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इंटरनेट बैंकिंग बंद होने से दो दिन में 40 करोड़ का झटका
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करनाल। किसान आंदोलन को लेकर पुलिस प्रशासनिक इंतजामों और किसान संगठनों के एलान के बाद बने माहौल का प्रभाव उद्योग जगत और बाजारों पर भी दिख रहा है। सर्वाधिक प्रभाव इंटरनेट सेवाएं बंद होने और बाहरी ग्राहकों के शहर में नहीं आने से पड़ रहा है। एक अनुमान के मुताबिक, इन दो दिनों में करीब 40 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है। कारोबारी हो या व्यापारी इंटरनेट बैंकिंग से भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। वाहनों की बिक्री की प्रक्रिया ठहर-सी गई है। कारोबारी व व्यापारियों ने मांग की है कि किसानों के साथ बातचीत के जरिये शीघ्र समस्या का समाधान निकाला जाना चाहिए।
किसान आंदोलन के चलते तीन दिनों से जिले में इंटरनेट सेवाएं बाधित हैं। इसके कारण इंटरनेट बैंकिंग ठप है। करनाल फार्मा, कृषि उपकरण के हब होने के साथ साथ व्यापारिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण है। जिला प्रशासन ने अफवाहों को रोकने के नाम पर छह सितंबर को ही इंटरनेट सेवाएं बंद करा दी थी, जो आठ सितंबर को भी सुचारू नहीं हो सकीं।
उधर, शहर से जीटी रोड व अनाज मंडी की ओर जाने आने वाले रास्तों पर किसानों को रोकने के लिए बड़ी संख्या में अवरोध लगाए गए। जगह-जगह पुलिस तैनात की थी, हालांकि मंगलवार की रात से आवाजाही के अवरोध हट चुके हैं लेकिन बाहरी इलाकों में माहौल तनावपूर्ण सा है। इसके कारण दूरदराज से आने वाले मजदूर स्थानीय कारखानों में बहुत कम आ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से लोगों का आवागमन कम होने से शहरी बाजारों की रौनक गायब हो गई है।
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-करनाल में फार्मा, कृषि यंत्र सहित कई तरह की औद्योगिक इकाइयां हैं। आजकल अधिकतर लेनदेन इंटरनेट बैंकिंग से ही हो रहा है। तीन दिनों से नेट सेवाएं बंद हो जाने से भुगतान नहीं किया जा रहा है। सबसे बड़ी बात है कि करनाल में जिस तरह का माहौल बन गया है, उससे बाहरी क्षेत्रों से बड़े ग्राहक नहीं आ रहे हैं। जिससे करोड़ो का हर रोज नुकसान हो रहा है।
आरएल शर्मा , चेयरमैन हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री करनाल।
-लॉकडाउन से जैसे तैसे इंडस्ट्री उबर पाई है, अब रोज रोज कोई न कोई अवरोध पैदा हो रहा है। पहले से दिल्ली में करनाल आने में करीब पांच घंटे का समय लगने लगा है। बाहरी श्रमिक माहौल की आड़ लेकर आना नहीं चाहते हैं। आधी लेबर पर इंडस्ट्री को चलाना पड़ रहा है। जिले में 40 एलोपैथिक व 60 हर्बल व फूड औद्योगिक इकाइयां हैं। भुगतान नहीं हो पाने से हर रोज 10 से 15 करोड़ का नुकसान तो हो ही रहा है।
-विकास प्रुथी, संयुक्त सचिव हरियाणा फार्मा.मैन्यु.एसोसिएशन हरियाणा।
-बाइक हो या फिर अन्य वाहन जब उसे बेचा जाता है, जो एजेंसी संचालक को ऑनलाइन भुगतान कंपनी को भेजना होता, तभी आरसी जारी होती है। आरसी नहीं जाने से वाहनों की बिक्री प्रभावित हो रही है। साथ कृषि यंत्र इंडस्ट्री पर भी हर रोज 15 से 20 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो रहा है। जितनी जल्दी हो सके, उतनी जल्दी किसानों की समस्याओं का समाधान करके स्थिति को सामान्य बनाया जाना चाहिए।
-रविंद्र ढ़ल, प्रधान-करनाल एग्रीकल्चर इंप्लीमेंट्स मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन करनाल। (फोटो-1002)
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-लाठीचार्ज, महापंचायत, घेराव आदि से जो माहौल बना है, उससे बाजारों को बेहद प्रभावित किया है। बाहर का ग्राहक बाजारों को नहीं आ रहा है। बाजारों में इन दिनों रौनक भी नहीं है। हर रोज करीब 15 से 20 करोड़ रुपये तक का कारोबार प्रभावित हो रहा है। इंटरनेट बैंकिंग से भी भारी नुकसान हो रहा है। सरकार को जल्द समस्या का समाधान निकालना चाहिए।
-कृष्ण लाल तनेजा, जिला प्रधान-हरियाणा व्यापार मंडल करनाल। (फोटो-1003)
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-माहौल बिगड़ने की आशंका का सीधा प्रभाव बाजारों पर पड़ता है। इस बार भी ऐसा ही हुआ है। 28 अगस्त के बाद से जिलेभर के बाजार प्रभावित है। इंटरनेट सेवाएं बंद करने से कोई खास लाभ तो दिख नहीं रहा है। लेकिन आमजन को जरूर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सरकार को शीघ्रता से समस्या के समाधान की ओर बढ़ना चाहिए।
-हरमीत सिंह हैप्पी, महासचिव हरियाणा व्यापार मंडल करनाल। (फोटो-1004)
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किसान आंदोलन के चलते तीन दिनों से जिले में इंटरनेट सेवाएं बाधित हैं। इसके कारण इंटरनेट बैंकिंग ठप है। करनाल फार्मा, कृषि उपकरण के हब होने के साथ साथ व्यापारिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण है। जिला प्रशासन ने अफवाहों को रोकने के नाम पर छह सितंबर को ही इंटरनेट सेवाएं बंद करा दी थी, जो आठ सितंबर को भी सुचारू नहीं हो सकीं।
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उधर, शहर से जीटी रोड व अनाज मंडी की ओर जाने आने वाले रास्तों पर किसानों को रोकने के लिए बड़ी संख्या में अवरोध लगाए गए। जगह-जगह पुलिस तैनात की थी, हालांकि मंगलवार की रात से आवाजाही के अवरोध हट चुके हैं लेकिन बाहरी इलाकों में माहौल तनावपूर्ण सा है। इसके कारण दूरदराज से आने वाले मजदूर स्थानीय कारखानों में बहुत कम आ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से लोगों का आवागमन कम होने से शहरी बाजारों की रौनक गायब हो गई है।
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-करनाल में फार्मा, कृषि यंत्र सहित कई तरह की औद्योगिक इकाइयां हैं। आजकल अधिकतर लेनदेन इंटरनेट बैंकिंग से ही हो रहा है। तीन दिनों से नेट सेवाएं बंद हो जाने से भुगतान नहीं किया जा रहा है। सबसे बड़ी बात है कि करनाल में जिस तरह का माहौल बन गया है, उससे बाहरी क्षेत्रों से बड़े ग्राहक नहीं आ रहे हैं। जिससे करोड़ो का हर रोज नुकसान हो रहा है।
आरएल शर्मा , चेयरमैन हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री करनाल।
-लॉकडाउन से जैसे तैसे इंडस्ट्री उबर पाई है, अब रोज रोज कोई न कोई अवरोध पैदा हो रहा है। पहले से दिल्ली में करनाल आने में करीब पांच घंटे का समय लगने लगा है। बाहरी श्रमिक माहौल की आड़ लेकर आना नहीं चाहते हैं। आधी लेबर पर इंडस्ट्री को चलाना पड़ रहा है। जिले में 40 एलोपैथिक व 60 हर्बल व फूड औद्योगिक इकाइयां हैं। भुगतान नहीं हो पाने से हर रोज 10 से 15 करोड़ का नुकसान तो हो ही रहा है।
-विकास प्रुथी, संयुक्त सचिव हरियाणा फार्मा.मैन्यु.एसोसिएशन हरियाणा।
-बाइक हो या फिर अन्य वाहन जब उसे बेचा जाता है, जो एजेंसी संचालक को ऑनलाइन भुगतान कंपनी को भेजना होता, तभी आरसी जारी होती है। आरसी नहीं जाने से वाहनों की बिक्री प्रभावित हो रही है। साथ कृषि यंत्र इंडस्ट्री पर भी हर रोज 15 से 20 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो रहा है। जितनी जल्दी हो सके, उतनी जल्दी किसानों की समस्याओं का समाधान करके स्थिति को सामान्य बनाया जाना चाहिए।
-रविंद्र ढ़ल, प्रधान-करनाल एग्रीकल्चर इंप्लीमेंट्स मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन करनाल। (फोटो-1002)
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-लाठीचार्ज, महापंचायत, घेराव आदि से जो माहौल बना है, उससे बाजारों को बेहद प्रभावित किया है। बाहर का ग्राहक बाजारों को नहीं आ रहा है। बाजारों में इन दिनों रौनक भी नहीं है। हर रोज करीब 15 से 20 करोड़ रुपये तक का कारोबार प्रभावित हो रहा है। इंटरनेट बैंकिंग से भी भारी नुकसान हो रहा है। सरकार को जल्द समस्या का समाधान निकालना चाहिए।
-कृष्ण लाल तनेजा, जिला प्रधान-हरियाणा व्यापार मंडल करनाल। (फोटो-1003)
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-माहौल बिगड़ने की आशंका का सीधा प्रभाव बाजारों पर पड़ता है। इस बार भी ऐसा ही हुआ है। 28 अगस्त के बाद से जिलेभर के बाजार प्रभावित है। इंटरनेट सेवाएं बंद करने से कोई खास लाभ तो दिख नहीं रहा है। लेकिन आमजन को जरूर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सरकार को शीघ्रता से समस्या के समाधान की ओर बढ़ना चाहिए।
-हरमीत सिंह हैप्पी, महासचिव हरियाणा व्यापार मंडल करनाल। (फोटो-1004)
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