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ार्डबंदी की आपतियों पर अधिकारियों के छूटे पसीने
Updated Wed, 16 May 2018 12:48 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
विकास सदन में वार्डबंदी की आपत्तियों पर सुनवाई शुरू हो गई। पहले दिन एसडीएम नरेंद्र मलिक ने 19 आपत्तियां सुनी। लोगों ने वार्डबंदी के सर्वे को ही फर्जी करार दिया। आरोप लगाया कि सर्वे की लिस्ट में खामियां ही खामियां हैं। एजेंसी ने लोगों के फर्जी हस्ताक्षर किए हैं। आंकड़े भी सही नहीं हैं। आपत्ति दर्ज कराने वालों ने अधिकारियों के सामने प्रूफ भी रखे। बाहर आने के बाद आरोप लगाया कि आपत्तियों पर ठीक से सुनवाई ही नहीं की जा रही रही है अधिकारी सिर्फ खानापूर्ती कर रहे हैं। चेतावनी दी कि जनसंख्या सर्वे और वार्डबंदी की गलतियों को सही नहीं किया गया तो वे इस हाईकोर्ट जाएंगे। अधिकारियों ने कहा कि अभी सिर्फ आपत्तियों पर सुनवाई हो रही है, बाद में इस पर निर्णय होगा। वार्डबंदी पर 52 आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। एसडीएम करनाल की अध्यक्षता में कमेटी मंगलवार से इन पर सुनवाई कर रही है। यह तीन दिन चलेगी।
अधिकारी मानने को तैयार नहीं : रणवीर
आपत्ति दर्ज कराने वाले अधिकतर व्यक्ति अधिकारियों के तर्कों से संतुष्ट नहीं थे। लोगों को सबसे ज्यादा आपत्ति जनसंख्या सर्वे को लेकर था। वार्ड एक से आपत्ति दर्ज कराने वाले बसंत बिहार विकास समिति के प्रधान रणवीर सिंह, पूर्व प्रधान सुभाष शर्मा, रवि कुमार, एमएस खान ने बताया कि वार्डबंदी की जनसंख्या सर्वे के तहत हमारी कॉलोनी में जो जनसंख्या दिखाई गई है, वह सही जनसंख्या से 50 फीसदी कम है। अधिकारी मानने को तैयार ही नहीं है। रणवीर सिंह ने कहा कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अनुसार कॉलोनी की जनसंख्या 13287 है, वहीं वार्डबंदी की सर्वे के अनुसार कॉलोनी में जनसंख्या 7886 बताया गया है। अधिकारियों ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के आंकड़ों को ही फर्जी बता दिया।
जीटी रोड पार की कालोनी जोड़ दी
वार्ड 1 के विनय पोसवाल ने कहा कि इस वार्डबंदी में जीटी रोड को पार कर इंद्रा कॉलोनी को वार्ड 1 में जोड़ा गया है, जो कि नियमानुसार नहीं हो सकता, इसके अलावा मंगलपुर कॉलोनी को भी वार्ड 2 से हटाकर वार्ड 1 में शामिल किया गया है। इसलिए इस वार्ड का एरिया 20 से 25 किलोमीटर हो गया है।
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परिवार में 14 सदस्य, सर्वे में दिखाए 6
आपत्तियों पर सुनवाई के दौरान सबसे ज्यादा विवाद जनसंख्या सर्वे पर ही हुआ। लोगों ने सर्वे को फर्जी बताया। अधिकारी इसपर कुछ बोलने की जगह चुप्पी साध गए। कैलाश गांव के वीरम पोसवाल ने पूरे जनसंख्या सर्वे को फर्जी बताते हुए कहा कि उनके गांव में 2768 वोट हैं, लेकिन दिखाया सिर्फ 1500। उन्होंने कहा कि खुद मेरे परिवार में ही 8 सदस्य हैं, लेकिन दिखाया सिर्फ चार, वहीं हस्ताक्षर की जगह पर फर्जी हस्ताक्षर किए गए। इसी गांव के प्रवीन ने कहा कि उनके परिवार में 14 सदस्य हैं, लेकिन दिखाया सिर्फ 6, प्रवीन ने कहा कि सर्वे के आंकड़ों में जब हस्ताक्षर की जांच की तो सभी हस्ताक्षर फर्जी मिले, लेकिन इसके बाद भी अधिकारी सर्वे कंपनी की गलती मानने को तैयार नहीं हैं।
मनमानी कर रहे अधिकारी
आपत्ति दर्ज कराने वाले लोगों ने कहा कि उनकी बात नहीं सुनी जा रही है। अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। झंझाड़ी के नवीन ने कहा कि उनके गांव में 700 की जनसंख्या और 56 वोट कम दिखाए गए हैं। इसपर एसडीएम से जवाब मांगा तो उन्होंने कहा कि सब सही है, वार्डबंदी में कम जनसंख्या और वोट कोई मायने नहीं रखते। नवीन ने कहा कि यहां सिर्फ खानापूर्ती की जा रही है।
कालोनी ही गलत दिखाई
वार्ड 16 के राजकुमार वालिया, प्रदीप अरोड़ा और प्रशांत दुआ ने बताया कि उनके वार्ड में गप्पू वाला बाग नाला पार है, लेकिन वार्डबंदी के नक्शे में उसे वार्ड 14 में कैथल पुल के नीचे राजीव कॉलोनी की जगह पर दिखाया गया है और राजीव कॉलोनी को गप्पुवाला बाग की जगह पर दिखाया गया। पहले अधिकारी बात सुनने को तैयार नहीं हुए, जोर देने पर एसडीएम ने मौका मुआयना करने की बात कही।
एसडीएम नरेंद्र मलिक नेे कहा कि अगर जनसंख्या सर्वे गलत है तो उसको सही करने का काम नगर निगम का है। यहां पर वार्डबंदी पर सुनवाई हो रही। उन्होंने कहा कि अभी तक किसी भी आपत्ति पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। सुनवाई पूरी होने के बाद कमेटी इसपर निर्णय लेगी।
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विकास सदन में वार्डबंदी की आपत्तियों पर सुनवाई शुरू हो गई। पहले दिन एसडीएम नरेंद्र मलिक ने 19 आपत्तियां सुनी। लोगों ने वार्डबंदी के सर्वे को ही फर्जी करार दिया। आरोप लगाया कि सर्वे की लिस्ट में खामियां ही खामियां हैं। एजेंसी ने लोगों के फर्जी हस्ताक्षर किए हैं। आंकड़े भी सही नहीं हैं। आपत्ति दर्ज कराने वालों ने अधिकारियों के सामने प्रूफ भी रखे। बाहर आने के बाद आरोप लगाया कि आपत्तियों पर ठीक से सुनवाई ही नहीं की जा रही रही है अधिकारी सिर्फ खानापूर्ती कर रहे हैं। चेतावनी दी कि जनसंख्या सर्वे और वार्डबंदी की गलतियों को सही नहीं किया गया तो वे इस हाईकोर्ट जाएंगे। अधिकारियों ने कहा कि अभी सिर्फ आपत्तियों पर सुनवाई हो रही है, बाद में इस पर निर्णय होगा। वार्डबंदी पर 52 आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। एसडीएम करनाल की अध्यक्षता में कमेटी मंगलवार से इन पर सुनवाई कर रही है। यह तीन दिन चलेगी।
अधिकारी मानने को तैयार नहीं : रणवीर
आपत्ति दर्ज कराने वाले अधिकतर व्यक्ति अधिकारियों के तर्कों से संतुष्ट नहीं थे। लोगों को सबसे ज्यादा आपत्ति जनसंख्या सर्वे को लेकर था। वार्ड एक से आपत्ति दर्ज कराने वाले बसंत बिहार विकास समिति के प्रधान रणवीर सिंह, पूर्व प्रधान सुभाष शर्मा, रवि कुमार, एमएस खान ने बताया कि वार्डबंदी की जनसंख्या सर्वे के तहत हमारी कॉलोनी में जो जनसंख्या दिखाई गई है, वह सही जनसंख्या से 50 फीसदी कम है। अधिकारी मानने को तैयार ही नहीं है। रणवीर सिंह ने कहा कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अनुसार कॉलोनी की जनसंख्या 13287 है, वहीं वार्डबंदी की सर्वे के अनुसार कॉलोनी में जनसंख्या 7886 बताया गया है। अधिकारियों ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के आंकड़ों को ही फर्जी बता दिया।
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जीटी रोड पार की कालोनी जोड़ दी
वार्ड 1 के विनय पोसवाल ने कहा कि इस वार्डबंदी में जीटी रोड को पार कर इंद्रा कॉलोनी को वार्ड 1 में जोड़ा गया है, जो कि नियमानुसार नहीं हो सकता, इसके अलावा मंगलपुर कॉलोनी को भी वार्ड 2 से हटाकर वार्ड 1 में शामिल किया गया है। इसलिए इस वार्ड का एरिया 20 से 25 किलोमीटर हो गया है।
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परिवार में 14 सदस्य, सर्वे में दिखाए 6
आपत्तियों पर सुनवाई के दौरान सबसे ज्यादा विवाद जनसंख्या सर्वे पर ही हुआ। लोगों ने सर्वे को फर्जी बताया। अधिकारी इसपर कुछ बोलने की जगह चुप्पी साध गए। कैलाश गांव के वीरम पोसवाल ने पूरे जनसंख्या सर्वे को फर्जी बताते हुए कहा कि उनके गांव में 2768 वोट हैं, लेकिन दिखाया सिर्फ 1500। उन्होंने कहा कि खुद मेरे परिवार में ही 8 सदस्य हैं, लेकिन दिखाया सिर्फ चार, वहीं हस्ताक्षर की जगह पर फर्जी हस्ताक्षर किए गए। इसी गांव के प्रवीन ने कहा कि उनके परिवार में 14 सदस्य हैं, लेकिन दिखाया सिर्फ 6, प्रवीन ने कहा कि सर्वे के आंकड़ों में जब हस्ताक्षर की जांच की तो सभी हस्ताक्षर फर्जी मिले, लेकिन इसके बाद भी अधिकारी सर्वे कंपनी की गलती मानने को तैयार नहीं हैं।
मनमानी कर रहे अधिकारी
आपत्ति दर्ज कराने वाले लोगों ने कहा कि उनकी बात नहीं सुनी जा रही है। अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। झंझाड़ी के नवीन ने कहा कि उनके गांव में 700 की जनसंख्या और 56 वोट कम दिखाए गए हैं। इसपर एसडीएम से जवाब मांगा तो उन्होंने कहा कि सब सही है, वार्डबंदी में कम जनसंख्या और वोट कोई मायने नहीं रखते। नवीन ने कहा कि यहां सिर्फ खानापूर्ती की जा रही है।
कालोनी ही गलत दिखाई
वार्ड 16 के राजकुमार वालिया, प्रदीप अरोड़ा और प्रशांत दुआ ने बताया कि उनके वार्ड में गप्पू वाला बाग नाला पार है, लेकिन वार्डबंदी के नक्शे में उसे वार्ड 14 में कैथल पुल के नीचे राजीव कॉलोनी की जगह पर दिखाया गया है और राजीव कॉलोनी को गप्पुवाला बाग की जगह पर दिखाया गया। पहले अधिकारी बात सुनने को तैयार नहीं हुए, जोर देने पर एसडीएम ने मौका मुआयना करने की बात कही।
एसडीएम नरेंद्र मलिक नेे कहा कि अगर जनसंख्या सर्वे गलत है तो उसको सही करने का काम नगर निगम का है। यहां पर वार्डबंदी पर सुनवाई हो रही। उन्होंने कहा कि अभी तक किसी भी आपत्ति पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। सुनवाई पूरी होने के बाद कमेटी इसपर निर्णय लेगी।