{"_id":"5ae8c3fc4f1c1b3b0b8b787f","slug":"81525203964-karnal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएम रात को गांव सलारू में ठहरे तो सुबह सैर करने के लिए पहुंच गए खेतों में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएम रात को गांव सलारू में ठहरे तो सुबह सैर करने के लिए पहुंच गए खेतों में
Updated Wed, 02 May 2018 01:16 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
सलारू में रात्रि प्रवास के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सुबह की सैर गांव के खेतों में पहुंच गए। इस दौरान सीएम ने खेतों में जा रहे किसानों से भी दुआ सलाम की और उनका हाल चाल जाना। साथ ही खेत में पहुंचने पर भूजल स्तर और फसलों के बारे में जानकारी ली।
सुबह सुबह अपने बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री को पाकर किसानों ने खुशी जाहिर की और सीएम के साथ खेती की समस्याएं भी सांझा की। इस दौरान सीएम ने कहा कि गांव सलारू की ग्राम सभा के सफल आयोजन को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि वे जिला के अन्य गांव में भी इस तरह के कार्यक्रम में जाएंगे और लोगों से रूबरू होकर उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे। सुबह छह बजे सलारू-टपराना रोड पर सैर करते-करते मुख्यमंत्री खेत में चल रहे एक नलकूप पर पहुंचे। किसान द्वारा खेत में उगाए गए धनिया पर बोले कि इस इलाके में किसान धनिये की अच्छी फसल लेते हैं, जो दिल्ली तक की मंडियों में जाता है। फिर पूछा कि भूमिगत जलस्तर का लेवल कहां तक पहुंच गया है, किसान ने बताया कि करीब 200 फुट तक। मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमिगत पानी के लगातार दोहन से ऐसा हुआ है। इसे कम करने के लिए सरकार प्रयास कर रही है कि किसान सूक्ष्म सिंचाई को अपनाएं, कम पानी व ज्यादा मुनाफा देने वाली फसलें उगाएं। मुख्यमंत्री ने सैर करते समय सड़क पर खड़े ग्रामीणों से राम-राम भाइयों बोले।
गांव में सफाई अभियान चलाया
इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने इसी सड़क पर भारत माता के जयकारे के साथ सफाई अभियान में शामिल होकर सांकेतिक रूप से झाडू़ चलाकर श्रमदान किया। उनके साथ खाद्य, नागरिक एवं उपभोक्ता मामले मंत्री कर्णदेव कम्बोज, स्वच्छ भारत मिशन हरियाणा के कार्यकारी उपाध्यक्ष सुभाष चन्द्र तथा गांव के सरपंच पलविन्द्र सिंह ने भी सड़क पर झाड़ू लगाकर सफाई की। मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों की स्वच्छता रैली को हरी झंडी दिखाई और उन्हें समझाते हुए बोले स्वच्छता को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। घर, गली या सार्वजनिक जगह पर कोई गंदगी दिखाई दे, तो उसे साफ करें। रैपर या केले के छिलके को इधर-उधर ना फेंके, बड़े ऐसा करें तो उन्हें समझाएं। ऐसा करके बच्चे बड़ों को भी सिखा सखते हैं। वे प्रेरक और वाहक बन सकते हैं। सफाई व्यक्ति का पहला आभूषण है। उन्होंने कहा कि सफाई अभियान में शामिल होने का मकसद लोगों में स्वच्छता के प्रति रुचि पैदा करना है। हर व्यक्ति सफाई से जुड़े, अगर ऐसा करेंगे तो हमारे गांव, शहर और प्रदेश स्वच्छ होंगे।
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प्रमुखता के साथ निपटाएं ग्रामीणों की समस्याएं
मुख्यमंत्री ने मौके पर उपस्थित प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि रात्रि कार्यक्रम में लगाए गए विभागों के स्टाल पूरा दिन रखे जाएं और ग्रामीणों की समस्याएं निपटाएं। मुख्यमंत्री ने स्कूल में जा रही छात्राओं से संवाद कर उनकी क्लास पूछी और कहा अच्छे से पढ़ाई किया करो। इस दौरान अब्दुलापुर गांव की एक महिला भतेरी ने मुख्यमंत्री को अपनी व्यथा सुनाई। वास्तव में उनकी पति ईलम सिंह दिमागी रूप से अस्वस्थ दिखाई दे रहे थे, लेकिन अस्पताल की ओर से उन्हें 40 प्रतिशत विकलांगता प्रमाण पत्र दिया गया था। मुख्यमंत्री ने तुरंत संज्ञान लेते हुए सीएमओ को निर्देश दिए कि इनकी दोबारा जांच कर मेडिकल प्रमाण पत्र बनाएं, ताकि इसे दिव्यांग पेशन का लाभ मिल सके।
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करनाल।
सलारू में रात्रि प्रवास के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सुबह की सैर गांव के खेतों में पहुंच गए। इस दौरान सीएम ने खेतों में जा रहे किसानों से भी दुआ सलाम की और उनका हाल चाल जाना। साथ ही खेत में पहुंचने पर भूजल स्तर और फसलों के बारे में जानकारी ली।
सुबह सुबह अपने बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री को पाकर किसानों ने खुशी जाहिर की और सीएम के साथ खेती की समस्याएं भी सांझा की। इस दौरान सीएम ने कहा कि गांव सलारू की ग्राम सभा के सफल आयोजन को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि वे जिला के अन्य गांव में भी इस तरह के कार्यक्रम में जाएंगे और लोगों से रूबरू होकर उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे। सुबह छह बजे सलारू-टपराना रोड पर सैर करते-करते मुख्यमंत्री खेत में चल रहे एक नलकूप पर पहुंचे। किसान द्वारा खेत में उगाए गए धनिया पर बोले कि इस इलाके में किसान धनिये की अच्छी फसल लेते हैं, जो दिल्ली तक की मंडियों में जाता है। फिर पूछा कि भूमिगत जलस्तर का लेवल कहां तक पहुंच गया है, किसान ने बताया कि करीब 200 फुट तक। मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमिगत पानी के लगातार दोहन से ऐसा हुआ है। इसे कम करने के लिए सरकार प्रयास कर रही है कि किसान सूक्ष्म सिंचाई को अपनाएं, कम पानी व ज्यादा मुनाफा देने वाली फसलें उगाएं। मुख्यमंत्री ने सैर करते समय सड़क पर खड़े ग्रामीणों से राम-राम भाइयों बोले।
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गांव में सफाई अभियान चलाया
इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने इसी सड़क पर भारत माता के जयकारे के साथ सफाई अभियान में शामिल होकर सांकेतिक रूप से झाडू़ चलाकर श्रमदान किया। उनके साथ खाद्य, नागरिक एवं उपभोक्ता मामले मंत्री कर्णदेव कम्बोज, स्वच्छ भारत मिशन हरियाणा के कार्यकारी उपाध्यक्ष सुभाष चन्द्र तथा गांव के सरपंच पलविन्द्र सिंह ने भी सड़क पर झाड़ू लगाकर सफाई की। मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों की स्वच्छता रैली को हरी झंडी दिखाई और उन्हें समझाते हुए बोले स्वच्छता को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। घर, गली या सार्वजनिक जगह पर कोई गंदगी दिखाई दे, तो उसे साफ करें। रैपर या केले के छिलके को इधर-उधर ना फेंके, बड़े ऐसा करें तो उन्हें समझाएं। ऐसा करके बच्चे बड़ों को भी सिखा सखते हैं। वे प्रेरक और वाहक बन सकते हैं। सफाई व्यक्ति का पहला आभूषण है। उन्होंने कहा कि सफाई अभियान में शामिल होने का मकसद लोगों में स्वच्छता के प्रति रुचि पैदा करना है। हर व्यक्ति सफाई से जुड़े, अगर ऐसा करेंगे तो हमारे गांव, शहर और प्रदेश स्वच्छ होंगे।
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प्रमुखता के साथ निपटाएं ग्रामीणों की समस्याएं
मुख्यमंत्री ने मौके पर उपस्थित प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि रात्रि कार्यक्रम में लगाए गए विभागों के स्टाल पूरा दिन रखे जाएं और ग्रामीणों की समस्याएं निपटाएं। मुख्यमंत्री ने स्कूल में जा रही छात्राओं से संवाद कर उनकी क्लास पूछी और कहा अच्छे से पढ़ाई किया करो। इस दौरान अब्दुलापुर गांव की एक महिला भतेरी ने मुख्यमंत्री को अपनी व्यथा सुनाई। वास्तव में उनकी पति ईलम सिंह दिमागी रूप से अस्वस्थ दिखाई दे रहे थे, लेकिन अस्पताल की ओर से उन्हें 40 प्रतिशत विकलांगता प्रमाण पत्र दिया गया था। मुख्यमंत्री ने तुरंत संज्ञान लेते हुए सीएमओ को निर्देश दिए कि इनकी दोबारा जांच कर मेडिकल प्रमाण पत्र बनाएं, ताकि इसे दिव्यांग पेशन का लाभ मिल सके।