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अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी पर करनाल की बेटी ने फहराया तिरंगा
Updated Tue, 23 Oct 2018 01:01 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। करनाल की बेटी महक ज्योत ने अपनी गुरु और प्रसिद्ध पर्वतारोही अनीता कुंडू के साथ सोमवार को देश का तिरंगा अफ्रीका महाद्वीप के सबसे ऊंचे पर्वत किलिमंजारो की सबसे ऊंची उहरू चोटी पर लहराकर करनाल व हरियाणा प्रदेश का सर गर्व से ऊंचा कर दिया। सैंट थेरेसा कान्वेंट स्कूल की बारहवीं कक्षा की विद्यार्थी व निफा अध्यक्ष प्रितपाल सिंह पन्नू की बेटी ने मात्र 17 वर्ष की आयु में इस जोखिम भरे मिशन को सफलता पूर्वक संपन्न कर या साबित कर दिया है कि अगर बेटियां सब कुछ कर सकती हैं।
बता दें कि गत 15 अक्तूबर से तंजानिया के किलिमंजारो पर्वत को साधने निकली अनीता कुंडू ने तंजानिया के समय के अनुसार सुबह 6:40 पर तिरंगा लहराया, जबकि महक ज्योत ने तंजानिया समय के अनुसार सुबह 7 बजे (जो भारतीय समय से 2.5 घंटे पीछे है) 5895 मीटर यानि 19341 फीट की ऊंचाई पर किलिमंजारो की उहरू पर्वत चोटी पर देश का तिरंगा लहराया व राष्ट्रगान के साथ देश के झंडे को सलामी दी। अनीता कुंडू व महक ज्योत ने बताया कि पिछले तीन दिन से किलिमंजारो पर तेज हवाएं चल रही थीं व कल रात को हड्डियों को सुन्न करने वाला तेज बर्फीला तूफान था, जो उनके क़दमों को रोक रहा था, इस समय उहुरू पीक पर टेंप्रेचर माइनस 12 डिग्री तक था, जो किसी की हिम्मत तोड़ने में सक्षम था, लेकिन देश के गौरव तिरंगे को अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी पर लहराने के जुनून व हौसले के दम पर वे आगे बढ़ती गई और इस सफलता को हासिल कर पाई। इसके बाद महक ज्योत ने अपने स्कूल सैंट थेरेसा कान्वेंट स्कूल व सामाजिक संस्था निफा के झंडे के साथ भी फोटो खिंचवाई और अपने पापा प्रितपाल सिंह पन्नू से बात कर उन्हें अपनी सफलता की जानकारी दी। महक ज्योत ने अपनी सफलता का श्रेय पर्वतारोहण में अपनी गुरु अनीता कुंडू से मिले उत्साह व गाइडेंस के साथ साथ अपने माता पिता व अपने स्कूल, प्रिंसिपल और क्लास टीचर्स को दिया, जिन्होंने 12 वीं बोर्ड परीक्षा की कक्षा होने के बावजूद उसे इस रास्ते पर आगे बढने के लिए प्रेरित किया और सफल होकर आने का आशीर्वाद दिया।
विशव की सात चोटियों पर लहराना है तिरंगा
महक ज्योत ने कहा की वाहेगुरु की कृपा व उसके दादा, दादी के आशीर्वाद से भी उसे हमेशा प्रेरणा मिली है व उसका अगला लक्ष्य विश्व की सात चोटियों पर देश कर गौरव तिरंगा लहराना है। वह 18 वर्ष की होने से पूर्व माउंट एवेरेस्ट को भी फ़तेह करना चाहती है व इसके लिए मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार है और अगले अप्रैल, मई में इस मिशन को भी अपने हौसले के दम पर पूरा करने का उसे यकीन है। इस सफलता के साथ महक ज्योत सीएम सिटी करनाल जिला से पहली ऐसी पर्वतारोही बन गई है, जिसने यह मुकाम हासिल किया है।
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स्कूल में मनाई खुशी
महक के उहरू पीक पर तिरंगा लहराने की खबर मिली तो स्कूल प्रिंसिपल सिस्टर ओफिलिया ने स्पेशल अनोउसमेंट कर पूरे स्कूल को अपने स्कूल की विद्यार्थी द्वारा प्राप्त सफलता की जानकारी दी और इसे लड़कियों के सशक्तीकरण का उदाहरण बताया। महक ज्योत की सफलता पर पूरे स्कूल के अध्यापकों, विद्यार्थियों व् स्टाफ विशेष रूप से उसकी क्लास टीचर सुमनदीप एक्टिविटी इंचार्ज मीनू दुआ, सोनिया तलवार, अध्यापक रमेश चांद व क्लास के सहपाठियों में भारी उत्साह है।
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करनाल। करनाल की बेटी महक ज्योत ने अपनी गुरु और प्रसिद्ध पर्वतारोही अनीता कुंडू के साथ सोमवार को देश का तिरंगा अफ्रीका महाद्वीप के सबसे ऊंचे पर्वत किलिमंजारो की सबसे ऊंची उहरू चोटी पर लहराकर करनाल व हरियाणा प्रदेश का सर गर्व से ऊंचा कर दिया। सैंट थेरेसा कान्वेंट स्कूल की बारहवीं कक्षा की विद्यार्थी व निफा अध्यक्ष प्रितपाल सिंह पन्नू की बेटी ने मात्र 17 वर्ष की आयु में इस जोखिम भरे मिशन को सफलता पूर्वक संपन्न कर या साबित कर दिया है कि अगर बेटियां सब कुछ कर सकती हैं।
बता दें कि गत 15 अक्तूबर से तंजानिया के किलिमंजारो पर्वत को साधने निकली अनीता कुंडू ने तंजानिया के समय के अनुसार सुबह 6:40 पर तिरंगा लहराया, जबकि महक ज्योत ने तंजानिया समय के अनुसार सुबह 7 बजे (जो भारतीय समय से 2.5 घंटे पीछे है) 5895 मीटर यानि 19341 फीट की ऊंचाई पर किलिमंजारो की उहरू पर्वत चोटी पर देश का तिरंगा लहराया व राष्ट्रगान के साथ देश के झंडे को सलामी दी। अनीता कुंडू व महक ज्योत ने बताया कि पिछले तीन दिन से किलिमंजारो पर तेज हवाएं चल रही थीं व कल रात को हड्डियों को सुन्न करने वाला तेज बर्फीला तूफान था, जो उनके क़दमों को रोक रहा था, इस समय उहुरू पीक पर टेंप्रेचर माइनस 12 डिग्री तक था, जो किसी की हिम्मत तोड़ने में सक्षम था, लेकिन देश के गौरव तिरंगे को अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी पर लहराने के जुनून व हौसले के दम पर वे आगे बढ़ती गई और इस सफलता को हासिल कर पाई। इसके बाद महक ज्योत ने अपने स्कूल सैंट थेरेसा कान्वेंट स्कूल व सामाजिक संस्था निफा के झंडे के साथ भी फोटो खिंचवाई और अपने पापा प्रितपाल सिंह पन्नू से बात कर उन्हें अपनी सफलता की जानकारी दी। महक ज्योत ने अपनी सफलता का श्रेय पर्वतारोहण में अपनी गुरु अनीता कुंडू से मिले उत्साह व गाइडेंस के साथ साथ अपने माता पिता व अपने स्कूल, प्रिंसिपल और क्लास टीचर्स को दिया, जिन्होंने 12 वीं बोर्ड परीक्षा की कक्षा होने के बावजूद उसे इस रास्ते पर आगे बढने के लिए प्रेरित किया और सफल होकर आने का आशीर्वाद दिया।
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विशव की सात चोटियों पर लहराना है तिरंगा
महक ज्योत ने कहा की वाहेगुरु की कृपा व उसके दादा, दादी के आशीर्वाद से भी उसे हमेशा प्रेरणा मिली है व उसका अगला लक्ष्य विश्व की सात चोटियों पर देश कर गौरव तिरंगा लहराना है। वह 18 वर्ष की होने से पूर्व माउंट एवेरेस्ट को भी फ़तेह करना चाहती है व इसके लिए मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार है और अगले अप्रैल, मई में इस मिशन को भी अपने हौसले के दम पर पूरा करने का उसे यकीन है। इस सफलता के साथ महक ज्योत सीएम सिटी करनाल जिला से पहली ऐसी पर्वतारोही बन गई है, जिसने यह मुकाम हासिल किया है।
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स्कूल में मनाई खुशी
महक के उहरू पीक पर तिरंगा लहराने की खबर मिली तो स्कूल प्रिंसिपल सिस्टर ओफिलिया ने स्पेशल अनोउसमेंट कर पूरे स्कूल को अपने स्कूल की विद्यार्थी द्वारा प्राप्त सफलता की जानकारी दी और इसे लड़कियों के सशक्तीकरण का उदाहरण बताया। महक ज्योत की सफलता पर पूरे स्कूल के अध्यापकों, विद्यार्थियों व् स्टाफ विशेष रूप से उसकी क्लास टीचर सुमनदीप एक्टिविटी इंचार्ज मीनू दुआ, सोनिया तलवार, अध्यापक रमेश चांद व क्लास के सहपाठियों में भारी उत्साह है।