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भ्रष्टाचार के खिलाफ सीबीआई की तर्ज पर होगा विजिलेंस का रूख, अब कोई फंसा तो उसकी संप ति की भी होगी जांच
Updated Fri, 05 Jan 2018 12:21 AM IST
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‘भ्रष्टाचार के खिलाफ सीबीआई की तर्ज पर होगा विजिलेंस का रुख, अब कोई फंसा तो उसकी संपत्ति की भी होगी जांच’
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदेश का विजिलेंस विभाग रुख बदल रहा है। अब विजिलेंस गवाह पर नहीं बल्कि डॉक्यूमेंट बेस्ड होने जा रही है। शिकायतकर्ता के मुकरने के बाद भी अब भ्रष्टाचारियों का पीछा छुटने वाला नहीं है। इसके साथ ही सीबीआई की तर्ज पर अब जो भी कर्मचारी और अधिकारी क्रप्शन एक्ट के तहत पकड़ा गया, उसकी जांच केवल उसी केस तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उसकी संपत्ति की भी जांच की जाएगी कि आखिर इतनी संपत्ति आई कहां से। इतना ही नहीं सीबीआई की तर्ज पर ही भ्रष्टाचारियों को सजा दिलाने का औसत प्रतिशत 50 से बढ़ाकर 70 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य है। यह जानकारी विजिलेंस डीजीपी पीआर देव ने दी।
वे वीरवार को सेक्टर-आठ में खोले गए विजिलेंस थाने के उद्घाटन के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। डीजीपी ने बताया कि हरियाणा में पुलिस रेंज के हिसाब से विजिलेंस थाने खोले गए हैं। फरीदाबाद समेत प्रदेश में सात थाने खोले जा चुके हैं। इससे पहले करनाल पुलिस को केस दर्ज कराने के लिए रोहतक थाने में जाना पड़ता था, लेकिन अब यहां पर एसपी समेत पूरा स्टाफ होगा। इससे भ्रष्टाचारियों पर नकेल कसने में भी मदद मिलेगी। इस थाने से करनाल समेत पानीपत, जींद जिले को भी जोड़ा गया है।
एक सवाल के जवाब में डीजीपी विजिलेंस ने माना कि दुर्भाग्य से विजिलेंस का भ्रष्टाचारियों का सजा दिलाने का औसत कम है, इसे बढ़ाने के प्रयास किये जा रहे हैं। इसके साथ ही विजिलेंस केवल उन्हीं कर्मचारियों व अधिकारियों पर केस नहीं चलाएगी, जो पैसे लेते पकड़े गए हैं, अगर इसमें किसी बड़े अधिकारी की मिलीभगत पाई गई तो उसे भी नहीं बख्शा जाएगा। इसके अलावा, जो लोग दलालों के माध्यम से पैसे लेते हैं, उन पर भी विभाग की पैनी नजर है।
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विभागों के भ्रष्ट अधिकारियों, कर्मचारियों की लिस्ट की जा रही है तैयार
बातचीत के दौरान डीजीपी विजिलेंस पीआर देव ने खुलासा किया कि विभाग पूरी तरह से अलर्ट है। अलग-अलग विभागों में बैठे भ्रष्ट अधिकारियों व कर्मचारियों की लिस्ट तैयार की जा रही है, जो प्रदेश सरकार को सौंपी जाएगी। साथ ही उसके हिसाब से ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने माना कि कई विभागों में कई अधिकारी व कर्मचारी के भ्रष्टाचार में लिफ्ट होने की लगातार शिकायतें आ रही हैं। ऐसे लोगों का रिकार्ड तैयार किया जा रहा है। डीजीपी ने यह भी कहा कि लोगों को भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूक किया जाएगा और उन्हें जागरूक किया जाएगा कि वे रिश्वत न दें और कोई मांगता है तो उसकी शिकायत तुरंत विजिलेंस को करें।
डीएसपी श्याम लाल संभालेंगे थाने की कमान
इस थाने में दो डीएसपी को तैनात किया जाएगा और एक एसपी को प्रभारी बनाया जाएगा। अभी फिलहाल इस थाने की जिम्मेदारी डीएसपी श्यामलाल शर्मा को दी गई है। डीजीपी विजिलेंस ने यह भी बताया कि उनका विभाग भ्रष्टाचारियों पर लगाम कसने के साथ-साथ, जो शिकायत देकर जाएगा उसकी जांच की जाएगी। अगर कोई शिकायत देकर मुकरता है तो उनके खिलाफ भी एक्शन लिया जाएगा। इस मौके पर आईजी सुभाष यादव, एसपी जेएस रंधावा समेत कई पुलिस अधिकारी, कर्मचारी मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदेश का विजिलेंस विभाग रुख बदल रहा है। अब विजिलेंस गवाह पर नहीं बल्कि डॉक्यूमेंट बेस्ड होने जा रही है। शिकायतकर्ता के मुकरने के बाद भी अब भ्रष्टाचारियों का पीछा छुटने वाला नहीं है। इसके साथ ही सीबीआई की तर्ज पर अब जो भी कर्मचारी और अधिकारी क्रप्शन एक्ट के तहत पकड़ा गया, उसकी जांच केवल उसी केस तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उसकी संपत्ति की भी जांच की जाएगी कि आखिर इतनी संपत्ति आई कहां से। इतना ही नहीं सीबीआई की तर्ज पर ही भ्रष्टाचारियों को सजा दिलाने का औसत प्रतिशत 50 से बढ़ाकर 70 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य है। यह जानकारी विजिलेंस डीजीपी पीआर देव ने दी।
वे वीरवार को सेक्टर-आठ में खोले गए विजिलेंस थाने के उद्घाटन के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। डीजीपी ने बताया कि हरियाणा में पुलिस रेंज के हिसाब से विजिलेंस थाने खोले गए हैं। फरीदाबाद समेत प्रदेश में सात थाने खोले जा चुके हैं। इससे पहले करनाल पुलिस को केस दर्ज कराने के लिए रोहतक थाने में जाना पड़ता था, लेकिन अब यहां पर एसपी समेत पूरा स्टाफ होगा। इससे भ्रष्टाचारियों पर नकेल कसने में भी मदद मिलेगी। इस थाने से करनाल समेत पानीपत, जींद जिले को भी जोड़ा गया है।
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एक सवाल के जवाब में डीजीपी विजिलेंस ने माना कि दुर्भाग्य से विजिलेंस का भ्रष्टाचारियों का सजा दिलाने का औसत कम है, इसे बढ़ाने के प्रयास किये जा रहे हैं। इसके साथ ही विजिलेंस केवल उन्हीं कर्मचारियों व अधिकारियों पर केस नहीं चलाएगी, जो पैसे लेते पकड़े गए हैं, अगर इसमें किसी बड़े अधिकारी की मिलीभगत पाई गई तो उसे भी नहीं बख्शा जाएगा। इसके अलावा, जो लोग दलालों के माध्यम से पैसे लेते हैं, उन पर भी विभाग की पैनी नजर है।
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विभागों के भ्रष्ट अधिकारियों, कर्मचारियों की लिस्ट की जा रही है तैयार
बातचीत के दौरान डीजीपी विजिलेंस पीआर देव ने खुलासा किया कि विभाग पूरी तरह से अलर्ट है। अलग-अलग विभागों में बैठे भ्रष्ट अधिकारियों व कर्मचारियों की लिस्ट तैयार की जा रही है, जो प्रदेश सरकार को सौंपी जाएगी। साथ ही उसके हिसाब से ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने माना कि कई विभागों में कई अधिकारी व कर्मचारी के भ्रष्टाचार में लिफ्ट होने की लगातार शिकायतें आ रही हैं। ऐसे लोगों का रिकार्ड तैयार किया जा रहा है। डीजीपी ने यह भी कहा कि लोगों को भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूक किया जाएगा और उन्हें जागरूक किया जाएगा कि वे रिश्वत न दें और कोई मांगता है तो उसकी शिकायत तुरंत विजिलेंस को करें।
डीएसपी श्याम लाल संभालेंगे थाने की कमान
इस थाने में दो डीएसपी को तैनात किया जाएगा और एक एसपी को प्रभारी बनाया जाएगा। अभी फिलहाल इस थाने की जिम्मेदारी डीएसपी श्यामलाल शर्मा को दी गई है। डीजीपी विजिलेंस ने यह भी बताया कि उनका विभाग भ्रष्टाचारियों पर लगाम कसने के साथ-साथ, जो शिकायत देकर जाएगा उसकी जांच की जाएगी। अगर कोई शिकायत देकर मुकरता है तो उनके खिलाफ भी एक्शन लिया जाएगा। इस मौके पर आईजी सुभाष यादव, एसपी जेएस रंधावा समेत कई पुलिस अधिकारी, कर्मचारी मौजूद रहे।