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एनडीआरआई में चल रहे 26वें वार्षिक सम्मेलन में विशेषज्ञों ने किया मंथन
Updated Sat, 17 Nov 2018 12:17 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान में कृषि अर्थशास्त्र अनुसंधान संघ (एईआरए) के तत्वावधान में कृषि एवं विकास के लक्ष्यों की प्राप्ति विषय पर चल रहे 26वें वार्षिक सम्मेलन के दूसरे दिन उन्मुखी तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया। प्रतिभागी विशेषज्ञों व वैज्ञानिकों ने प्राकृतिक संसाधन जलवायु परिवर्तन व जोखिम, निर्धनता, भोजन एवं पोषण की सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा, बाजार की स्थिति व मूल्य संवर्द्धन के समानांतर तकनीकी सत्रों का भरपूर लाभ उठाया। सम्मेलन में कृषि अर्थशास्त्री अंतरराष्ट्रीय संघ की अध्यक्षा डॉ. उमा लेले ने खाद्य सुरक्षा से पोषण सुरक्षा विषय पर विशेष तकनीकी सत्र को संबोधित किया। अनुसंधान सूचना प्रणाली के महानिदेशक डॉ. सचिन चतुर्वेदी ने डॉ. जीके चड्डा मेमोरियल व्याख्यान के अंतर्गत वैश्विक नीति प्रासांगिकता, उद्देश्य व नई रणनीतियां विषय पर प्रभावी व्याख्यान प्रस्तुत किया। सम्मेलन में किसानों के खेत ही हमारी प्रयोगशाला विषय के उद्देश्य व तकनीकी, प्रौद्योगिकी परिवर्तन, ग्रामीण कायाकल्प व मशीनीकरण विषयों पर तकनिकी सत्रों के आयोजन के दौरान प्रतिभागियों की शंकाओं का भी समाधान किया गया।
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करनाल। राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान में कृषि अर्थशास्त्र अनुसंधान संघ (एईआरए) के तत्वावधान में कृषि एवं विकास के लक्ष्यों की प्राप्ति विषय पर चल रहे 26वें वार्षिक सम्मेलन के दूसरे दिन उन्मुखी तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया। प्रतिभागी विशेषज्ञों व वैज्ञानिकों ने प्राकृतिक संसाधन जलवायु परिवर्तन व जोखिम, निर्धनता, भोजन एवं पोषण की सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा, बाजार की स्थिति व मूल्य संवर्द्धन के समानांतर तकनीकी सत्रों का भरपूर लाभ उठाया। सम्मेलन में कृषि अर्थशास्त्री अंतरराष्ट्रीय संघ की अध्यक्षा डॉ. उमा लेले ने खाद्य सुरक्षा से पोषण सुरक्षा विषय पर विशेष तकनीकी सत्र को संबोधित किया। अनुसंधान सूचना प्रणाली के महानिदेशक डॉ. सचिन चतुर्वेदी ने डॉ. जीके चड्डा मेमोरियल व्याख्यान के अंतर्गत वैश्विक नीति प्रासांगिकता, उद्देश्य व नई रणनीतियां विषय पर प्रभावी व्याख्यान प्रस्तुत किया। सम्मेलन में किसानों के खेत ही हमारी प्रयोगशाला विषय के उद्देश्य व तकनीकी, प्रौद्योगिकी परिवर्तन, ग्रामीण कायाकल्प व मशीनीकरण विषयों पर तकनिकी सत्रों के आयोजन के दौरान प्रतिभागियों की शंकाओं का भी समाधान किया गया।