{"_id":"596273424f1c1b6c4e8b4700","slug":"41499624258-karnal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कमजोर पड़ा मानसून, 12 जुलाई के बाद आने की उम्मीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कमजोर पड़ा मानसून, 12 जुलाई के बाद आने की उम्मीद
Updated Sun, 09 Jul 2017 11:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कमजोर पड़ा मानसून, 12 जुलाई के बाद आने की उम्मीद
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। जुलाई का महीना शुरू होकर नौ दिन बीत चुका, लेकिन बारिश अभी तक गायब है। मौसम विभाग के पूर्व घोषित अनुमान के अनुसार 28 जून तक प्रदेश में दस्तक देने वाला मानसून अब तक नहीं पहुंच पाया है। सुबह बादल छाते हैं, कुछ आस बंधती है कि बारिश होगी, लेकिन कुछ ही देर बाद आसमान साफ हो जाता है। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल मानूसन कमजोर पड़ चुका है, जिसके 12 जुलाई के बाद सक्रिय होने के उम्मीद है। हालांकि भारतीय मौसम विभाग मानसून की स्थिति को लेकर आगामी घोषणा 11-12 जुलाई को कर सकता है। वहीं मानसून न आने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। मानसून की यह लेट-लतीफी हवा का दबाव कम होने के कारण हो रहा है। अभी तक तेजी से आगे बढ़ रहा मानसून अब स्थिर हो गया है। सीएसएसआरआई के मौसम वैज्ञानिक डॉ देवेंद्र बुंदेला ने बताया कि अरब सागर और बांगाली की खाड़ी में मानसून का जो सिस्टम बनता है, वह नहीं बन पा रहा। जिसके कारण मानसून को आगे बढ़ने के लिए पीछे से दबाव नहीं मिल पा रहा और वह स्थिर हो गया है। डॉ बुंदेला ने 11 और 12 जुलाई को बारिश की उम्मीद जताते हुए कहा कि अगर इस दिन तेज बारिश होती है तो इसे मानसूनी बारिश माना जाएगी, वहीं हल्की बारिश होने पर इस प्री-मानसून की बारिश कहा जाएगा। हालांकि प्रदेश के कुछ जिलों में इसके पहले भी हल्की बारिश हो सकती है। वहीं बारिश न होने के कारण अब किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। क्योंकि खेतों में भरा पानी सुख गया है, अगर जल्द इन्हें पानी नहीं मिला तो फसल सूखने लगेगी।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। जुलाई का महीना शुरू होकर नौ दिन बीत चुका, लेकिन बारिश अभी तक गायब है। मौसम विभाग के पूर्व घोषित अनुमान के अनुसार 28 जून तक प्रदेश में दस्तक देने वाला मानसून अब तक नहीं पहुंच पाया है। सुबह बादल छाते हैं, कुछ आस बंधती है कि बारिश होगी, लेकिन कुछ ही देर बाद आसमान साफ हो जाता है। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल मानूसन कमजोर पड़ चुका है, जिसके 12 जुलाई के बाद सक्रिय होने के उम्मीद है। हालांकि भारतीय मौसम विभाग मानसून की स्थिति को लेकर आगामी घोषणा 11-12 जुलाई को कर सकता है। वहीं मानसून न आने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। मानसून की यह लेट-लतीफी हवा का दबाव कम होने के कारण हो रहा है। अभी तक तेजी से आगे बढ़ रहा मानसून अब स्थिर हो गया है। सीएसएसआरआई के मौसम वैज्ञानिक डॉ देवेंद्र बुंदेला ने बताया कि अरब सागर और बांगाली की खाड़ी में मानसून का जो सिस्टम बनता है, वह नहीं बन पा रहा। जिसके कारण मानसून को आगे बढ़ने के लिए पीछे से दबाव नहीं मिल पा रहा और वह स्थिर हो गया है। डॉ बुंदेला ने 11 और 12 जुलाई को बारिश की उम्मीद जताते हुए कहा कि अगर इस दिन तेज बारिश होती है तो इसे मानसूनी बारिश माना जाएगी, वहीं हल्की बारिश होने पर इस प्री-मानसून की बारिश कहा जाएगा। हालांकि प्रदेश के कुछ जिलों में इसके पहले भी हल्की बारिश हो सकती है। वहीं बारिश न होने के कारण अब किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। क्योंकि खेतों में भरा पानी सुख गया है, अगर जल्द इन्हें पानी नहीं मिला तो फसल सूखने लगेगी।