राजेश रानी, डॉ. सुरेंद्र कुमार नागिया और नरेश सिंह समेत महाविद्यालय के शिक्षक एवं गैर शिक्षक वर्ग के सभी स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।
शिक्षा को बहुआयामी बनाने की जरूरत : डीएसपी वीरेंद्र
मुख्यातिथि डीएसपी वीरेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा को बहुआयामी बनाने की जरूरत है। केवल किताबी ज्ञान देने से कुछ नहीं होगा, बल्कि व्यावहारिक ज्ञान का भी जीवन में उतना ही महत्व है। प्राचार्या डॉ. रेखा शर्मा ने प्रतिभा खोज कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे सभी प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि मंच पर प्रस्तुति देने से विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ता है। यह आत्मविश्वास जीवन भर काम आता है और इसी विश्वास के सहारे जीवन के लक्ष्य हासिल करना आसान हो जाता है। उप प्राचार्या डॉ. राजेश रानी ने धन्यवाद किया।
सांस्कृतिक गतिविधियों की दी जानकारी
महाविद्यालय के सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के संयोजक डॉ. सुरेंद्र कुमार नागिया ने प्रतिभा खोज कार्यक्रम की रूपरेखा से अवगत करवाया। उन्होंने महाविद्यालय में वर्ष भर आयोजित की जाने वाली सांस्कृतिक गतिविधियों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। डॉ. सुरेंद्र कुमार नागिया ने कहा कि अक्तूबर माह में आयोजित किए जाने वाले युवा महोत्सव के लिए महाविद्यालय प्रांगण में तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। महाविद्यालय की अनुशासन समिति के संयोजक नरेश सिंह ने विद्यार्थियों को अनुशासन का पाठ पढ़ाया।
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करनाल। पंडित चिरंजीलाल शर्मा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मंगलवार को प्रतिभा खोज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में होनहार कलाकारों ने नृत्य, गायन, एकल अभिनय, मिमिक्री और वाद्ययंत्र वादन की शानदार प्रस्तुतियों से मन मोह लिया और महाविद्यालय प्रांगण तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। हरियाणवी और पंजाबी गीतों पर विद्यार्थियों ने धूम मचाई। एक के बाद एक विद्यार्थी ने शानदार प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम में डीएसपी वीरेंद्र सिंह ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की और सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार भी बांटे और जीवन में कड़ी मेहनत के साथ निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित भी किया। महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. रेखा शर्मा ने प्रतिभा खोज कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए महाविद्यालय के सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के संयोजक डॉ. एसके नागिया और सभी स्टाफ सदस्यों को बधाई दी। मंच संचालन डॉ. रीना यादव और डॉ. ममता ने किया।
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नृत्य प्रतियोगिता में बीकॉम प्रथम की छात्रा सिमरन प्रथम
नृत्य प्रतियोगिता में बीकॉम प्रथम वर्ष की छात्रा सिमरन पहले स्थान पर, बीएससी अंतिम वर्ष का छात्र सिमरतपाल सिंह और बीकॉम अंतिम वर्ष की छात्रा गरिमा संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर और बीएससी गृह विज्ञान द्वितीय वर्ष की छात्रा गोल्डन व बीएससी गृह विज्ञान प्रथम वर्ष की छात्रा मनीषा संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रही। गायन प्रतियोगिता में फुलो कौर ने पहला स्थान, दिव्या ने दूसरा और पवन व अश्विनी ने संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल किया। एकल नृत्य प्रतियोगिता में प्रोफेसर शिवानी कौशिक, प्रोफेसर सुनीता चोपड़ा और प्रोफेसर मधुलिका और गायन प्रतियोगिता में डॉ. अंजना रानी, प्रोफेसर सरिता आर्य और प्रोफेसर ज्योति रोजरा ने निर्णायक मंडल की भूमिका निभाई।
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अर्जुन की मिमिक्री सबसे बढ़िया
मिमिक्री प्रतियोगिता में बीएससी द्वितीय वर्ष का विद्यार्थी अर्जुन पहले स्थान पर रहा। मोनो एक्टिंग में प्रतिभागी रवींद्र पहले स्थान पर, अर्जुन दूसरे स्थान पर और डिंपी तीसरे स्थान पर रही। वाद्ययंत्र वादन में मोहित ने पहला स्थान, लवकेश ने दूसरा और नरेंद्र ने तीसरा स्थान हासिल किया। इन तीनों प्रतियोगिताओं में प्रोफेसर राजेश रांझा, डॉ. चंद्रमोहन और डॉ. भगवान भारद्वाज ने निर्णायक मंडल की भूमिका निभाई। इस अवसर पर उप प्राचार्या डॉ. राजेश रानी, डॉ. सुरेंद्र कुमार नागिया और नरेश सिंह समेत महाविद्यालय के शिक्षक एवं गैर शिक्षक वर्ग के सभी स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।
शिक्षा को बहुआयामी बनाने की जरूरत : डीएसपी वीरेंद्र
मुख्यातिथि डीएसपी वीरेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा को बहुआयामी बनाने की जरूरत है। केवल किताबी ज्ञान देने से कुछ नहीं होगा, बल्कि व्यावहारिक ज्ञान का भी जीवन में उतना ही महत्व है। प्राचार्या डॉ. रेखा शर्मा ने प्रतिभा खोज कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे सभी प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि मंच पर प्रस्तुति देने से विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ता है। यह आत्मविश्वास जीवन भर काम आता है और इसी विश्वास के सहारे जीवन के लक्ष्य हासिल करना आसान हो जाता है। उप प्राचार्या डॉ. राजेश रानी ने धन्यवाद किया।
सांस्कृतिक गतिविधियों की दी जानकारी
महाविद्यालय के सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के संयोजक डॉ. सुरेंद्र कुमार नागिया ने प्रतिभा खोज कार्यक्रम की रूपरेखा से अवगत करवाया। उन्होंने महाविद्यालय में वर्ष भर आयोजित की जाने वाली सांस्कृतिक गतिविधियों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। डॉ. सुरेंद्र कुमार नागिया ने कहा कि अक्तूबर माह में आयोजित किए जाने वाले युवा महोत्सव के लिए महाविद्यालय प्रांगण में तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। महाविद्यालय की अनुशासन समिति के संयोजक नरेश सिंह ने विद्यार्थियों को अनुशासन का पाठ पढ़ाया।