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Karnal News: पराली जलाने में आई 65 प्रतिशत की कमी
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के अध्यक्ष एमएम कुट्टी ने शुक्रवार को पराली प्रबंधक को लेकर प्रदेश के विभिन्न उपायुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की। जिसमें उपायुक्त अनीश यादव ने जिले की स्थिति बताते हुए कहा कि करनाल में पिछले साल 65 प्रतिशत से अधिक पराली जलाने में कमी लाई गई है। सभी 435 गांवों में कमेटियों का गठन किया गया है।
उन्होंने बताया कि जिला में 4 लाख 25 हजार एकड़ जमीन में 7 लाख 65 हजार मीट्रिक टन फसल अवशेष प्राप्त होता है। करनाल जिला से दो लाख मीट्रिक टन पराली की गाठें आईओसीएल की पानीपत रिफाइनरी को सप्लाई की जाएंगी जबकि पानीपत जिला से 14 हजार मीट्रिक टन गांठों की आपूर्ति होगी। उपायुक्त ने बताया कि इन-सीटू(फसल अवशेष को खेतों में मिलाना) के लिये जिला में 75 सौ मशीनें उपलब्ध हैं। एक्स सीटू प्रबंधन के लिये 300 बेलर भी उपलब्ध हैं। इनसे करीब एक लाख 80 हजार एकड़ में फसल अवशेष का प्रबंधन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इन-सीटू और एक्स-सीटू अपनाने वाले किसानों को प्रति एकड़ एक हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसमें लिये संबंधित किसान को जीपीएस के साथ खेत की फोटो लेकर पोर्टल www.agriharyana.gov.in पर आवेदन करना होगा। बैठक में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी शैलेंद्र अरोड़ा, कृषि विभाग के डा आदित्य डबास, डा कमल बेनिवाल, जेई अनिल कुमार ने भी भाग लिया।
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करनाल। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के अध्यक्ष एमएम कुट्टी ने शुक्रवार को पराली प्रबंधक को लेकर प्रदेश के विभिन्न उपायुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की। जिसमें उपायुक्त अनीश यादव ने जिले की स्थिति बताते हुए कहा कि करनाल में पिछले साल 65 प्रतिशत से अधिक पराली जलाने में कमी लाई गई है। सभी 435 गांवों में कमेटियों का गठन किया गया है।
उन्होंने बताया कि जिला में 4 लाख 25 हजार एकड़ जमीन में 7 लाख 65 हजार मीट्रिक टन फसल अवशेष प्राप्त होता है। करनाल जिला से दो लाख मीट्रिक टन पराली की गाठें आईओसीएल की पानीपत रिफाइनरी को सप्लाई की जाएंगी जबकि पानीपत जिला से 14 हजार मीट्रिक टन गांठों की आपूर्ति होगी। उपायुक्त ने बताया कि इन-सीटू(फसल अवशेष को खेतों में मिलाना) के लिये जिला में 75 सौ मशीनें उपलब्ध हैं। एक्स सीटू प्रबंधन के लिये 300 बेलर भी उपलब्ध हैं। इनसे करीब एक लाख 80 हजार एकड़ में फसल अवशेष का प्रबंधन किया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि इन-सीटू और एक्स-सीटू अपनाने वाले किसानों को प्रति एकड़ एक हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसमें लिये संबंधित किसान को जीपीएस के साथ खेत की फोटो लेकर पोर्टल www.agriharyana.gov.in पर आवेदन करना होगा। बैठक में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी शैलेंद्र अरोड़ा, कृषि विभाग के डा आदित्य डबास, डा कमल बेनिवाल, जेई अनिल कुमार ने भी भाग लिया।
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