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कल 100 साल बाद 3 घंटे 55 मिनट लंबे चंद्र ग्रहण का आस्ट्रेलिया, यूरोप, एशिया में भी रहेगा असर
Updated Thu, 26 Jul 2018 01:33 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। 27 जुलाई गुरु पूर्णिमा को सबसे लंबे समय तक चंद्र ग्रहण रहेगा, जो 3 घंटे 55 मिनट का होगा। इतने लंबे समय तक चंद्र ग्रहण लगभग 100 साल बाद दिखाई देगा। इस चंद्र ग्रहण की विशेष बात यह है कि यह 27 जुलाई और 28 जुलाई दो दिन रहेगा और भारत के साथ-साथ विदेशों में भी दिखाई देगा। सेक्टर-7 कर्णेश्वरम मंदिर के पंडित पष्ठी बल्लभ ने बताया कि 2075वें वर्ष में केवल एक ही चंद्र ग्रहण लगेगा। जो आषाढ़ मास शुक्रवार को प्रीति योग में घटित होगा। यह चंद्र ग्रहण 27 जुलाई गुरु पूर्णिमा के दिन रात 11:54 बजे से लेकर 28 जुलाई सुबह 3:49 बजे तक रहेगा। इससे पहले 27 जुलाई दोपहर के बाद 2:55 से सूतक काल शुरू हो जाएगा। इतना लंबा चंद्र ग्रहण लगभग 100 साल लगेगा। इस चंद्र ग्रहण का असर भारत के साथ-साथ एशिया, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका आदि देशों में भी दिखाई देगा। इतने लंबे चंद्र ग्रहण में लोगों को सावधानी बरतनी बहुत आवश्यक है। आमतौर पर चंद्र ग्रहण दो घंटे के आसपास का ही होता है।
28 जुलाई को ही खुलेगा पूर्णिमा का व्रत
पंडित पष्ठी ने बताया कि 27 जुलाई को पूर्णिमा का व्रत भी है और दोपहर बाद सूतक काल शुरू हो जाएगा। ऐसे में जो श्रद्धालु पूर्णिमा का व्रत रखेंगे। उन्होंने दोपहर तक ही पूजा अर्चना करनी पड़ेगी, क्योंकि सूतक काल शुरू होने पर तो मंदिरों में भी पूजा अर्चना नहीं होगी। इस लिए दोपहर को सूतक काल से पहले ही सभी कार्य करने होंगे। इसके साथ ही व्रतधारियों को 28 जुलाई सुबह 3.55 बजे के बाद ही अपना व्रत खोलना पड़ेगा। इस लिए सभी व्यक्ति दोपहर तक अपना सारा कार्य कर लें।
गर्भवती महिलाएं बरतें सावधानी
पंडित ने बताया कि ग्रहण के समय सूतक काल लग जाता है। इस समय भोजन आदि करना निषेध माना गया है। इस लिए सूतक काल में बाल, वृद्धों और रोगियों को छोड़कर सभी को भोजन का त्याग करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को सूतक काल में सावधानी बरतनी चाहिए, गर्भवती महिलाएं ग्रहण के समय ज्यादातर कमरे में ही रहें और भगवान का नाम लें। हो सके तो चंद्र ग्रहण के दौरान जल, भोजन व सोए भी नहीं। अपने पास गर्भवती महिलाएं लोहे की धातु कैंची, चाकू आदि रखें। इसके अलावा गुरु पूर्णिमा का व्रत रखने वाले लोगों को सूतक काल प्रारंभ होने से पहले पूजा-अर्चना समाप्त कर लेनी चाहिए। साथ ही ग्रहण के सूतक काल के शुुरू होने के बाद जल, भोजन, नींद और किसी भी देव प्रतिमा का स्पर्श आदि कार्य नहीं करने चाहिए।
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जानिए किसी राशि पर रहेगा चंद्र ग्रहण का असर
शुभ अशुभ सामान्य
मिथुन मेष वृष
तुला सिंह कर्क
वृश्चिक धनु कन्या
मीन मकर कुंभ
चंद्र ग्रहण
स्पर्श - 11.54 बजे रात 27 जुलाई
मध्य - 01.52 बजे 28 जुलाई
मोक्ष - 03.49 बजे सुबह 28 जुलाई
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करनाल। 27 जुलाई गुरु पूर्णिमा को सबसे लंबे समय तक चंद्र ग्रहण रहेगा, जो 3 घंटे 55 मिनट का होगा। इतने लंबे समय तक चंद्र ग्रहण लगभग 100 साल बाद दिखाई देगा। इस चंद्र ग्रहण की विशेष बात यह है कि यह 27 जुलाई और 28 जुलाई दो दिन रहेगा और भारत के साथ-साथ विदेशों में भी दिखाई देगा। सेक्टर-7 कर्णेश्वरम मंदिर के पंडित पष्ठी बल्लभ ने बताया कि 2075वें वर्ष में केवल एक ही चंद्र ग्रहण लगेगा। जो आषाढ़ मास शुक्रवार को प्रीति योग में घटित होगा। यह चंद्र ग्रहण 27 जुलाई गुरु पूर्णिमा के दिन रात 11:54 बजे से लेकर 28 जुलाई सुबह 3:49 बजे तक रहेगा। इससे पहले 27 जुलाई दोपहर के बाद 2:55 से सूतक काल शुरू हो जाएगा। इतना लंबा चंद्र ग्रहण लगभग 100 साल लगेगा। इस चंद्र ग्रहण का असर भारत के साथ-साथ एशिया, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका आदि देशों में भी दिखाई देगा। इतने लंबे चंद्र ग्रहण में लोगों को सावधानी बरतनी बहुत आवश्यक है। आमतौर पर चंद्र ग्रहण दो घंटे के आसपास का ही होता है।
28 जुलाई को ही खुलेगा पूर्णिमा का व्रत
पंडित पष्ठी ने बताया कि 27 जुलाई को पूर्णिमा का व्रत भी है और दोपहर बाद सूतक काल शुरू हो जाएगा। ऐसे में जो श्रद्धालु पूर्णिमा का व्रत रखेंगे। उन्होंने दोपहर तक ही पूजा अर्चना करनी पड़ेगी, क्योंकि सूतक काल शुरू होने पर तो मंदिरों में भी पूजा अर्चना नहीं होगी। इस लिए दोपहर को सूतक काल से पहले ही सभी कार्य करने होंगे। इसके साथ ही व्रतधारियों को 28 जुलाई सुबह 3.55 बजे के बाद ही अपना व्रत खोलना पड़ेगा। इस लिए सभी व्यक्ति दोपहर तक अपना सारा कार्य कर लें।
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गर्भवती महिलाएं बरतें सावधानी
पंडित ने बताया कि ग्रहण के समय सूतक काल लग जाता है। इस समय भोजन आदि करना निषेध माना गया है। इस लिए सूतक काल में बाल, वृद्धों और रोगियों को छोड़कर सभी को भोजन का त्याग करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को सूतक काल में सावधानी बरतनी चाहिए, गर्भवती महिलाएं ग्रहण के समय ज्यादातर कमरे में ही रहें और भगवान का नाम लें। हो सके तो चंद्र ग्रहण के दौरान जल, भोजन व सोए भी नहीं। अपने पास गर्भवती महिलाएं लोहे की धातु कैंची, चाकू आदि रखें। इसके अलावा गुरु पूर्णिमा का व्रत रखने वाले लोगों को सूतक काल प्रारंभ होने से पहले पूजा-अर्चना समाप्त कर लेनी चाहिए। साथ ही ग्रहण के सूतक काल के शुुरू होने के बाद जल, भोजन, नींद और किसी भी देव प्रतिमा का स्पर्श आदि कार्य नहीं करने चाहिए।
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शुभ अशुभ सामान्य
मिथुन मेष वृष
तुला सिंह कर्क
वृश्चिक धनु कन्या
मीन मकर कुंभ
चंद्र ग्रहण
स्पर्श - 11.54 बजे रात 27 जुलाई
मध्य - 01.52 बजे 28 जुलाई
मोक्ष - 03.49 बजे सुबह 28 जुलाई