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जीपीएस माध्यम से होगी निर्मल कुटिया के रास्ते की निशानदेही
Updated Fri, 25 May 2018 01:00 AM IST
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जीपीएस माध्यम से होगी निर्मल कुटिया के रास्ते की निशानदेही
अमर उजाला ब्यूरो
तरावड़ी। तरावड़ी की निर्मल कुटिया को गिराए जाने के मामले को लेकर करनाल की एक अदालत ने उस फैसले पर रोक लगा दी है, जिस पर प्रशासन को निर्मल कुटिया की दीवार गिराए जाने के निर्देश दिए थे। न्यायाधीश ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि निर्मल कुटिया के रास्ते की फिर से निशानदेही करवाई जाएं। यह निशानदेही अब जीपीएस सिस्टम के माध्यम से होगी। इस मामले में गांव लल्याणी की पंचायत ने आज ही सीनियर डिवीजन अतिरिक्त सिविल जज शिखा की अदालत ने याचिका दायर की थी। अदालत ने आज ही उस याचिका पर सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों को अदालत में बुला लिया। पंचायत की ओर से बहस कर रहे वकील ने अदालत में कहा कि यदि आज ही इस मामले की सुनवाई नहीं हुई तो प्रशासन कल ही दीवार को तोड़ देगा। बता दें कि निर्मल कुटिया की दीवार गिराने को लेकर नीलोखेड़ी तहसील के अधिकारी ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करवाने के लिए आज ही डीसी कार्यालय पहुंच गए थे, ताकि शुक्रवार को पुलिस फोर्स लेकर ड्यूटी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में निर्मल कुटिया की दीवार को गिराया जा सके। अदालत ने मामले की गंभीरता को समझते हुए 29 मई तक के लिए किसी भी कार्रवाई करने को लेकर रोक लगा दी है।
बता दें कि निर्मल कुटिया गांव लल्याणी की हद में आती है, इसलिए पंचायत ने अदालत के समक्ष कहा कि जब पैमाइश की जा रही थी तो पंचायत को नहीं बुलाया गया था। क्योंकि यह तरावड़ी और लल्याणी की हद में पड़ती है। काबिले जिक्र है कि जिस दीवार को गिराने के आदेश दिए गए थे। वहां गुरुघर बना हुआ है। जो काफी वर्षों पुराना है।
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अमर उजाला ब्यूरो
तरावड़ी। तरावड़ी की निर्मल कुटिया को गिराए जाने के मामले को लेकर करनाल की एक अदालत ने उस फैसले पर रोक लगा दी है, जिस पर प्रशासन को निर्मल कुटिया की दीवार गिराए जाने के निर्देश दिए थे। न्यायाधीश ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि निर्मल कुटिया के रास्ते की फिर से निशानदेही करवाई जाएं। यह निशानदेही अब जीपीएस सिस्टम के माध्यम से होगी। इस मामले में गांव लल्याणी की पंचायत ने आज ही सीनियर डिवीजन अतिरिक्त सिविल जज शिखा की अदालत ने याचिका दायर की थी। अदालत ने आज ही उस याचिका पर सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों को अदालत में बुला लिया। पंचायत की ओर से बहस कर रहे वकील ने अदालत में कहा कि यदि आज ही इस मामले की सुनवाई नहीं हुई तो प्रशासन कल ही दीवार को तोड़ देगा। बता दें कि निर्मल कुटिया की दीवार गिराने को लेकर नीलोखेड़ी तहसील के अधिकारी ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करवाने के लिए आज ही डीसी कार्यालय पहुंच गए थे, ताकि शुक्रवार को पुलिस फोर्स लेकर ड्यूटी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में निर्मल कुटिया की दीवार को गिराया जा सके। अदालत ने मामले की गंभीरता को समझते हुए 29 मई तक के लिए किसी भी कार्रवाई करने को लेकर रोक लगा दी है।
बता दें कि निर्मल कुटिया गांव लल्याणी की हद में आती है, इसलिए पंचायत ने अदालत के समक्ष कहा कि जब पैमाइश की जा रही थी तो पंचायत को नहीं बुलाया गया था। क्योंकि यह तरावड़ी और लल्याणी की हद में पड़ती है। काबिले जिक्र है कि जिस दीवार को गिराने के आदेश दिए गए थे। वहां गुरुघर बना हुआ है। जो काफी वर्षों पुराना है।
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