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करनाल: गुरु प्रणाम सम्मान समारोह में 30 शख्सियतों और शिक्षकों को मिला सम्मान
Sun, 05 Sep 2021 02:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करनाल (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करनाल (हरियाणा)
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 05 Sep 2021 02:38 AM IST
सार
कार्यक्रम में एडीसी योगेश कुमार ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रोहताश वर्मा और जिला शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) शाहपुर के प्रिंसिपल रविंद्र चौधरी भी सम्मानित अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
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करनाल में सम्मानित शिक्षक।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
करनाल में शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर अमर उजाला की ओर से शिक्षकों के सम्मान में ‘गुरु प्रणाम’ सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। एक स्थानीय होटल में हुए समारोह में शिक्षण क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 30 शख्सियतों और शिक्षकों को ‘गुरु प्रणाम सम्मान’ से अलंकृत किया गया।
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कार्यक्रम में एडीसी योगेश कुमार ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रोहताश वर्मा और जिला शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) शाहपुर के प्रिंसिपल रविंद्र चौधरी भी सम्मानित अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
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कार्यक्रम में राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित सियाराम शास्त्री, गायत्री देवी, राधेश्याम, अनिल कुमार और नरेंद्र सहित कीर्ति गुप्ता, प्रीतपाल सिंह पन्नू, तन्नू नंदा, नन्हेड़ा स्कूल के इंचार्ज महेंद्र सिंह, उधम सिंह और, सुनील कुमार, राजकीय प्राथमिक पाठशाला भूसली के मुख्याध्यापक राजेश कुमार, राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल मॉडल टाउन के प्रिंसिपल सुनील, शिक्षिका पिंकी, मोहन सिंह, ज्योति, लोकेश, रजनी, नरेश कुमार, डीपीएस से सुनील कुमार कुशवाह, दयाल सिंह पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल सुषमा देवगन, हरियाणा मॉडर्न सीनियर सेकेंडरी स्कूल की प्रिंसिपल सविता सिंगला, हितेश सरदाना, रविकांत स्नेही, राजीव चौपड़ा, विवेक सिंह, निशा सिंह, अम्बरीश कुमार राय, प्रमोद और शुभम सिद्धर को सम्मानित किया गया।
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इन शिक्षकों को भी मिला सम्मान
पिंकी, जेबीटी, राजकीय प्राथमिक पाठशाला कैमला
इन्हें ऑनलाइन पढ़ाई के लिए यू-ट्यूब चैनल बनाने पर स्वतंत्रता दिवस समारोह पर घरौंडा के एसडीएम ने सम्मानित किया था। इससे पहले सरकार की योजना सक्षम प्लस में बेहतर कार्य करने पर शिक्षा विभाग की ओर से सम्मानित किया जा चुका है। समय के बदलाव के साथ कोरोना काल में बच्चों को कठपुतली के माध्यम से, फेस इमेजेस का प्रयोग करके और नाटक के माध्यम से पढ़ाना शुरू किया।
मोहन सिंह, पीजीटी भूगोल, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कैमला
पिछले 19 साल से इनका बोर्ड परीक्षा का परिणाम शत प्रतिशत है। इसके लिए वे बच्चों की रोजाना अतिरिक्त कक्षाएं भी लेते हैं। कोरोना काल में कोविड हेल्थ सर्वे में प्रशासन की ओर से इनकी ड्यूटी लगाई गई थी, जिसे इन्होंने अच्छे ढंग से निभाया।
ज्योति रानी, जेबीटी, राजकीय प्राथमिक पाठशाला कोहंड
कोरोना काल में इन्होंने अलग अलग विषयों पर कई वीडियो लेक्चर तैयार किए। इस साल इनकी कई वीडियो प्रदेश शिक्षा विभाग की अवसर एप और ई-विद्यालय पर भी चलाए गए। वर्ष 2020-21 में इनके शैक्षणिक वीडियो सरकार के घर से पढ़ाओ अभियान के तहत चुने गए।
रजनी वर्मा, होम साइंस पीजीटी, राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल करनाल
- जिला शिक्षा विभाग द्वारा बच्चों के लिए न्यूट्रीशियन को लेकर होने वाले आयोजनों में विशेष योगदान। 2008तक चंडीगढ़ पीजीआई में बतौर डायटिशियन भी सेवाएं दे चुकी हैं। फूड एंड न्यूट्रीशियन को लेकर किए गए कार्यों के लिए प्रदेश सरकार सम्मानित कर चुकी है।
नरेश कुमार, वरिष्ठ प्राध्यापक, जिला शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण संस्थान
- शैक्षणिक तकनीकी विंग के इंचार्ज होने के नाते कोरोना काल में स्कूली बच्चों तक पहुंचने वाली शिक्षण सामग्री तैयार करने में विशेष योगदान रहा। 25 से ज्यादा शिक्षण सामग्री प्रदेश सरकार के दीक्षा एप और एजूसेट के लिए तैयार की। मधुबन पुलिस अकादमी में कई प्रशिक्षण कार्यक्रम में इनकी सेवाएं ली जाती हैं।ऑनलाइन पढ़ाई में ई-कंटेंट तैयार करने के लिए 13 सॉफ्टवेयर भी इनकी ओर से उपलब्ध कराए गए।
लोकेश, जेबीटी (राजकीय स्कूल चोरपुरा)
- प्रदेश सरकार की योजना के अनुसार, करनाल खंड को सक्षम बनाने में विशेष योगदान रहा। इसके लिए स्वतंत्रता दिवस समारोह पर भी प्रशासन की ओर से सम्मानित किया गया।
सुनील कुमार कुशवाहा (टीजीटी विज्ञान) दिल्ली पब्लिक स्कूल
- स्कूल के सबसे विश्वसनीय शिक्षक हैं। स्कूल के महत्वपूर्ण विभागों को संभालते हैं। उनके संचार कौशल और शिक्षण प्रणाली से स्कूल के सभी विद्यार्थी प्रभावित हैं। परीक्षा परिणाम भी बेहतर रहा है।
सुषमा देवगन, प्रिंसिपल, दयाल सिंह पब्लिक स्कूल
- शैक्षणिक एवं सहायक गतिविधियों के द्वारा विद्यार्थियों के शारीरिक तथा मानसिक विकास को बढ़ावा देने के लिए कार्य किया। शिक्षकों के प्रयास, विद्यार्थियों के परिश्रम और अभिभावकों के सहयोग से बोर्ड परीक्षा का परिणाम भी बेहतर है।
सविता सिंगला, प्रिंसिपल, हरियाणा मॉडर्न सीनियर सेकेंडरी स्कूल बड़ागांव
- स्कूल मुखिया होने के नाते यहां तो शिक्षण के लिए विशेष कार्य कर ही रही हैं। इसके अतिरिक्त ग्रामीण व पिछड़े क्षेत्रों के पढ़ाई से अछूते बच्चों को पढ़ाने और प्रौढ़ शिक्षा के लिए कार्य कर रही हैं।
हितेश सरदाना, टी आई एम ई, अकादमी
- 22 साल से अधिक समय से एमबीए, कैट, आईआईटी जेईई, लॉ और विभिन्न सरकारी नौकरियों की जीवन बदलने वाली शीर्ष प्रवेश परीक्षा के लिए विद्यार्थियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं। वे स्वयं भी कैट के क्वांट सेक्शन में कई बार 99.99 प्रतिशत स्कोर प्राप्त कर चुके हैं।
रविकांत स्नेही, रॉयल एंड विविड एकेडमी
- कुछ वर्ष पूर्व जब प्रतियोगी परीक्षाएं जिले के ज्यादा बच्चे पास नहीं कर पाते थे। तो इन्होंने शहर के एक प्रतिष्ठित स्कूल में तीन साल पढ़ाने के बाद रिटायरमेंट ली और अब अपना संस्थान चला रहे हैं। यहां से कई विद्यार्थी पढ़कर अपने लक्ष्य को प्राप्त कर चुके हैं।
राजीव चोपड़ा, आरसी क्लासिस
- करनाल में किराये के भवन से एक केंद्र खोलकर शिक्षण कार्य की शुरुआत की। विद्यार्थियों की सफलता के साथ आज संस्थान की कई इकाईयां भी चल रही हैं। विद्यार्थियों की शंकाओं को दूर करते हुए उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराते हैं।
विवेक सिंह, आईसीएसएसएसआर नई दिल्ली के सीईओ
-समाज के असहाय और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए अनुसूचित जाति अत्याचार उन्मूलन सतर्कता समिति का गठन किया गया। इसके माध्यम से एक हजार से अधिक विद्यार्थियों का चयन सरकारी नौकरी व बैंकिंग क्षेत्र में हुआ है।
निशा सिंह, चेयरमैन, दिशा-दीया एजूकेशन ट्रस्ट
- संस्था द्वारा पांच सालों से करनाल, झज्जर और भोपाल में अनुसूचित जाति व पिछड़ी जाति के बच्चों के लिए निशुल्क आईआईटी, जेईई और नीट की कोचिंग दी जा रही है। सभी को शिक्षित कर जीवन में सफल बनाना इनका उद्देश्य है।
अम्बरीश कुमार राय, चेयरमैन, वॉलेंटियर्स इनिशिएटिव फार सिटिजंस एम्पावरमेंट
- संस्था प्रदेश के एससी और बीसी वर्ग के विद्यार्थियों को निशुल्क कोचिंग प्रदान कर रही है। जीटी बेल्ट पर करनाल, पानीपत और कुरुक्षेत्र जिले में संस्था का विशेष योगदान है।
जितेंद्र अहलावत, निदेशक, जेनेसिस क्लासिस
- संस्थान की ओर से जेईई और नीट की कोचिंग दी जाती है। कोरोना काल में जिन परिवारों पर रोजगार का संकट आया और जिनके सिर से माता पिता का साया उठ गया, ऐसे बच्चों को निशुल्क कोचिंग दी जा रही है। संस्थान के प्रतिनिधि प्रमोद ने सम्मान ग्रहण किया।
शुभम सिद्धर, निदेशक, एक्सपर्ट क्लासिस
- शिक्षण क्षेत्र में काई सालों से अपना योगदान दे रहे हैं। गणित विषय में कोचिंग के आधार पर कई विद्यार्थियों ने परीक्षा परिणाम में शानदार प्रदर्शन किया। इसके लिए प्रदेश के शिक्षा मंत्री भी सम्मानित कर चुके हैं।
इन्हें ऑनलाइन पढ़ाई के लिए यू-ट्यूब चैनल बनाने पर स्वतंत्रता दिवस समारोह पर घरौंडा के एसडीएम ने सम्मानित किया था। इससे पहले सरकार की योजना सक्षम प्लस में बेहतर कार्य करने पर शिक्षा विभाग की ओर से सम्मानित किया जा चुका है। समय के बदलाव के साथ कोरोना काल में बच्चों को कठपुतली के माध्यम से, फेस इमेजेस का प्रयोग करके और नाटक के माध्यम से पढ़ाना शुरू किया।
मोहन सिंह, पीजीटी भूगोल, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कैमला
पिछले 19 साल से इनका बोर्ड परीक्षा का परिणाम शत प्रतिशत है। इसके लिए वे बच्चों की रोजाना अतिरिक्त कक्षाएं भी लेते हैं। कोरोना काल में कोविड हेल्थ सर्वे में प्रशासन की ओर से इनकी ड्यूटी लगाई गई थी, जिसे इन्होंने अच्छे ढंग से निभाया।
ज्योति रानी, जेबीटी, राजकीय प्राथमिक पाठशाला कोहंड
कोरोना काल में इन्होंने अलग अलग विषयों पर कई वीडियो लेक्चर तैयार किए। इस साल इनकी कई वीडियो प्रदेश शिक्षा विभाग की अवसर एप और ई-विद्यालय पर भी चलाए गए। वर्ष 2020-21 में इनके शैक्षणिक वीडियो सरकार के घर से पढ़ाओ अभियान के तहत चुने गए।
रजनी वर्मा, होम साइंस पीजीटी, राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल करनाल
- जिला शिक्षा विभाग द्वारा बच्चों के लिए न्यूट्रीशियन को लेकर होने वाले आयोजनों में विशेष योगदान। 2008तक चंडीगढ़ पीजीआई में बतौर डायटिशियन भी सेवाएं दे चुकी हैं। फूड एंड न्यूट्रीशियन को लेकर किए गए कार्यों के लिए प्रदेश सरकार सम्मानित कर चुकी है।
नरेश कुमार, वरिष्ठ प्राध्यापक, जिला शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण संस्थान
- शैक्षणिक तकनीकी विंग के इंचार्ज होने के नाते कोरोना काल में स्कूली बच्चों तक पहुंचने वाली शिक्षण सामग्री तैयार करने में विशेष योगदान रहा। 25 से ज्यादा शिक्षण सामग्री प्रदेश सरकार के दीक्षा एप और एजूसेट के लिए तैयार की। मधुबन पुलिस अकादमी में कई प्रशिक्षण कार्यक्रम में इनकी सेवाएं ली जाती हैं।ऑनलाइन पढ़ाई में ई-कंटेंट तैयार करने के लिए 13 सॉफ्टवेयर भी इनकी ओर से उपलब्ध कराए गए।
लोकेश, जेबीटी (राजकीय स्कूल चोरपुरा)
- प्रदेश सरकार की योजना के अनुसार, करनाल खंड को सक्षम बनाने में विशेष योगदान रहा। इसके लिए स्वतंत्रता दिवस समारोह पर भी प्रशासन की ओर से सम्मानित किया गया।
सुनील कुमार कुशवाहा (टीजीटी विज्ञान) दिल्ली पब्लिक स्कूल
- स्कूल के सबसे विश्वसनीय शिक्षक हैं। स्कूल के महत्वपूर्ण विभागों को संभालते हैं। उनके संचार कौशल और शिक्षण प्रणाली से स्कूल के सभी विद्यार्थी प्रभावित हैं। परीक्षा परिणाम भी बेहतर रहा है।
सुषमा देवगन, प्रिंसिपल, दयाल सिंह पब्लिक स्कूल
- शैक्षणिक एवं सहायक गतिविधियों के द्वारा विद्यार्थियों के शारीरिक तथा मानसिक विकास को बढ़ावा देने के लिए कार्य किया। शिक्षकों के प्रयास, विद्यार्थियों के परिश्रम और अभिभावकों के सहयोग से बोर्ड परीक्षा का परिणाम भी बेहतर है।
सविता सिंगला, प्रिंसिपल, हरियाणा मॉडर्न सीनियर सेकेंडरी स्कूल बड़ागांव
- स्कूल मुखिया होने के नाते यहां तो शिक्षण के लिए विशेष कार्य कर ही रही हैं। इसके अतिरिक्त ग्रामीण व पिछड़े क्षेत्रों के पढ़ाई से अछूते बच्चों को पढ़ाने और प्रौढ़ शिक्षा के लिए कार्य कर रही हैं।
हितेश सरदाना, टी आई एम ई, अकादमी
- 22 साल से अधिक समय से एमबीए, कैट, आईआईटी जेईई, लॉ और विभिन्न सरकारी नौकरियों की जीवन बदलने वाली शीर्ष प्रवेश परीक्षा के लिए विद्यार्थियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं। वे स्वयं भी कैट के क्वांट सेक्शन में कई बार 99.99 प्रतिशत स्कोर प्राप्त कर चुके हैं।
रविकांत स्नेही, रॉयल एंड विविड एकेडमी
- कुछ वर्ष पूर्व जब प्रतियोगी परीक्षाएं जिले के ज्यादा बच्चे पास नहीं कर पाते थे। तो इन्होंने शहर के एक प्रतिष्ठित स्कूल में तीन साल पढ़ाने के बाद रिटायरमेंट ली और अब अपना संस्थान चला रहे हैं। यहां से कई विद्यार्थी पढ़कर अपने लक्ष्य को प्राप्त कर चुके हैं।
राजीव चोपड़ा, आरसी क्लासिस
- करनाल में किराये के भवन से एक केंद्र खोलकर शिक्षण कार्य की शुरुआत की। विद्यार्थियों की सफलता के साथ आज संस्थान की कई इकाईयां भी चल रही हैं। विद्यार्थियों की शंकाओं को दूर करते हुए उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराते हैं।
विवेक सिंह, आईसीएसएसएसआर नई दिल्ली के सीईओ
-समाज के असहाय और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए अनुसूचित जाति अत्याचार उन्मूलन सतर्कता समिति का गठन किया गया। इसके माध्यम से एक हजार से अधिक विद्यार्थियों का चयन सरकारी नौकरी व बैंकिंग क्षेत्र में हुआ है।
निशा सिंह, चेयरमैन, दिशा-दीया एजूकेशन ट्रस्ट
- संस्था द्वारा पांच सालों से करनाल, झज्जर और भोपाल में अनुसूचित जाति व पिछड़ी जाति के बच्चों के लिए निशुल्क आईआईटी, जेईई और नीट की कोचिंग दी जा रही है। सभी को शिक्षित कर जीवन में सफल बनाना इनका उद्देश्य है।
अम्बरीश कुमार राय, चेयरमैन, वॉलेंटियर्स इनिशिएटिव फार सिटिजंस एम्पावरमेंट
- संस्था प्रदेश के एससी और बीसी वर्ग के विद्यार्थियों को निशुल्क कोचिंग प्रदान कर रही है। जीटी बेल्ट पर करनाल, पानीपत और कुरुक्षेत्र जिले में संस्था का विशेष योगदान है।
जितेंद्र अहलावत, निदेशक, जेनेसिस क्लासिस
- संस्थान की ओर से जेईई और नीट की कोचिंग दी जाती है। कोरोना काल में जिन परिवारों पर रोजगार का संकट आया और जिनके सिर से माता पिता का साया उठ गया, ऐसे बच्चों को निशुल्क कोचिंग दी जा रही है। संस्थान के प्रतिनिधि प्रमोद ने सम्मान ग्रहण किया।
शुभम सिद्धर, निदेशक, एक्सपर्ट क्लासिस
- शिक्षण क्षेत्र में काई सालों से अपना योगदान दे रहे हैं। गणित विषय में कोचिंग के आधार पर कई विद्यार्थियों ने परीक्षा परिणाम में शानदार प्रदर्शन किया। इसके लिए प्रदेश के शिक्षा मंत्री भी सम्मानित कर चुके हैं।