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मेडिकल कालेज 6 डाक्टरों ने किया ज्वाइन, 9 और 20 जनवरी तक आएंगे

Updated Tue, 16 Jan 2018 12:36 AM IST
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मेडिकल कॉलेज में छह डाक्टरों ने किया ज्वॉइन, 20 तक नौ और आएंगे
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज को 15 और डॉक्टर मिलने वाले हैं, इनमें से छह डाक्टरों ने सोमवार को ड्यूटी ज्वाइन की। अभी नौ और डॉक्टरों को 20 जनवरी तक मेडिकल कॉलेज में ज्वाइन करना है। इन डॉक्टरों की ज्वाइनिंग के बाद मेडिकल कॉलेज में आने वाले लोगों को राहत की उम्मीद बंधी है। क्योंकि अभी मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की भारी कमी है, क्योंकि डेपुटेशन पर आए सिविल अस्पताल के 15 डॉक्टर वापस सिविल अस्पताल में चले गए हैं। इस कारण डॉक्टर के कमरे के बाहर मरीजों की लंबी लाइन लगी रहती हैं। बता दें कि मेडिकल कॉलेज द्वारा 37 पदों पर डॉक्टरों की भर्ती करनी थी। इनमें से कई पोस्ट पर कोर्ट से स्टे हो गया तो कई पदों पर डॉक्टर इंटरव्यू देने ही नहीं आए। इसलिए 37 में से 15 डॉक्टरों का ही इंटरव्यू हुआ, जिनके सरकार द्वारा ज्वाइनिंग लेटर जारी हो चुके हैं।

इन विभागों के आने है डॉक्टर
फार्माकोलॉजी - 3
कम्यूनिटी मेडिसिन - 2
चाइल्ड स्पेशलिस्ट - 1
पल्मोनरी मेडिसिन (फेफड़ों का डॉक्टर) - 1
पैथोलॉजी - 2
रेडियोलॉजिस्ट - 2
जनरल सर्जरी - 2
डर्मेटोलॉजी - 1
फोरेंसिक मेडिसिन - 1

लाइन में लगे रहते हैं मरीज
मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की कमी के चलते मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ओपीडी के बाहर मरीजों की लाइन लगी रहती है। इनमें कई मरीज ऐसे होते हैं जो दर्द से तड़पते रहते हैं, लेकिन लाइन के कारण जब तक उस मरीज का नंबर नहीं आता तब तक वह डॉक्टर से चेकअप नहीं करा सकता। वह दर्द में भी अपना नंबर आने का इंतजार करता है। इस समय मेडिकल कालेज की ओपीडी 2200 के करीब है।


लोगों को जागरूक करने के लिए भी आएंगे डाक्टर
मेडिकल कॉलेज में दो कम्युनिटी मेडिसिन के दो डॉक्टर आएंगे, जो मौसम के अनुसार फैलने वाली बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक करेंगे। ये डॉक्टर लोगों को बताएंगे कि वह बीमारी से कैसे बच सकते हैं और किस तरह बीमारी फैलती है। इस तरह मरीजों को बीमार होने से बचाने के लिए जागरूक भी करेंगे।

रेडियोलॉजिस्ट भी करेंगे ज्वॉइन
मेडिकल कॉलेज में फिलहाल रेडियोलॉजिस्ट की कमी है, जिसका मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। फिलहाल मेडिकल कॉलेज में एक रेडियोलॉजिस्ट है और एक सिविल अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट है। इस कारण गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड के लिए रात भर मेडिकल कॉलेज में ही सोना पड़ता है, ताकि सुबह अल्ट्रासाउंड के लिए नंबर लग सके। कालेज की सबसे बड़ी परेशानी ही यह विभाग है, क्योंकि यहां पर टेस्ट के लिए महिलाओं की लाइनें लगी रहती हैं।


फिलहाल ये हैं समस्याएं
मरीजों को चेकअप के लिए लगना पड़ता है लाइन में
डॉक्टर मरीज को नहीं दे पाते समय, अच्छे नहीं हो पाता चेकअप
गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड के लिए रात को ही सोना पड़ता है मेडिकल कॉलेज में
इमरजेंसी में मरीजों को किया जाता है रेफर
ब्लड टेस्ट की तीन दिन में मिलती है रिपोर्ट

मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की कमी है। विभिन्न विभागों के 15 डॉक्टरों का इंटरव्यू हो चुका है, जिनके ज्वाइनिंग लेटर भी आ चुके हैं। फिलहाल छह डॉक्टरों ने ज्वाइन कर लिया है। बाकी डॉक्टरों को 20 जनवरी तक ज्वाइन करना है। इन डॉक्टरों के आने पर मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आएगी।- डॉ. मुनीष परूथी, डीएमएस, कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज।
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