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Karnal News: नई शिक्षा नीति से रूबरू हुए प्रदेश के 500 एबीआरसी और बीआरपी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 08 Sep 2023 03:16 AM IST
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500 ABRC and BRP of the state came face to face with the new education policy
नई शिक्षा नीति से रूबरू हुए प्रदेश के 500 एबीआरसी और बीआरसी
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निपुण हरियाणा मिशन के तहत चल रही राज्यस्तरीय कार्यशाला संपन्न
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। निपुण हरियाणा मिशन के तहत आयोजित राज्यस्तरीय कार्यशाला वीरवार को सम्पन्न हुई। तीन बैचों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में 22 जिलों के लगभग 500 एबीआरसी व बीआरपी ने ट्रेनिंग प्राप्त की। कार्यशाला में निदेशालय से आए एफएलएन प्रभारी रितेश कुमार के नेतृत्व में लैंग्वेज लर्निंग फाउंडेशन के विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया। साथ ही प्रतिभागियों को नई शिक्षा नीति की जानकारी दी।
सेक्टर तीन के एमएस मोंटेसरी स्कूल में आयोजित समापन समारोह में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी विनोद कौशिक व बीईओ थानेसर इंदु कौशिक ने प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए और प्रशिक्षणार्थियों के अनुभवों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 में शिक्षा के ढांचे में बड़ा बदलाव किया गया है और सरकारी स्कूलों में भी प्री प्राइमरी कक्षाएं प्रारंभ की गई हैं, जिसे बालवाटिका नाम दिया गया है। नई शिक्षा नीति में 10+2 के स्थान पर 5+3+3+4 का प्रावधान किया गया है। नए प्रावधानों के अनुसार, तीन से आठ साल तक के बच्चों के लिए फाउंडेशन स्टेज की बात कही गई है। इसमें दो साल आंगनबाड़ी के होंगे। इसके बाद एक साल बालवाटिका का और फिर पहली और दूसरी कक्षा होगी। यह तीनों कक्षाएं स्कूल में संचालित होंगी। इसके अंतर्गत बच्चों को खेल-खिलौनों से संबंधित गतिविधियों की सहायता से शिक्षा दी जाएगी।
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विनोद कौशिक ने बालवाटिका हेतु निपुण हरियाणा मिशन द्वारा आयोजित कार्यशाला के तीन चरणों में लगभग 500 से अधिक एबीआरसी व बीआरपी तथा अध्यापक को प्रशिक्षण दिया है। उन्होंने बताया कि कार्यशाला के तहत प्रथम बैच की ट्रेनिंग 10 अगस्त से शुरू हुई थी तथा आज अंतिम बैच की ट्रेनिंग सम्पन्न हुई है। प्रशिक्षण के लिए विस्तृत रणनीति बनाई गई थी तथा प्रतिदिन चार सत्रों में बालवाटिका के अलग-अलग पहलू व शिक्षण तकनीक पर विस्तृत चर्चा की गईं। सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण मोड्यूल उपलब्ध करवाए गए थे। प्रतिभागियों ने अनेक शिक्षण रणनीतियां व सहायक सामग्रियों के निर्माण की भी ट्रेनिंग ली और खेल खेल में पढ़ाने के अनेक तरीके खोजे।
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इस दौरान एमएस मोंटेसरी स्कूल के डायरेक्टर अंशुमन, प्राचार्य ममता चौधरी, एफएलएन कोऑर्डिनेटर डॉ. आशुतोष, संजय कौशिक, प्यारेलाल शर्मा, अनिल कपूर, सुदर्शन कुमार, अमित, पुष्पेंद्र अत्रि, प्रमोद, डॉ. राम मेहर अत्रि आदि मौजूद थे।
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